Wednesday, July 29, 2026
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Assam Congress Manifesto : राहुल गांधी ने चुनावी रैली के दौरान जारी किया असम के लिए घोषणापत्र, 11 क्षेत्रों पर फोकस

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Assam Congress Manifesto :  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र में शासन, पहचान और स्वास्थ्य जैसे 11 क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। यह घोषणा पत्र एक चुनावी रैली के दौरान जारी किया गया, जिसमें राहुल गांधी के साथ असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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घोषणापत्र में 11 क्षेत्रों पर फोकस

घोषणा पत्र में कुल 11 संकल्प शामिल हैं- शासन, पहचान, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा विकास, औद्योगीकरण, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षित असम। कांग्रेस ने इससे पहले 29 मार्च को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के दौरान ‘पांच गारंटी’ भी जारी की थीं

राज्य में कब होगा मतदान?

126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि इसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

रैली में राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, असम फूलों का एक गुलदस्ता है, जिसमें अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधारा के लोग रहते हैं। कांग्रेस की सोच है- हिंदुस्तान की जनता के हाथ में असली ताकत हो, देश को चलाने में हर वर्ग को भागीदारी मिले। दूसरी तरफ भाजपा की विचारधारा है कि असम को दिल्ली से चलाया जाए- यही लड़ाई चल रही है।

उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी 244 (ए) लेकर आई थी, क्योंकि हमारी सोच है कि असम को न गुवाहाटी से चलाया जाए और न दिल्ली से। 244 (ए) से असम की जनता को ताकत मिलती है और ये उन्हें फैसले लेने की शक्ति देता है। कांग्रेस और भाजपा में यही फर्क है।

कांग्रेस नेता ने कहा, (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) को (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप नियंत्रित करते हैं। ट्रंप सरेआम नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहते हैं। वह कहते हैं- नरेंद्र मुझे सर बुलाते हैं। मैं उनका करियर कभी भी खत्म कर सकता हूं। सच्चाई ये है कि (उद्योगपति गौतम) अदाणी और (यौन अपराधी जेफरी) एपस्टीन, ट्रंप ने इन दो हथियारों से नरेंद्र मोदी को पकड़ रखा है और मोदी कुछ भी नहीं कर सकते। ट्रंप के पास मोदी के भ्रष्टाचार और अदाणी की कंपनियों की पूरी जानकारी है। अदाणी पर अमेरिका में आपराधिक मुकदमा चल रहा है। अगर अदाणी अमेरिका चले गए, तो उन्हें जेल में डाल देंगे और नरेंद्र मोदी का गुब्बारा वहीं फट जाएगा।

हिमंत बिस्व सरमा को बताया सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री

राहुल गांधी (Assam Congress Manifesto) ने आरोप लगाते हुए कहा, असम के मुख्यमंत्री हिंदुस्तान के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं। इनका नियंत्रण नरेंद्र मोदी और शाह के हाथ में है। अगर नरेंद्र मोदी इनसे कहेंगे कि उछलो तो यह उछलेंगे। अगर नरेंद्र मोदी इनसे कहें कि अमित शाह के पैर पकड़ो, तो यह उनके पैर पकड़ेंगे। यह सच्चाई है। डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं और नरेंद्र मोदी आपके मुख्यमंत्री को नियंत्रित करते हैं।

Raghav Chadha : AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया, राज्यसभा में बोलने पर भी पाबंदी की मांग की

Raghav Chadha : AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया, राज्यसभा में बोलने पर भी पाबंदी की मांग की

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नई दिल्ली। Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखते हुए सदन में अपने डिप्टी लीडर राघव चड्ढा को उनके पद से हटाने का आग्रह किया है।

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पार्टी ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि राघव चड्ढा को आप के कोटा से बोलने का समय भी न दिया जाए। इसके साथ ही पार्टी ने एक पत्र राज्यसभा सचिवालय को लिखा है, जिसमें राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को डिप्टी स्पीकर बनाने का अनुरोध किया है।

अशोक मित्तल पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद हैं। उनका चयन अप्रैल 2022 में राज्यसभा में हुआ था। तब से ही वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। इनमें रक्षा समिति, वित्त समिति प्रमुख है। इसके साथ ही उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री ग्रुप का फरवरी 2026 में सदस्य बनाया गया।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीएमके सांसद कनीमोझी की अध्यक्षता में रूस, Latvia, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन गए ऑल पार्टी डेलिगेशन में भी अशोक मित्तल शामिल थे।

राघव चड्ढा 2022 से हैं सांसद, उठाए कई बड़े मुद्दे

राघव चड्ढा भी अप्रैल 2022 से राज्यसभा सांसद हैं। वह बीते काफी समय से अपने द्वारा संसद में उठाए गए आम आदमी के मुद्दों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

बीते महीने राघव ने पंचायत स्तर पर ‘सरपंच पति’ या ‘पंचायत पति’ के रोल पर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि पंचायत की वह सीट जो महिला सरपंचों के लिए आरक्षित होती है, वहां असली शक्ति तो उनके पतियों या पुरुष रिश्तेदारों के हाथ में होती है। उन्होंने सरकार ने मांग की है कि वह यह सुनिश्चित करें कि महिला प्रतिनिधि, संविधान के 73वें संशोधन में दिए गए उनके अधिकारों का सही उपयोग कर सकें।

राघव चड्ढा ने मेंस्ट्रल हाइजीन का मुद्दा भी संसद में उठाया था। इस मामले में उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का विषय जो भारत की 35 करोड़ से अधिक महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है।

चड्ढा ने कहा कि अगर लड़कियां सिर्फ इसलिए स्कूल छोड़ती हैं कि वहां सैनिटरी पैड्स, पानी और प्राइवेसी नहीं है तो यह उसकी निजी नहीं बल्कि सामाजिक विफलता है। उन्होंने कहा, समाज ने एक जैविक फैक्ट को सामाजिक टैबू में बदल दिया है।

बीते साल के अंतिम महीनों में और इस साल के शुरुआत में राघव गिग वर्कर्स के प्रदर्शन से भी जुड़े। उनकी तकलीफों को अच्छे से समझने के लिए राघव ने एक पूरा दिन गिग वर्कर बनकर उनके साथ ही बिताया।

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मालदा। Malda violence :  विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वैध मतदाताओं के नाम काटने के आरोप में बंगाल के मालदा जिले में हिंसा की आग फिर भड़क गई है।

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बुधवार को सुजापुर में 12 नंबर नेशनल हाईवे को बंद करने के बाद गुरुवार सुबह से ओल्ड मालदा के नारायणपुर में फिर से सड़क जाम कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने किया सड़क जाम

सुजापुर और मोथाबाड़ी की घटनाओं का असर अभी थमा भी नहीं था कि गुरुवार सुबह ओल्ड मालदा के नारायणपुर में फिर से बावल शुरू हो गया। यहां भी काफी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर बैठे हुए हैं।

इसके अलावा इसी जिले में गुरुवार को इंग्लिशबाजार के यादुपुर इलाके में भी वोटर लिस्ट से नाम कटने के विरोध में बवाल मचा ।सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय झंडा हाथ में लेकर सैकड़ों लोग सड़क जाम पर उतर आए।

पुलिस वाहन पर हमला (Malda violence)

पुलिस के मौके पर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। यादुपुर बाईपास पर उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन पर हमला बोल दिया और भारी तोड़फोड़ की। ईंटों की मार से पुलिस वाहन के ड्राइवर के सिर पर चोट आई और वह घायल हो गया।
इससे पहले बुधवार सुबह से आधी रात तक सुजापुर में नेशनल हाईवे-12 को जाम कर रखा गया।

इस बवाल की लपटें पड़ोस के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच गईं, जहां एसआइआर कार्य में लगे सात जजों को करीब 9 घंटे तक रोके रखा गया। इनमें तीन महिला न्यायाधीश भी शामिल थीं। इस अभूतपूर्व घटना पर राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस के डीजी से सख्त रिपोर्ट मांगी है।

वैध वोटर के नाम काटने का आरोप

एक प्रदर्शनकारी मोइनुल शेख ने दावा किया कि खासतौर पर अल्पसंख्यक बहुल गांवों के लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे हैं। उसने कहा पहले कहा गया था कि 2002 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम होने पर बच्चों का नाम रहेगा, लेकिन अब ‘लाजिकल डिस्क्रेपेंसी’ का हवाला देकर वैध मतदाताओं के नाम भी काट दिए जा रहे हैं।

स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जिला प्रशासन और पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलर्ट मोड पर है।

Dehradun : मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया

CM Nitish Kumar : सीएम पद से इस्तीफा देकर नीतीश कुमार लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, Z+ सिक्योरिटी मिली

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पटना। CM Nitish Kumar :  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला सामने आया है। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

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10 अप्रैल को शपथ, 13 को इस्तीफे की चर्चा

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर तारीखों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

MLC पद से पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा

नीतीश कुमार 30 मार्च को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। करीब 20 वर्षों तक परिषद के सदस्य रहने के बाद उन्होंने संक्षिप्त पत्र के जरिए पद छोड़ा।

Z+ सिक्योरिटी देने का निर्णय (CM Nitish Kumar)

गृह विभाग ने नीतीश कुमार को Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। यह सुरक्षा उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी मिलेगी।

निर्णय उनकी संवेदनशीलता और राजनीतिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है।

बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट के तहत फैसला

सरकार ने यह निर्णय बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत लिया है। इस कानून के तहत विशिष्ट व्यक्तियों को खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा प्रदान की जाती है।

गृह विभाग ने समीक्षा के बाद उन्हें इस श्रेणी के योग्य माना है।

नोटिफिकेशन में क्या कहा गया

गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया गया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

इसके अनुसार उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या होती है Z+ सिक्योरिटी

Z+ सिक्योरिटी देश की सबसे उच्च श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। यह उन नेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों को दी जाती है, जिनकी जान को खतरा होता है।

इसमें NSG, CRPF, CISF जैसी एजेंसियों के कमांडो तैनात किए जाते हैं।

April Rule 2026 : आज से बदल रहे हैं ये 7 बड़े नियम, जान लें आपकी जेब पर इनका क्या पड़ेगा असर

Dehradun : मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया

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देहरादून : Dehradun मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा व्यक्त किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की देवतुल्य जनता को समर्पित बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत (Dehradun) महत्वपूर्ण होती है और नगर निकाय कर्मचारियों की जिम्मेदारी विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा कि निकाय कर्मियों के अथक प्रयासों से ही शहरों और कस्बों में स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होती हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी और सेवा भाव को सराहते हुए इसे मानवता की उत्कृष्ट मिसाल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड  आस्था, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, यहां नगर निकायों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, विशेषकर चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं संतुष्टि को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और चरणबद्ध तरीके से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार (Dehradun) द्वारा नगर निकाय कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन करना, चारधाम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय प्रदान करना, वर्दी एवं स्नोबूट हेतु ₹2500 की सहायता, स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान, ₹5 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लागू करना, ईपीएफ एवं ईएसआई लाभ सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी करना, संविदा कर्मचारियों का वेतन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 करने के साथ ही कई और निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘अमृत योजना’, ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ एवं ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर प्रदेश के समग्र विकास को गति दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित करते हुए उनके सुरक्षा और कल्याण हेतु ‘नमस्ते योजना’ तथा ‘आयुष्मान भारत योजना’ जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक श्री सुरेन्द्र तेश्वर, सह संयोजक श्री संतोष गौरव, श्री नरेश वेद एवं अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

April Rule 2026 : आज से बदल रहे हैं ये 7 बड़े नियम, जान लें आपकी जेब पर इनका क्या पड़ेगा असर

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April Rule 2026 :  1 अप्रैल 2026 से हमारे रोजमर्रा के जीवन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार, आरबीआई और रेलवे ने बैंकिंग, टैक्स और यात्रा से जुड़े इन नए प्रावधानों को लागू कर दिया है। इन बदलावों का सीधा असर आपकी मासिक बचत, खर्च करने के तरीके और डिजिटल सुरक्षा पर पड़ेगा।

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जहां एक ओर रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के निमय में बदलाव किया है, वहीं हाईवे पर सफर करना और एटीएम से बार-बार पैसे निकालना अब महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा पैन कार्ड की सुरक्षा और इनकम टैक्स भरने की प्रक्रिया को भी पहले से अधिक ट्रांसपेरेंट और डिजिटल बनाया गया है। इसलिए आइए इन सभी बड़े बदलावों को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं ताकि आप अपनी वित्तीय योजना को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें और किसी भी तरह के जुर्माने या असुविधा से बच सकें।

1- रेलवे टिकट कैंसिलेशन और रिफंड का नया गणित

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कंफर्म टिकट को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड मिल सकेगा। बता दें कि पहले यह समय सीमा 4 घंटे की थी। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। रेलवे का मानना है कि इस नियम से अंतिम समय की अफरा-तफरी कम होगी और खाली सीटें अन्य जरूरतमंद यात्रियों को समय पर मिल सकेंगी।

2- बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में बड़ी राहत (April Rule 2026)

रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अब बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आप ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। अब आखिरी समय में प्लान बदलने पर भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी और सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।

3- FASTag हुआ महंगा और टोल पर कैश हुआ बंद

अगर आप हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, तो जान लें कि एनएचएआई (NHAI) ने फास्टटैग के सालाना पास की कीमत ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी है। इसके अलावा अब टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब आपको अनिवार्य रूप से फास्टटैग, यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए ही डिजिटल पेमेंट करना होगा। कैश की जिद करने पर अब भारी जुर्माना या दोगुनी फीस भरनी पड़ सकती है। ये निमय भी आज से ही लागू होंगे।

4- पैन कार्ड बनवाने के लिए चाहिए ज्यादा दस्तावेज (April Rule 2026)

पैन कार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। नए नियम के तहत अब आवेदन के समय वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आपके पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होकर आएगा जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। इससे पहचान की चोरी और फर्जी पैन कार्ड बनवाने जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।

5. ATM से UPI निकासी अब फ्री ट्रांजैक्शन में शामिल

अब अगर आप बिना कार्ड के एटीएम से यूपीआई (UPI) के जरिए पैसे निकालते हैं, तो सावधान हो जाएं। बैंक अब इन ट्रांजैक्शन को भी आपके महीने के ‘फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन’ की लिमिट में गिनेंगे। इसका मतलब है कि अगर आपकी फ्री लिमिट खत्म हो गई, तो यूपीआई से कैश निकालने पर भी आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह नियम डिजिटल कैश निकासी को विनियमित करने के लिए लाया गया है ताकि बैंकिंग खर्चों को नियंत्रित किया जा सके।

6. डिजिटल पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’

ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई ने अब हर डिजिटल पेमेंट के लिए सुरक्षा की दूसरी परत अनिवार्य कर दी है। अब हर ट्राजेक्शन पर ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य होगा। यानी अब ओटीपी के साथ-साथ आपको पिन, बायोमेट्रिक या फेस आईडी का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि यूपीआई में पिन और सिम बाइंडिंग के कारण यह सुरक्षा पहले से मौजूद है, लेकिन अब अन्य डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे पर भी इसे सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि आपका पैसा किसी भी स्थिति में सुरक्षित रहे।

Gas Price Hike : कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी, घरेलू गैस में नहीं हुआ कोई बदलाव

Russian Military Plane Crash : क्रीमिया में क्रैश हुआ रूस की सेना का विमान, 29 लोगों की मौत

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Russian Military Plane Crash : रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि सैन्य परिवहन विमान क्रीमिया में दुर्घटना का शिकार हो गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार 29 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

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उड़ान के दौरान अचानक कटा संपर्क

बुधवार तड़के आई रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस की समाचार एजेंसी- TASS ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया, स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार शाम लगभग छह बजे (1500 GMT) क्रीमिया के ऊपर से उड़ान भरते समय विमान से संपर्क टूट गया।

यूक्रेन के भूभाग पर बीते 12 साल से यूक्रेन का कब्जा

क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इसे लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है। एएन-26 विमान (Russian Military Plane Crash) 1960 के दशक से सेवा में है और हाल के वर्षों में ये विमान कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हो चुका है। साल 2022 में भी एक एएन-26 विमान यूक्रेन के जापोरिज्या क्षेत्र में क्रैश हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इसी तरह साल 2020 में भी ये विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 27 लोगों की मौत हुई थी।

Uttarakhand Electricity Tariff : उत्तराखंड में बिजली टैरिफ में राहत, आयोग ने 18.86 % बढ़ोतरी प्रस्ताव किया खारिज

Gas Price Hike : कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी, घरेलू गैस में नहीं हुआ कोई बदलाव

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Gas Price Hike : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, सरकारी कंपनियों की ओर से घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

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कमर्शियल सिलिंडरों के दामों में हुई यह वृद्धि सीधे तौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी का नतीजा है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर की कीमत अब 2,078.50 रुपये हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इससे पहले एक मार्च को 19 किलोग्राम के सिलिंडर पर 114.5 रुपये की वृद्धि की थी।

घरेलू एलपीजी दरों में नहीं हुआ कोई बदलाव

हालांकि, सरकार की ओर से घरेलू एलपीजी की कीमतों (Gas Price Hike) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम के सिलिंडर के लिए पिछली बार सात मार्च को 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। दिल्ली में यह सिलेंडर अब 913 रुपये में उपलब्ध है।

कैसे तय होती हैं कीमत?

सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विनिमय दर के आधार पर विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) और एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं।

वैश्विक तेल कीमतों में उछाल

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान आने से वैश्विक तेल की कीमतें लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इसी का असर एलपीजी की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल मार्च में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से ये दरें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत वर्तमान में 94.72 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। यह मूल्य वृद्धि व्यवसायों और छोटे उद्योगों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, जो ऊर्जा लागत में वृद्धि से सीधे प्रभावित होंगे।

Leander Paes in BJP : बंगाल चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस

जन-जन की सरकार, धामी सरकार के चार साल बेमिसाल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित “जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश को 401.86 करोड़ रुपये की 74 विकास योजनाओं की बड़ी सौगात दी।

इनमें 99.44 करोड़ रुपये की 33 योजनाओं का शिलान्यास और 302.42 करोड़ रुपये की 41 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी विकास योजनाओं को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रमुख लोकार्पित योजनाएं

लोकार्पण की गई योजनाओं में शहरी विकास, सीवरेज, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं

नमामि गंगे के तहत सपेरा बस्ती में 15 MLD क्षमता का एसटीपी निर्माण
आराघर चौक से मोधरोवाला और सहारनपुर चौक से पथरीबाग तक सीवर लाइन बिछाने के कार्य
इंदिरानगर, ओम सिटी, कुसुम विहार और चमन विहार क्षेत्रों में सीवरेज और जल निकासी सुधार योजनाएं
चन्दरनगर में शव विच्छेदन गृह परिसर में सीएमएसडी स्टोर और शीत श्रृंखला निर्माण
पशुलोक ऋषिकेश में हीफर रियरिंग फार्म का विस्तार
चकराता में बालिका छात्रावास और नहरों का जीर्णोद्धार
डोईवाला और आसपास क्षेत्रों में घाट निर्माण व बाढ़ सुरक्षा कार्य
विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आंतरिक मार्गों, इंटरलॉकिंग टाइल्स और सड़कों का निर्माण
कई मोटर मार्गों जैसे जगतपुर-दुधई, पैधा-मझौन, कोटी-डिमऊ, बाड़वाला-जुड्डो मटोगी आदि का अपग्रेडेशन
देहरादून के विभिन्न राजकीय इंटर कॉलेजों में भवन निर्माण
छिद्दरवाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सेलाकुई में 100 बेड का मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल
जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष शैक्षणिक और मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण

प्रमुख शिलान्यास योजनाएं

शिलान्यास की गई योजनाओं में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया—

साकेत कॉलोनी और कैनाल रोड क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क विस्तार
मसूरी क्षेत्र में बांदल नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य
सुसवा और जाखन नदी के किनारे बस्तियों की सुरक्षा योजनाएं
डोईवाला, विकासनगर और सहसपुर में नहरों का जीर्णोद्धार और सिंचाई सुधार
नागल-ज्वालापुर से डोईवाला तक सड़क चौड़ीकरण
ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्र में आंतरिक सड़कों और संपर्क मार्गों का निर्माण
राजकीय कृषि बीज भंडार और स्कूल भवनों का निर्माण
राजपुर रोड क्षेत्र में पेयजल योजना को सुदृढ़ करने की परियोजना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

 

UPCL: उत्तराखंड में बिजली दरों में 18.50% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

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देहरादून। Uttarakhand Electricity Regulatory Commission में प्रस्तावित नई विद्युत दरों को लेकर आज अंतिम जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। प्रदेश की तीनों ऊर्जा निगमों— Uttarakhand Power Corporation Limited (यूपीसीएल), Uttarakhand Jal Vidyut Nigam Limited (यूजेवीएनएल) और Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited (पिटकुल)—की ओर से दायर टैरिफ पिटीशन के आधार पर बिजली दरों में कुल 18.50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभावित है।

किस निगम ने कितना प्रस्ताव दिया

ऊर्जा निगमों के प्रस्ताव के अनुसार: यूपीसीएल ने 16.23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। पिटकुल ने करीब तीन प्रतिशत वृद्धि की मांग की है। पहली बार यूजेवीएनएल का टैरिफ प्रस्ताव माइनस 1.2 प्रतिशत रखा गया है। इन प्रस्तावों को मिलाकर कुल 18.50 प्रतिशत तक दर वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

अलग-अलग मंडलों में सुनवाई

पिछले वर्ष आयोग ने गढ़वाल मंडल में देहरादून व गोपेश्वर तथा कुमाऊं मंडल में रुद्रपुर व लोहाघाट में जनसुनवाई की थी। इस बार गढ़वाल मंडल में देहरादून के साथ कर्णप्रयाग और कुमाऊं मंडल में रुद्रपुर के साथ मुनस्यारी में जनसुनवाई आयोजित की गई है। आज की सुनवाई अंतिम मानी जा रही है।

उपभोक्ताओं को आपत्ति दर्ज कराने का मौका

आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी उपभोक्ता अपने सुझाव या आपत्ति दर्ज करा सकता है। नियामक आयोग के सचिव नीरज के अनुसार, जनसुनवाई के बाद सभी तथ्यों और आपत्तियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नई बिजली दरें 1 अप्रैल से लागू की जाएंगी।

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