Thursday, July 30, 2026
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Phooldei 2023 : सीएम धामी ने बच्चों संग भराड़ीसैंण में मनाया लोकपर्व फूलदेई

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देहरादून: Phooldei 2023  उत्तराखण्ड के लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर गुरूवार को भराड़ीसैंण स्थित मुख्यमंत्री आवास में क्षेत्र के बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को इस पावन पर्व की शुभकामना देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की संस्कृति एवं परंपराओं की पहचान में लोक पर्वों की अहम भूमिका होती है। हमें अपने लोक पर्वों एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में लागातार प्रयास करने होंगे।

Lawrence Bishnoi News : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए UP से आए थे हथियार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को अपनी लोक संस्कृति और लोक पंरपराओं से जोड़े रखने के लिए लोक पर्व फूलदेई को आने वाले समय में संस्थागत तरीके से बाल पर्व के रूप में वृहद स्तर पर प्रति वर्ष मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मनाया जाने वाला लोकपर्व ‘फुलदेई’ (Phooldei 2023) हमारी संस्कृति को उजागर करता है साथ ही यह पर्व पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए है।

‘‘फूलदेई छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार। यानी यह देहरी फूलों से सजी रहे। घर खुशियों से भरा हो। सबकी रक्षा हो। अन्न के भंडार सदैव भरे रहे। उत्तराखंड में इसे फूल संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन घरों की देहरी को फूलों से सजाया जाता है। घर-मंदिर की चौखट का तिलक करते हुए ’फूलदेई छम्मा देई’ कहकर मंगल कामना की जाती है।’’

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

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Imran Khan Arrest : 24 घंटे बाद भी इमरान खान नहीं हुई गिरफ्तार

Lawrence Bishnoi News : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए UP से आए थे हथियार

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Lawrence Bishnoi News : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक बार फिर चर्चा में है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने कई खुलासे और दावे किये हैं। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से लेकर सलमान खान तक पर उसने कई बातें कहीं। लॉरेंस बिश्नोई ने दावा किया कि उसे सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उसे इसकी जानकारी हुई। उसने कहा कि गोल्डी बराड़ ने सिद्धू मूसेवाला का मर्डर कराया। उसी ने (बराड़) सबकुछ प्लान किया।

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आखिर पंजाब में गैंगवार की क्या कहानी है? दो गैंग की लड़ाई में मूसेवाला की हत्या कैसे हो गई? पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री पॉलीवुड का गैंगवार से क्या कनेक्शन है? लॉरेंस बिश्नोई तो जेल में बंद है फिर उसका नाम इस हत्याकांड में क्यों आया? लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ कौन हैं? इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई ने क्या-क्या दावे किए?

लॉरेंस ने इंटरव्यू में कहा कि बाहर गोल्डी भाई (गैंगस्टर गोल्डी बराड़) था, उसी ने किया सारा। मैं उससे खफा था। विक्की मिड्डूखेड़ा को मैं बड़ा भाई मानता था। हमें लगता है कि वह (मूसेवाला) विक्की की हत्या में शामिल था। वह हमारे एंटी गैंग वालों को सपोर्ट करता था। जेलों में उनसे बात करता था। उसकी कांग्रेस में अच्छी पकड़ थी। तब के सीएम चन्नी से उसके अच्छे रिश्ते थे। पुलिस उसके प्रभाव में थी। वह बड़ा नाम था। हमारे विरोधियों को मजबूत कर रहा था। हम इसके खिलाफ थे। मेरा तो फोन नहीं चल रहा था। मुझे पता था। यह साजिश गोल्डी और सचिन की थी। मुझे पता जरूर था, लेकिन यह मेरी प्लानिंग नहीं थी। शक के बिनाह पर मुझे जेल काटनी पड़ रही है। शक की वजह से पचास लोग अंदर कर दिए।

क्यों हुई मूसेवाला की हत्या? (Lawrence Bishnoi News)

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में दो गैंग अक्सर आपस में टकराते रहते हैं। इसमें एक है लॉरेंस बिश्नोई गैंग और दूसरा दविंदर बंबिहा गैंग। लॉरेंस इस वक्त जेल में है। वहीं, दविंदर बंबिहा का एनकाउंटर हो चुका है। लेकिन, दोनों के गुर्गे लगातार एक दूसरे पर हमले करते रहे हैं। कहा जाता है कि सिद्धू मूसेवाला इन दोनों गैंग के बीच वर्षों से चली आ रही लड़ाई में फंसकर मारा गया।

पिछले साल आठ अगस्त को विक्की मिद्दूखेड़ा की मोहाली में हत्या हो गई थी। अकाली नेता मिद्दूखेड़ा को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का करीबी बताया जाता था। इस हत्याकांड में दविंदर बंबिहा गैंग का नाम आया। दिल्ली पुलिस ने इस हत्याकांड में कुछ शूटर्स को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने पूछताछ में सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगन प्रीत सिंह का नाम उछला।

बिश्नोई गैंग देता था धमकी, अब बदला लेने का शक

बताया गया कि शगनप्रीत ने मिद्दूखेड़ा की रेकी करने में शूटर्स की मदद की थी। हत्याकांड में नाम आने के बाद शगनप्रीत ऑस्ट्रेलिया भाग गया था। कहा जाता है कि सिद्धू मूसेवाला ने शगनप्रीत को भागने में मदद की थी। इसी वजह से मूसेवाला लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गया था। मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह का कहना है कि गैंगस्टर अक्सर रंगदारी के लिए उनके बेटे को धमका रहे थे। धमकाने वालों में लॉरेंस बिश्नोई भी शामिल था।

बंबिहा गैंग ने दी मूसेवाला का बदला लेने की धमकी, क्या बढ़ेगी गैंगवार?

मूसेवाला की हत्या के एक दिन बाद गैंगस्टर दविंदर बंबिहा गैंग की तरफ से कहा गया है कि वे दो दिन में इसका बदला लेंगे। बंबिहा गैंग ने लॉरेंस गैंग पर बेकसूरों को मारने का आरोप लगाया है। बंबिहा ग्रुप ने कहा कि ये बेकसूरों को मारते हैं, फिर अपने लोगों को भी मरवाते हैं। बंबिहा गैंग ने गायक मनकीरत औलख पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या (Lawrence Bishnoi News) में शामिल होने का आरोप लगाया है।

पॉलीवुड का गैंगवार से क्या कनेक्शन?

कहा जाता है कि करीब चार साल पहले पॉलीवुड में गैंगस्टरों ने एंट्री की। इनके निशाने पर कई नामी गायक और कलाकार आ गए। इसके बाद गायकों को धमकियां मिलती रहीं। हालांकि, पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का दावा करती रही। अब पॉलीवुड में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें लॉरेंस या दविंदर गैंग का समर्थक बताया जाता है। इस हत्याकांड में भी गायक मनकीरत औलख का नाम सामने आ रहा है। पुलिस इस मामले में सिंगर मनकीरत औलख से पूछताछ कर सकती है। इस मामले में अभी तक औलख का कोई पक्ष सामने नहीं आया है।

पहले भी आ चुका है गैंगस्टर्स का पॉलीवुड कनेक्शन

रिपोर्ट्स का दावा है कि गैंगस्टर पॉलीवुड में पैसा लगा रहे हैं। वे पर्दे के पीछे रहकर अपने यू-ट्यूब चैनल से लेकर कई गतिविधियां चला रहे हैं। इतना ही नहीं कई कलाकारों के गाने पिस्तौल के बल पर उन चैनलों पर रिलीज किए जाते हैं। इसका खुलासा कुछ समय पहले हुआ था जब मोहाली पुलिस ने कुछ गैंगस्टर पकड़े थे। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि उन्होंने अपने यू-ट्यूब चैनल बनाए हुए हैं, जहां से उन्हें पैसे तक आते हैं। इसके बाद मोहाली पुलिस ने उक्त चैनलों को बंद करवाने की कार्रवाई की थी। साथ ही इन लोगों के खातों से लाखों रुपये सीज करवाए थे।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

31 साल का लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi News) इस वक्त तिहाड़ जेल में बंद है। लॉरेंस2017 से ही सलाखों के पीछे है। उसके ऊपर हत्या की कोशिश, डकैती और शोषण करने समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2018 में लॉरेंस के एक सहयोगी की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तारी के बाद उसने खुलासा किया कि गैंगस्टर लॉरेंस सलमान खान की हत्या करने का प्लान बना रहा है। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के फजिल्का जिले में स्थित धतरंवाली का रहने वाला है। एक सम्पन्न परिवार से ताल्लुक रखने वाले लॉरेंस ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान छात्र संगठन का अध्यक्ष भी रहा था।

लॉरेंस के तीन सबसे करीब लोगों में संपत नेहरा, काला जत्थेदी और गोल्डी बराड़ का नाम है। संपत ने सलमान की हत्या की साजिश का खुलासा किया था। काला जत्थेदी इस वक्त फरार है। उस पर दिल्ली पुलिस द्वारा मकोका के तहत मामला दर्ज है। वहीं, कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला फेसबुक पोस्ट किया।

हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला गोल्डी बराड़ कौन है?

कनाडा में रह रहे गोल्डी का असली नाम सतिंदर सिंह है। गोल्डी कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड है। पिछले साल हुई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या में भी उसका नाम आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने गोल्डी के एक रिश्तेदार को भी गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलवान की हत्या 2020 में मारे गए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गुरलाल बराड़ की हत्या में शामिल होने के चलते हुए। गुरलाल बराड़ गोल्डी का चचेरा भाई था।

बराड़ के दावों में कितना दम? (Lawrence Bishnoi News)

कहते हैं कि गोल्डी बराड़ को लगता है कि उसके चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या में भी सिद्धू मूसेवाला का हाथ था। मूसेवाला की हत्या कबूलने वाले अपने फेसबुक पोस्ट में उसने दावा किया है हरियाणा के गैंगस्टर कौशल चौधरी ने भी इस मामले में मूसेवाला का नाम लिया था। हालांकि, गोल्डी बराड़ के दावे निराधार हैं। पंजाब पुलिस को गुरलाल बराड़ और मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में मूसेवाला के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे।

Uttarakhand Budget 2023 : 77 हजार करोड़ का बजट पेश, जानें खास बातें

Imran Khan Arrest : 24 घंटे बाद भी इमरान खान नहीं हुई गिरफ्तार

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लाहौर। Imran Khan Arrest : पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को करीब 24 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थकों के बवाल के चलते उनकी गिरफ्तारी संभव नहीं हो सका। इमरान खान को गिरफ्तार करने लाहौर में स्थित उनके आवास पर पहुंची पुलिस को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा है। कई घंटों की कोशिश के बावजूद पाकिस्तान की पुलिस इमरान खान को गिरफ्तार नहीं कर सकी।

Uttarakhand Budget 2023 : 77 हजार करोड़ का बजट पेश, जानें खास बातें

उधर, पुलिस के वापस चले जाने के बाद पीटीआई समर्थकों में खुशी की लहर है। पार्टी कार्यकर्ता जश्न में डूबे हुए हैं। लाहौर में जमान पार्क के बाहर जुटे कर्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

विरोध प्रदर्शन के बाद पीछे हटी पुलिस

इससे पहले, मंगलवार को शुरू हुआ गिरफ्तारी की कोशिश का सिलसिला बुधवारी को भी जारी रहा। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस और रेंजर्स ने तोशखाना मामले में पीटीआई प्रमुख को गिरफ्तार करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे। हालांकि, उन्हें पीटीआई कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जबरदस्त प्रदर्शन के चलते पुलिस को पीछे हटना पड़ा।

पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प

इमरान खान को गिरफ्तार (Imran Khan Arrest) करने गई पुलिस और पीटीआई कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें देखने को मिली हैं। कई जगहों पर हिंसा भी हुई है। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, पीटीआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। इस दौरान कई लोगों को चोटें लगी हैं।

पीटीआई ने अपने एक ट्वीट में कहा कि अधिक से अधिक कार्यकर्ता जमान पार्क पहुंच रहे हैं। उन्होंने गठबंधन सरकार के ‘नापाक इरादों’ को सफल नहीं होने देने का संकल्प लिया। एक अन्य वीडियो में इमरान खान को गैस मास्क पहने, पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए दिखाया गया है। ये वीडियो इमरान के आवास के बाहर का बताया जा रहा है।

पीटीआई ने बुधवार को आरोप लगाया कि इमरान खान का आवास पर कई हमले किए गए। आरोप है कि रेंजर्स और पुलिस ने ओपन फायरिंग की है। इमरान खान ने कहा, “उम्मीद है कि जल्द ही ये सब खत्म हो जाएगा।” खान ने कहा कि उनके खिलाफ गोलीबारी हो रही है।

Parliament Session 2023 : अदाणी, ED के मुद्दे पर संसद में फिर हुआ घमासान

 

Uttarakhand Budget 2023 : 77 हजार करोड़ का बजट पेश, जानें खास बातें

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देहरादून: Uttarakhand Budget 2023 बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट धामी सरकार ने प्रस्तुत किया गया। भराड़ीसैंण स्थित विधानभवन में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वार्षिक बजट प्रस्तुत किया।

Parliament Session 2023 : अदाणी, ED के मुद्दे पर संसद में फिर हुआ घमासान

77407.84 करोड़ का बजट पेश

वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में प्रस्तुत किया। उन्‍होंने सदन में 77407.84 करोड़ का नया बजट प्रस्‍तुत किया। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट में रोजगार, निवेश और पयर्टन पर फोकस किया गया है।

बजट की खास बातें

बजट में जोशीमठ भू-धंसाव क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
साइन्स सिटी व विज्ञान केन्द्रों की स्थापना के लिए 26 करोड़ 21 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
देहरादून में मेट्रो रेल के लिए 101 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
बजट में वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए निशुल्क यात्रा का प्रावधान।
बजट 2023 में उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति को 10 करोड़ दिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का प्रावधान भी किया गया है।

बालिका साइकिल योजना जारी रहेगी। इसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्‍यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना को 11 करोड़ रुपए किया गया।
एनसीसी कैडेट का जलपान भत्ता बढ़ाया जाएगा। 15 रुपये प्रति प्लेट से बढ़ाकर भत्ता 45 रुपये प्रति प्‍लेट कर दिया गया है।
कहा कि इकोसिस्टम बनाया जाएगा, जिससे राज्‍य के युवा नौकरी मांगने के स्‍थान पर नौकरी देंगे। इसके लिए कारगर नीति बनाइ जाएगी।
वित्‍त मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य की योजनाओं द्वारा राज्य के समावेशी विकास पर फोकस किया जाएगा। राज्य को सशक्त बनाने का प्रयास रहेगा। इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन को प्राथमिकता देंगे। पूंजीगत व्यय का 0.5 प्रतिशत जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी कार्यों के लिए दिया जाएगा। सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्‍य सरकार द्वारा जी20 आयोजन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा।

पहाड़ी बोली में बजट भाषण की शुरुआत की (Uttarakhand Budget 2023)

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्‍होंने पहाड़ी बोली में बजट भाषण की शुरुआत की।
मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी सदन में पहुंचे। कुछ देर में बजट पेश किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में मंगलवार की घटना के लिए खेद जताया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कांग्रेस विधायकों का निलंबन वापस लेने के प्रस्ताव को अस्वीकार्य किया।
कांग्रेसी विधायक सदन में पहुंचे और प्रश्‍नकाल शुरू हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी के कक्ष में सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं की बैठक चल रही है।
इसके बाद सदन सुबह 11:30 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया।
कांग्रेसी विधायक नहीं पहुंचे। सदन शुरु होने से पहले ही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

उत्‍तराखंड के वित्‍त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल आज दोपहर दो बजे सदन में आगामी वित्‍तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्‍तुत करेंगे।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष कांग्रेस ने मंगलवार को विशेषाधिकार हनन की सूचनाओं को लेकर सदन में हंगामा किया था, जिस पर विस अध्‍यक्ष ने कांग्रेस के सभी विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया था। इन परिस्थितियों में आज बुधवार को भी सदन में हंगामा होने के आसार हैं।
सत्र के तीसरे दिन बुधवार को कांग्रेसी विधायक विधानसभा पहुंचे। उन्‍होंने पेपर लीक व अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर परिसर में प्रदर्शन किया।

सदन के पटल पर रखे गए नकलरोधी समेत छह विधेयक

मंगलवार को सदन के पटल पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) समेत कुछ छह विधेयक प्रस्तुत किए गए। अब बुधवार को इन सभी विधेयकों पर चर्चा के बाद इन्हें पारित किया प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

इसके तहत नकल करने अथवा कराने पर 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने व आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान किया गया है। इससे कानूनी रूप देने के लिए सोमवार को इस विधेयक को सदन पटल पर रखा गया।

ये विधेयक भी किए गए पेश (Uttarakhand Budget 2023)

  • उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक

  • यूनिवर्सिटी आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नाेलाजी रुड़की (संशोधन) विधेयक

  • उत्तराखंड सेवा का अधिकार (संशोधन) विधेयक

  • सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक

  • उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) (संशोधन) विधेयक

Uttarakhand PhoolDei 2023 : लोक पर्व फूलदेई पर विधानसभा भवन में जीवंत हुई लोक संस्कृति

Parliament Session 2023 : अदाणी, ED के मुद्दे पर संसद में फिर हुआ घमासान

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नई दिल्ली। Parliament Session 2023  बुधवार को कई विपक्षी दलों ने अदाणी मुद्दे पर संसद से लेकर ईडी दफ्तर तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान विपक्षी नेताओंं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टीएमसी और एनसीपी ने इस मार्च से किनारा किया है। इसको लेकर संसद में हंगामा भी हुआ। हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित की गई है।

Uttarakhand PhoolDei 2023 : लोक पर्व फूलदेई पर विधानसभा भवन में जीवंत हुई लोक संस्कृति

कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि हम फिर मामले को सदन में उठाएंगे। इसके बाद विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल ईडी अधिकारियों से मुलाकात करेगा। हम एक-एक कर ईडी के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “हम सभी अदाणी घोटाले में एक ज्ञापन सौंपने के लिए ईडी निदेशक से मिलने जा रहे हैं। सरकार हमें विजय चौक के पास कहीं नहीं जाने दे रही है, उन्होंने हमें रोक दिया है।” बता दें कि इससे पहले सोमवार और मंगलवार को हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों में काम नहीं हो पाया।

पीएम और अदाणी के बीच क्या संबंध?

खरगे ने आगे कहा, “सरकार एक आदमी को सरकारी संपत्ति खरीदने के लिए पैसा दे रही है। पीएम पीएम किसी ऐसे व्यक्ति को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिसके पास पहले कम संपत्ति थी, लेकिन अब 13 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति हो गई है। यह कैसे हुआ? कौन जिम्मेदार है? पैसा कौन दे रहा है? पूछताछ होनी चाहिए। पीएम मोदी और अदाणी के बीच क्या संबंध है?”

विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा (Parliament Session 2023)

खरगे ने आगे कहा कि 17-18 राजनीतिक दलों के हम सभी सांसद यहां हैं। हम जानना चाहते हैं कि अदाणी ने 2.5 साल के भीतर लाखों-करोड़ों रुपये कैसे कमाए। सरकार ने हमें यहां रोका है। हम 200 लोग हैं और यहां दो हजार पुलिसकर्मी हैं। वे हमारी आवाज दबाना चाहते हैं।

संसद भवन से ईडी दफ्तर तक विपक्षी दलों का पैदल मार्च

हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित की गई।
महंगाई के मुद्दे पर टीएमसी नेताओं ने गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने अदाणी मुद्दे की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने में सरकार की विफलता पर चर्चा करने के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
अदाणी समूह के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया।
AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस का नोटिस दिया। उन्होंने अदाणी मुद्दे पर चर्चा की मांग की है।

संजय राउत का निशाना

शिवसेना नेता (ठाकरे गुट) संजय राउत ने कहा कि भाजपा सरकार अपने विरोधियों को निशाना बना रही है, जैसे सत्ता पक्ष बिल्कुल पाक-साफ है। जो सरकार से सवाल पूछते हैं, उन्हें निशाने पर लिया जाता है। उन्हें जेल भेजा जाता है और झूठे केस दर्ज किए जाते हैं। गौतम अदाणी को एक भी समन नहीं भेजा गया। आज हम संसद में सभी सबूत पेश करेंगे।

Uttarakhand Budget 2023 : धामी सरकार नमो के दिखाए रास्ते पर करेगी कदमताल

Uttarakhand PhoolDei 2023 : लोक पर्व फूलदेई पर विधानसभा भवन में जीवंत हुई लोक संस्कृति

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देहरादून: Uttarakhand PhoolDei 2023   चैत्र मास की संक्रांति को आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड के लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा की। बच्चों के साथ विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, डॉ. धनसिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल, विधायक अनिल नौटियाल आदि ने बच्चों से भेंट कर अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परम्पराओं से जुड़ने के लिए उनका उत्साह वर्धन किया।

Uttarakhand Budget 2023 : धामी सरकार नमो के दिखाए रास्ते पर करेगी कदमताल

विधान सभा अध्यक्ष के साथ सभी ने इस पावन पर्व की बधाई देते हुए कहा कि हमारे पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने तथा उसके संरक्षण का संदेश देते हैं। अपनी लोक परम्पराओं एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये रखने की भी जरूरत बतायी।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दी फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं (Uttarakhand PhoolDei 2023)

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को फूलदेई पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक यह लोकपर्व समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक दृष्टि से एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। राज्य की अनूठी परंपराएं जीवंत संस्कृति तथा सुंदर लोकपर्व अपनी अलग पहचान रखते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में मनाया जाने वाला लोकपर्व फूलदेई हमारी संस्कृति और पहाड़ की परंपराओं को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से कामना की है कि यह पर्व सबके जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली लाए।

PFI Members Arrest : PFI के दो सदस्य गिरफ्तार, NIA ने दाखिल की चार्जशीट

CM dhami

Uttarakhand Budget 2023 : धामी सरकार नमो के दिखाए रास्ते पर करेगी कदमताल

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देहरादून: Uttarakhand Budget 2023  पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यानी नमो के दिखाए रास्ते पर ही कदमताल करेगी। युवा मुख्यमंत्री धामी ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष नमो विजन के आधार पर विकास का एजेंडा तैयार करने पर जोर लगाया। अब इस एजेंडे पर कदमताल की तैयारी है।

PFI Members Arrest : PFI के दो सदस्य गिरफ्तार, NIA ने दाखिल की चार्जशीट

लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में युवा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बनी सरकार अब मोदी के प्रति भी जवाबदेही की भूमिका में है। सोमवार को राज्यपाल अभिभाषण में सरकार की बीते वर्ष की उपलब्धि और कार्यों के साथ भावी कार्ययोजना को जिस तरह से सामने रखा गया है, उससे यह भी पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।

मोदी लहर का प्रभाव चौथे विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Budget 2023) के बाद पांचवें विधानसभा चुनाव में भी उत्तराखंड के मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला। जनाकांक्षाओं और अपेक्षाओं के इसी दबाव को महसूस कर प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड का पानी और जवानी प्रदेश के काम नहीं आने के मिथक को तोडऩे के लिए सशक्त उत्तराखंड बनाने का मंत्र धामी सरकार को थमाया।

मुख्यमंत्री ने पिछले एक साल के कार्यकाल में पूरी ताकत झोंकी

वर्ष 2025 में उत्तराखंड जब अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा होगा तो सशक्त प्रदेश बनने का उसका सपना भी धरातल पर उतरता दिखने लगेगा। मोदी के इस मंत्र को सफल बनाने में मुख्यमंत्री धामी ने अपने पिछले एक साल के कार्यकाल में पूरी ताकत झोंकी। पहले केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों के साथ राज्य के विकास की संभावनाओं पर चर्चा के बाद धामी ने बीते नवंबर माह में मसूरी में प्रदेश के वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ उत्तराखंड की दशा-दिशा को सुधारने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।

धामी मंत्रिमंडल इस कार्ययोजना पर मुहर लगा चुका है। अब अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट से इस कार्ययोजना को मूर्त रूप देने की तैयारी है। सोमवार को भराड़ीसैंण में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने अपने अभिभाषण में प्रदेश सरकार की इस कार्ययोजना का जिक्र किया।

देश को पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के मोदी के लक्ष्य को पाने में उत्तराखंड भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। पूंजीगत खर्च में वृद्धि दर प्राप्त करने के साथ ही अगले पांच वर्षों में प्रदेश सकल घरेलू उत्पाद को दोगुना करने का संकल्प अभिभाषण में प्रदर्शित किया गया है।

विशेष यह है कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए विभागवार रणनीति बनाई गई है। वित्त, कार्मिक, कार्यक्रम क्रियान्वयन से लेकर कृषि, डेयरी विकास, मत्स्य, गन्ना विकास, वन, पेयजल, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा समेत 49 विभाग अब सरकार की ओर सेे नियत एजेंडे पर आगे कदम बढ़ाएंगे। राज्य का राजस्व बढ़ाने से लेकर सरकारी कार्यप्रणाली को जनता के लिए सुलभ, सरल और समाधानयुक्त बनाया जाएगा। नई प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण की इसमें निर्णायक भूमिका रहने जा रही है।

Uttarakhand Budget : कांग्रेस विधायकों का हंगामा, अध्‍यक्ष ने सभी को किया निलंबित

PFI Members Arrest : PFI के दो सदस्य गिरफ्तार, NIA ने दाखिल की चार्जशीट

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जयपुर। PFI Members Arrest  सोमवार को राजस्थान में चल रही पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की गतिविधियों और हिंसक चरमपंथ के एजेंडे से संबंधित मामले की जांच के प्रमुख हिस्से को पूरा करने के बाद एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।

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हिंसक घटनाओं के लिए मुस्लिम युवाओं की करते थे भर्ती

कोटा के मोहम्मद आसिफ उर्फ आसिफ और राजस्थान के बारां के सादिक सर्राफ पर आईपीसी की धारा 120बी, 153ए और यूएपीए की धारा 13, 17, 18, 18ए और 18बी के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोपित पीएफआई के प्रशिक्षित सदस्य हैं। ये हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए पीएफआई के लिए प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं की भर्ती करते थे।

मुस्लिम युवाओं को बनाते थे कट्टरपंथी (PFI Members Arrest )

एनआइए ने कहा कि आरोपियों ने भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को यह विश्वास दिलाकर कट्टरपंथी बना दिया कि भारत में इस्लाम खतरे में है और इसलिए 2047 तक इस्लाम की रक्षा करने और भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए पीएफआई कैडरों और समुदाय के लिए खुद को हथियारों के इस्तेमाल में प्रशिक्षित करना आवश्यक था।

2002 में एनआइए ने पीएफआई के खिलाफ दर्ज किया केस

पीएफआई के खिलाफ सितंबर 2002 में एनआइए ने केस दर्ज किया था। पीएफआई पर हथियारों की ट्रेनिंग देने का आरोप है। सोमवार को एनआइए ने मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट आपराधिक साजिश रचने के खिलाफ दाखिल की गई है।

Bhopal Gas Tragedy : सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे की मांग वाली याचिका की खारिज

Uttarakhand Budget : कांग्रेस विधायकों का हंगामा, अध्‍यक्ष ने सभी को किया निलंबित

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गैरसैंण(चमोली): Uttarakhand Budget मंगलवार को दूसरे दिन गैरसैंण में बजट सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो गई। सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश किया गया। विपक्ष ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने नियम 310 में चर्चा की मांग की। जिसके बाद पीठ ने नियम 58 में सुनने की स्वीकृति दी और प्रश्नकाल शुरू हुआ।

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सभी कांग्रेसी विधायकों को दिन भरने लिए निलंबित

वहीं विशेषाधिकार हनन के मामला निरस्त करने पर विपक्ष ने सत्र में हंगामा कर दिया। विपक्ष के विधायक विस सचिव की टेबल पर चढ़ गए। जिस पर कार्रवाई करते हुए विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी कांग्रेसी विधायकों को दिन भरने लिए निलंबित करने के आदेश दिए।

कागज के गोले बनाकर पीठ की तरफ फेंके (Uttarakhand Budget)

विशेषाधिकार हनन के मामले में विपक्षी विधायक लगातार हंगामा करते रहे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने कागज के गोले बनाकर पीठ की तरफ फेंके। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकार को प्रश्नों के माध्यम से घेरने का प्रयास

प्रश्नकाल और शून्य काल में विपक्ष सरकार (Uttarakhand Budget) को प्रश्नों के माध्यम से घेरने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में मंत्रियों का इन प्रश्नों के जवाब देने के लिए किया गया होमवर्क ही उनके कार्य को दर्शाएगा। बीते विधानसभा सत्रों में मंत्री अमूमन अधूरे होमवर्क के कारण निशाने पर रहते हैं। इसलिए इस बार सरकार ने सभी मंत्रियों को सभी प्रश्नों की पूरी तैयारी करने के साथ आने को कहा गया।

गन्ना किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन

सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस के विधायक विधानसभा (Uttarakhand Budget) के बाहर धरने पर बैठ गए। गन्ना किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस विधायक प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी विधायक गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान विधायक गन्‍ने को लेकर पहुंचे।

सदन के पटल पर रखा जाएगा नकलरोधी अध्यादेश

बजट सत्र के दौरान मंगलवार को नकलरोधी अध्यादेश व महिला आरक्षण विधेयक प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। इस मसले पर विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। विशेष रूप से नकल रोधी अध्यादेश में अफवाह फैलाने पर दंडित किए जाने जैसे बिंदुओं पर विपक्ष मुखर है।

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

इसके साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण एवं चर्चा होगी। मंगलवार को विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी होगी, जिसमें आगे का एजेंडा तय किया जाएगा। इसमें 15 मार्च को राज्य का वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने समेत अन्य विषय निर्धारित किए जाएंगे।

Cabinet Decision : जानें धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में हुए फैसले

Bhopal Gas Tragedy : सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे की मांग वाली याचिका की खारिज

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नई दिल्ली। Bhopal Gas Tragedy :  सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस पीड़ितों को 7 हजार 844 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजा दिलवाने की केंद्र की अर्जी को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 1989 में सरकार और कंपनी में मुआवजे पर समझौता हुआ। अब फिर मुआवजे का आदेश नहीं दे सकते हैं।

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मुआवजे की राशि बढ़ाने की याचिका खारिज

दरअसल,1984 भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) में पीड़ितों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने के लिए केंद्र की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मुआवजा काफी था। अगर सरकार को ज्यादा मुआवजा जरूरी लगता है तो खुद देना चाहिए था।

‘दो दशक बाद भी मामले को उठाने का नहीं है कोई तर्क’

जज संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि मामले को सुलझाने के दो दशक बाद भी केंद्र द्वारा इस मुद्दे को उठाने का कोई तर्क नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों के लिए आरबीआई के पास पड़े 50 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा पीड़ितों के लंबित दावों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

पीठ ने क्या कहा

पीठ ने कहा हम दो दशकों के बाद इस मुद्दे को उठाने के लिए कोई तर्क प्रस्तुत नहीं करने के लिए भारत सरकार से असंतुष्ट हैं, हमारा मानना है कि सुधारात्मक याचिकाओं पर विचार नहीं किया जा सकता है। इससे पहले जस्टिस संजीव खन्ना, अभय एस ओका, विक्रम नाथ और जे के महेश्वर की बेंच ने भी 12 जनवरी को केंद्र की उपचारात्मक याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

बता दें कि 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से 7,400 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर केंद्र द्वारा क्यूरेटिव पिटीशन दायर की गई थी। वहीं, यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वो 1989 में हुए समझौते के अलावा भोपाल गैस पीड़ितों को एक भी पैसा नहीं देगा। उल्लेखनीय है कि भोपाल गैस त्रासदी में 3,000 से अधिक लोग मारे गए थे और 1.02 लाख प्रभावित हुए थे।

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