Tuesday, July 28, 2026
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Earthquake in Turkey : तुर्किये की स्थिति पर भावुक हुए पीएम मोदी

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नई दिल्ली। Earthquake in Turkey  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप से हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया। शोक व्यक्त करते समय पीएम मोदी काफी भावुक हो गए और गुजरात के भुज में 2001 में आए शक्तिशाली भूकंप को याद किया, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थीं।

Haldwani Sewage Plant : मुख्यमंत्री धामी ने किया एसटीपी का शुभारंभ

तुर्किये और सीरिया की स्थिति पर पीएम मोदी हुए भावुक

संसद के बजट सत्र की कार्यवाही से पहले भाजपा की संसदीय दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी काफी भावुक हो गए। पीएम मोदी ने गुजरात के भुज में आए विनाशकारी भूकंप को याद किया और उस समय चलाए गए राहत व बचाव कार्यों में उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला। बता दें कि भुज में जब शक्तिशाली भूकंप आया था, तब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

तुर्किये और सीरिया में विनाशकारी भूकंप (Earthquake in Turkey)

पीएम मोदी ने सोमवार को तुर्किये और सीरिया में आए प्रलयकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा भेजे गए मानवीय सहायता का उल्लेख किया। बता दें कि सोमवार को तुर्किये और सीरिया में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे अब तक 4600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं और 10 हजार से अधिक लोग घायल हैं। ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

भुज में भूकंप से हजारों लोगों की हुई थीं मौत

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं अच्छी तरह समझ सकता हूं कि इस वक्त तुर्किये के साथ क्या स्थिति उत्पन्न हो रही होगी।’ बता दें कि वर्ष 2001 में गुजरात के भुज में आए विनाशकारी भूकंप से 20,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थीं। इस तबाही में डेढ़ लाख से अधिक लोग घायल हुए थे। भूकंप ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया था।

भारत ने तुर्किये को भेजा मानवीय सहायता

बता दें कि तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आए भूकंप के शक्तिशाली झटकों के बाद भारत ने एनडीआरएफ की टीम तुर्किये भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि तुर्किये में खोज और बचाव के प्रयासों में सहायता के लिए आपदा राहत सामग्री और बचाव दल को लेकर भारतीय वायु सेना का पहला विमान आज भूकंप प्रभावित देश पहुंचा है।

Political News : राहुल गांधी का CM योगी पर बड़ा आरोप

 

 

Haldwani Sewage Plant : मुख्यमंत्री धामी ने किया एसटीपी का शुभारंभ

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हल्द्वानी: Haldwani Sewage Plant  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हल्द्वानी में नवनिर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और लीगेसी वेस्ट प्लांट का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्‍होंने कई घोषणाएं भी कीं।

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पुष्कर सिंह धामी ने की ये घोषणा

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब बनेगी। हल्द्वानी में नशा मुक्ति केंद्र खोला जाएगा गौलापार में प्रस्तावित चिड़ियाघर को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। गौलापार में सिंचाई नहरों की मरम्मत की जाएगी। लालकुआं में बिजली समस्या दूर की जाएगी।

गौला संघर्ष समिति व युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हल्द्वानी पहुंचने से पहले पुलिस ने विरोध कर रहे गौला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और कुछ वाहनस्वामियों को पकड़ लिया। चोरगलिया रोड से यह लोग सीएम के कार्यक्रम स्थल की और जा रहे थे। यूथ कांग्रेसियों ने भी मुख्यमंत्री कार्यक्रम का विरोध किया, जिन्‍हें पुलिस ने दबोच लिया।

गौला नदी में अभी तक 108 कुंतल उपखनिज की निकासी थी। लेकिन वन निगम ने सिर्फ क्रशर संचालकों के कहने पर ओवरलोड की अनुमति जारी कर दी। जिसे लेकर गाड़ी मालिकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि ज्यादा वजन भरने के चक्कर में नदी में अराजकता का माहौल पैदा होगा। इसके अलावा आरटीओ से चालान का डर भी है।

दूसरी तरफ कम वजन वाली गाड़ियों को क्रशर वाले सही भाड़ा नहीं देंगे। वहीं, इस मामले को लेकर पूर्व तय कार्यक्रम के तहत गौला संघर्ष समिति के पदाधिकारी व सदस्य सुबह चोरगलिया रोड स्थित कार्यालय में एकजुट हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में सीएम को काले झंडे दिखाने को निकलने लगे। लेकिन पुलिस ने बाईपास रोड स्थित एसटीपी प्लांट तक नहीं जाने दिया। उससे पहले सभी को पकड़ लिया गया।

सीएम धामी ने किया एसटीपी का शुभारंभ (Haldwani Sewage Plant)

हल्द्वानी में नवनिर्मित एसटीपी प्लांट 35.58 करोड़ और लीगेसी प्लांट तीन करोड़ से नगर निगम ने तैयार करवाया है। इसके बाद काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में सीएम जिले से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा संग अधिकारियों को निर्देश भी देंगे।

सूचना विभाग के अनुसार गौलापार स्थित हेलीपैड में पहुंचने के बाद 11.45 पर सीएम गौला बाइपास पर बने प्लांट में पहुंचे। इसके बाद सर्किट हाउस में भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं संग मुलाकात भी की। इसके बाद जिले के अधिकारियों संग कामों की समीक्षा का दौर चलेगा।

इसके बाद वह हल्द्वानी से खटीमा को रवाना होंगे। वहीं, एसटीपी की सौगात मिलने के बाद सीवरेज समस्या से दिक्कत मिलेगी। निगम क्षेत्र की लाइनें यहां जोड़ी गई है।

MCD Mayor Election : तीसरी बार मेयर चुनाव स्थगित, हंगामे के चलते सदन स्थगित

Political News : राहुल गांधी का CM योगी पर बड़ा आरोप

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नई दिल्ली: Political News  भारत जोड़ो यात्रा से लौटे राहुल गांधी की सीएम योगी पर की गई टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं ने नाराजगी जताई है। जिससे उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ता हुआ नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक निजी चैनल से बात करते हुए राहुल गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने राहुल गांधी से बयान वापस लेने की अपील की है। केशव मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वह निंदनीय है।

MCD Mayor Election : तीसरी बार मेयर चुनाव स्थगित, हंगामे के चलते सदन स्थगित

UP Political News update

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा पर उत्तर प्रदेश में “अधर्म” में लिप्त होने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उसके लिए उन्हें धार्मिक नेता नहीं हो सकते। राहुल गांधी ने यह बात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में संपन्न भारत जोड़ो यात्रा पर सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्यनाथ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे वह गोरखनाथ मठ के इतिहास का “अपमान” कर रहे हैं। बैठक में शामिल एक शख्स ने गांधी के हवाले से कहा, “मुझे खेद है, वह (आदित्यनाथ) धार्मिक नेता नहीं हैं, वह एक आम ठग हैं।”

यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में “धर्म की आंधी” से कैसे निपटेगी, पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि यह धर्म के बारे में नहीं है क्योंकि वह अपने धर्म (हिंदू धर्म) को समझते हैं, और उन्होंने इस्लाम, ईसाई धर्म, यहूदी धर्म और बौद्ध धर्म जैसे अन्य धर्मों का भी अध्ययन किया है। भाजपा की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा जो कर रही है वह धर्म नहीं, बल्कि अधर्म है।

India Energy Week : PM बोले- भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक आएगी क्रांति

MCD Mayor Election : तीसरी बार मेयर चुनाव स्थगित, हंगामे के चलते सदन स्थगित

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नई दिल्ली। MCD Mayor Election  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक बार फिर से मेयर का चुनाव नहीं पाया है। हंगामे के चलते सदन की बैठक स्थगित हो गई। मेयर का चुनाव न हो पाने के कारण आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही AAP ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी संविधान को नहीं मानती है, वह सिर्फ गुंडागर्दी को मानती है।

India Energy Week : PM बोले- भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक आएगी क्रांति

बीजेपी पर गैरकानूनी काम करने का आरोप

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मनीष सिसोदिया ने कहा कि महापौर के चुनाव में भाजपा ने आज गैर कानूनी कार्य किया है। जानबूझकर आज फिर निगम के महापौर का चुनाव रोक दिया गया है।

सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी सिर्फ गुंडागर्दी के सहारे सदन को चलाना चाहती है। बीजेपी दिल्ली को मेयर नहीं मिलने दे रही है। जनता ने आम आदमी पार्टी को जनादेश दिया, लेकिन अफसरों के माध्यम से बीजेपी एमसीडी को चला रही है।

मेयर चुनाव के लिए SC जाएगी AAP

दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि निगम सदन में पीठासीन अधिकारी ने भाजपा के इशारे पर महापौर चुनाव में गैर कानूनी तरीके से एल्डरमैन के वोट डलवाने के लिए रूलिंग दे दी, इसके बाद हमारे दो विधायकों को वोट डालने देने पर रोक लगा दी। हमारे पार्षदों ने अपनी बात रखी तो सदन स्थगित कर दिया गया।

सिसोदिया ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि पूरी दिल्ली देख रही है कि यह क्या हो रहा है और क्यों किया जा रहा है। इन्हें पता है कि हमारा महापौर बनते ही इनके 15 साल के चिट्ठे खुल जायेंगे। इनके गैरकानूनी कार्य के विरोध में हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं।

बता दें कि दिल्ली मेयर (MCD Mayor Election) और स्थायी समिति के 6 सदस्यों के चुनाव को लेकर सोमवार यानी 6 फरवरी की तारीख निर्धारित की गई थी। सोमवार को मेयर चुनाव के लिए बैठक शुरू हुई। हालांकि, सदन में हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।

यह लगातार तीसरी बार है, जब मेयर का चुनाव नहीं हो सका है। पिछले साल 4 दिसंबर को हुए निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद सदन की दो बार बैठक हुई, लेकिन भाजपा और आप के सदस्यों के बीच हंगामे के कारण मेयर का चुनाव नहीं हो सका।

Mohan Bhagwat on casteism : भागवत के विवादित बयान को लेकर संगठन का स्पष्टीकरण

India Energy Week : PM बोले- भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक आएगी क्रांति

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बेंगलुरू। India Energy Week  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बेंगलुरू में भारत ऊर्जा सप्ताह (IEW) 2023 का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा कि भारत तेजी से ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार कर रहा है और इस सेक्टर में अभूतपूर्व संभावनाएं हैं। पीएम ने कहा कि महामारी और युद्ध के प्रभाव के बावजूद 2022 में भारत एक चमकता सितारा बना रहा है। बता दें कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

Mohan Bhagwat on casteism : भागवत के विवादित बयान को लेकर संगठन का स्पष्टीकरण

ट्विन-कुकटॉप मॉडल का अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2023 (India Energy Week)  इवेंट में सबसे पहले इंडियन ऑयल द्वारा विकसित सोलर कुकिंग सिस्टम के ट्विन-कुकटॉप मॉडल का अनावरण किया। कार्यक्रम में 34 देशों के मंत्री और राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया। इंडिया एनर्जी वीक 2023 6 से 8 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।

इन 4 चीजों पर होगा काम

पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति आएगी। पीएम ने आगे कहा कि हमारी सरकार इसके लिए 4 मुख्य बिंदुओं पर काम करेगी।

आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू चीजों की खोज और प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा।

आपूर्ति को तरजीह और कुछ नया करने की चाह को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

तीसरा मुख्य बिंदू ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बायोफ्यूल, एथेनॉल और सोलर एनर्जी के स्त्रोतों में इजाफा किया जाएगा।

पीएम ने कहा कि हम इलेक्ट्रिक वाहन और हाइड्रोजन के जरिए डीकार्बोनाइजेशन का काम भी करेंगे।

वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भारत की भूमिका को दिखायगा कार्यक्रम

भारत ऊर्जा सप्ताह को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा इंडिया एनर्जी वीक भारत की ऊर्जा सुरक्षा, हमारे नागरिकों के लिए सामर्थ्य और पहुंच सुनिश्चित करता है और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भारत की भूमिका के लिए पीएम की दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाता है।

इसलिए खास है कार्यक्रम

बता दें कि यह कार्यक्रम उन चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक ऊर्जा उद्योग, सरकारों और शिक्षा जगत के नेताओं को एक साथ लाएगा जो पर्यावरण को बचाने पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री वैश्विक तेल और गैस सीईओ के साथ एक गोलमेज बातचीत में भाग लेंगे।

Earthquake in Turkey-Syria : तुर्की और सीरिया में भूकंप से मचा हाहाकार

Mohan Bhagwat on casteism : भागवत के विवादित बयान को लेकर संगठन का स्पष्टीकरण

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Mohan Bhagwat on casteism : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विवादित बयान को लेकर संगठन ने स्पष्टीकरण दिया है। आखिकार विवाद की शुरुआत कहा से हुई थी दरसअल बीते दिन भागवत ने मुंबई के एक कार्यक्रम में कहा था कि सत्य ही ईश्वर है। सत्य कहता है कि मैं सर्वभूति हूं, रूप कुछ भी रहे योग्यता एक है, ऊंच-नीच नहीं है, शास्त्रों के आधार पर कुछ पंडित जो बताते हैं, वो झूठ है। जाति की श्रेष्ठता की कल्पना में ऊंच-नीच में अटक कर हम गुमराह हो गए, भ्रम दूर करना है।

Earthquake in Turkey-Syria : तुर्की और सीरिया में भूकंप से मचा हाहाकार

बयान में कहे ‘पंडित’ शब्द को लेकर कई लोग विरोध जता रहे थे। इस पर संघ नेता सुनील आंबेडकर ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत संत रविदास जयंती कार्यक्रम में थे। उन्होंने ‘पंडित’ का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है ‘विद्वान’। सत्य यह है कि मैं सब प्राणियों में हूं, इसलिए रूप नाम कुछ भी हो, लेकिन योग्यता एक है। मान सम्मान एक है। सबके बारे में अपनापन हैं। कोई भी ऊंचा-नीचा नहीं है। शास्त्रों का आधार लेकर कुछ विद्वान लोग, जो जातिआधारीत ऊंच-नीच की बात कहते हैं, वह झूठ है।

Mohan Bhagwat on casteism उन्होंने कहा था कि संत रविदास ने कहा कर्म करो, धर्म के अनुसार कर्म करो। पूरे समाज को जोड़ो, समाज में उन्नति के लिए काम करना यही धर्म है। सिर्फ अपने बारे में सोचना और पेट भरना ही धर्म नहीं है और यही वजह है कि समाज के बड़े-बड़े लोग संत रविदास के भक्त बनें।

भागवत ने कहा था कि लोग चाहे किसी भी तरह का काम करें, उसका सम्मान होना चाहिए। श्रम के लिए सम्मान की कमी बेरोजगारी के कारणों में से एक है। कार्य के लिए चाहे शारीरिक श्रम की आवश्यकता हो या बुद्धि की, चाहे उसके लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता हो या सॉफ्ट स्किल्स की- सभी का सम्मान किया जाना चाहिए।

CM Dhami : हरिद्वार में पूरे विधिविधान के साथ सीएम के बेटे का यज्ञोपवीत

Earthquake in Turkey-Syria : तुर्की और सीरिया में भूकंप से मचा हाहाकार

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अंकारा। Earthquake in Turkey-Syria  सोमवार को तुर्की और सीरिया में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार तुर्की के नूर्दगी से 23 किमी पूर्व में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। जो तकरीबन एक मिनट तक आए साथ ही इस भूकंप की वजह से कई इमारतें धराशायी हो गईं है। बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे दबने से लगभग 521 लोगों की मौत भी हो गई।

CM Dhami : हरिद्वार में पूरे विधिविधान के साथ सीएम के बेटे का यज्ञोपवीत

सीरिया में 237 लोगों की मौत वही तुर्की में 284

भूकंप की तीव्रता अधिक होने के कारण दोनों देशों को जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार सीरिया में 237 लोगों की तो तुर्की में 284 जान इस भूकंप के चलते गई है। वहीं, घायलों का आंकड़ा 1000 के पार चला गया है। सरकारी ब्रॉडकास्टर टीआरटी की तस्वीरों के मुताबिक, साथ ही तुर्की में इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है और लोग अपनी जान बचाने के लिए बर्फीली सड़कों पर जमा हो गए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, भूकंप लगभग एक मिनट तक आया और इससे कई इमारतें गिर गईं और कई मकानों की खिड़कियां टूट गईं।

पीएम मोदी ने इस घटना पर दुख जताया

पीएम मोदी ने तुर्की में भूकंप के चलते लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि तुर्की में जनहानि और संपत्ति के नुकसान से मैं काफी दुखी हूं। पीएम ने कहा कि भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है साथ ही इस त्रासदी से निपटने के लिए भारत अपनी ओर से हर संभव सहायता देने को तैयार है।

लेबनान और सीरिया में भी ढही इमारतें (Turkey-Syria Earthquake)

सीरिया के राज्य मीडिया ने अनुसार उत्तरी शहर अलेप्पो और मध्य शहर हमा में कुछ इमारतें ढह गईं। हैबरटर्क टेलीविजन की मानें तो मलत्या, दियारबाकिर और मालट्या के पड़ोसी प्रांतों में भी कई इमारतें गिर गईं। हालांकि, हताहतों की संख्या पर तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। भूकंप के झटके लेबनान और सीरिया में भी महसूस किए गए।

7.8 भूकंप की तीव्रता

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के अनुसार मध्य तुर्की में 10 किमी की गहराई में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया है। तुर्की के डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी (एएफएडी) ने बताया कि भूकंप एक मिनट तक महसूस किया गया। वहीं तुर्की के अधिकारियों ने अभी तक किसी के मरने या घायल होने की कोई सूचना नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया नेटवर्क पर पोस्ट किए गए वीडियो में कई इमारतों को धराशायी हुई दिखाया गया है।

2022 में 50 लोग हुए थे घायल

इससे पहले नवंबर 2022 में तुर्की में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। उस वक्त रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 5.9 मापी गई थी। जिसकी वजह से करीब 50 लोग घायल हुए थे।

Adani Controversy : मामले का अर्थव्यवस्था पर असर नहीं-वित्त मंत्री सीतारम

 

CM Dhami : हरिद्वार में पूरे विधिविधान के साथ सीएम के बेटे का यज्ञोपवीत

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देहरादून: CM Dhami  हरिद्वार में पूरे विधिविधान के साथ उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी के बड़े बेटे दिवाकर का यज्ञोपवीत संस्‍कार किया गया। हरिद्वार स्थित कुशा घाट पर यज्ञोपवीत संस्कार एक सूक्ष्म कार्यक्रम में पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में सीएम (CM Dhami) के साथ उनकी पत्नी सहित परिवार के लोग मौजूद रहे। इस दौरान मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी कुमाऊंनी परिधान में खूब खिल रही थीं। कुमाऊंनी पिछौड़ा और नथ में वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं।

Adani Controversy : मामले का अर्थव्यवस्था पर असर नहीं-वित्त मंत्री सीतारम

आइये जानते है क्या होता है यज्ञोपवीत संस्कार

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सनातन धर्म में आज भी बिना जनेऊ संस्कार के विवाह पूर्ण नहीं माना जाता है। हिंदू धर्म में कुल 16 संस्कार हैं, जिनमें से यज्ञोपवीत संस्कार विशेष महत्व रखता है। इसे उपनयन संस्कार भी कहते हैं। जनेऊ धारण करने के बाद व्यक्ति को अपने जीवन में नियमों का पालन करना पड़ता है। उसे अपनी दैनिक जीवन के कार्यों को भी जनेऊ को ध्यान में रखते हुए ही करना होता है।

यज्ञोपवीत संस्कार अमूमन 10 साल से कम उम्र के बालकों का करवाया जाता है। लेकिन आज के समय में अधिकतर युवा शादी से पहले जनेऊ संस्‍कार करवाते हैं। जनेऊ, यज्ञोपवीत को हिंदू धर्म का विशेष संस्कार माना जाता है। इसे धारण करने की परंपरा सदियों से यूँ ही चली आ रही है। यज्ञोपवीत संस्कार से पूर्व मुंडन करवाया जाता है। इस दिन स्नान करवाकर उसके सिर और शरीर पर चंदन केसर का लेप लगाया जाता है और जनेऊ पहनाकर ब्रह्मचारी बनाया जाता है। फिर हवन पूजन किया जाता है।

जनेऊ का आध्यात्मिक महत्व

त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक – देवऋण, पितृऋण और ऋषिऋण के प्रतीक – सत्व, रज और तम के प्रतीक होते है। साथ ही ये तीन सूत्र गायत्री मंत्र के तीन चरणों के प्रतीक है तो तीन आश्रमों के प्रतीक भी। जनेऊ के एक-एक तार में तीन-तीन तार होते हैं। अत: कुल तारों की संख्‍या नौ होती है। इनमे एक मुख, दो नासिका, दो आंख, दो कान, मल और मूत्र के दो द्वारा मिलाकर कुल नौ होते हैं। इनका मतलब है – हम मुख से अच्छा बोले और खाएं, आंखों से अच्छा देंखे और कानों से अच्छा सुने। जनेऊ में पांच गांठ लगाई जाती है, इसे प्रवर कहते हैैं जो ब्रह्म, धर्म, अर्ध, काम और मोक्ष का प्रतीक है। ये पांच यज्ञों, पांच ज्ञानेद्रियों और पंच कर्मों के भी प्रतीक है। प्रवर की संख्या १, ३ और ५ होती है।

गुरु मंत्र सुनाकर कहता है कि आज से तू अब ब्राह्मण हुआ अर्थात ब्रह्म (सिर्फ ईश्वर को मानने वाला) को माने वाला हुआ। इसके बाद मृगचर्म ओढ़कर मुंज (मेखला) का कंदोरा बांधते हैं और एक दंड हाथ में दे देते हैं। वह बालक उपस्थित लोगों से भिक्षा मांगता है।

Yagyopaveet Sans‍kaar

IND vs AUS : होटल में तिलक न लगवाने पर विवादों में सिराज और उमरान

Adani Controversy : मामले का अर्थव्यवस्था पर असर नहीं-वित्त मंत्री सीतारम

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Adani Controversy: शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अदाणी स्टॉक क्रैश मामले पर बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस मामले से देश की स्थित और छवि प्रभावित नहीं हुई है। आरबीआई इस मसले पर अपना स्पष्टीकरण पहले ही जारी कर चुका है। एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। यह पहली बार नहीं है कि FPO वापस लिए गए हों, इससे पहले भी कई बार FPO वापस लिए गए हैं।

IND vs AUS : होटल में तिलक न लगवाने पर विवादों में सिराज और उमरान

वित्त मंत्री ने अदाणी के FPO वापस लेने पर दिया जवाब

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हमारे देश में पहली बार एफपीओ वापस नहीं लिया गया है। इससे पहले भी कई बार एफपीओ वापस लिए गए हैं। आपलोग बताएं कि इससे कितनी बार भारत की छवि खराब हुई है और कितनी बार एफपीओ वापस नहीं आए हैं? FPO का आना-जाना लगा रहता है।

RBI ने भी जारी किया था बयान (Adani Controversy)

इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी थी। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं जिनमें भारतीय बैंकों के एक कारोबारी समूह को दिए गए ऋण पर चिंता जताई गई है। यहां हम यह साफ करना चाहते हैं कि नियामक और पर्यवेक्षक के रूप में आरबीआई वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बैंकिंग क्षेत्र और व्यक्तिगत बैंकों पर निरंतर निगरानी रखता है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई के पास सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इंफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स (सीआरआईएलसी) डेटाबेस सिस्टम है। यहां बैंक पांच करोड़ रुपये और उससे अधिक के अपने एक्सपोजर की रिपोर्ट करते हैं। आरबीआई ने कहा है कि इसका उपयोग बैंकों बड़े ऋणों की निगरानी के लिए किया जाता है।

अदाणी ने वापस लिया था 20,000 करोड़ रुपये का FPO

बता दें कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के बोर्ड ने पूरी तरह से सब्सक्राइब किए गए 20,000 करोड़ के फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) को वापस ले लिया था। कंपनी ने इसके साथ आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया था। जिन लोगों ने अब तक एफपीओ को सब्सक्राइब किया है, उनके पैसे वापस लौटा दिए जाएंगे। अभूतपूर्व स्थिति और मौजूदा बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनी का लक्ष्य एफपीओ आय वापस करके और पूर्ण किए गए लेनदेन को वापस लेकर अपने निवेश समुदाय के हितों की रक्षा करना है।

गौतम अदाणी ने कही थी यह बात

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि बोर्ड इस अवसर पर हमारे एफपीओ के लिए आपके समर्थन और प्रतिबद्धता के लिए सभी निवेशकों को धन्यवाद देता है। एफपीओ के लिए सदस्यता कल सफलतापूर्वक बंद हो गई। पिछले सप्ताह के दौरान स्टॉक में अस्थिरता के बावजूद कंपनी, इसके व्यवसाय और इसके प्रबंधन में आपका विश्वास और विश्वास बेहद आश्वस्त और विनम्र रहा है।

IND vs AUS : होटल में तिलक न लगवाने पर विवादों में सिराज और उमरान

 

IND vs AUS : होटल में तिलक न लगवाने पर विवादों में सिराज और उमरान

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IND vs AUS : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत नौ फरवरी से हो रही है। दोनों टीमें चार टेस्ट मैच की सीरीज खेलेंगी। इसके बाद तीन वनडे की सीरीज भी खेली जाएगी, लेकिन इस सीरीज से पहले ही टीम इंडिया के दो अहम खिलाड़ी विवादों में फंसते दिख रहे हैं। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उमरान मलिक का ने होटल में तिलक लगवाने से इंकार कर दिया था। इसी वजह से इन दोनों को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, कई फैंस उनका समर्थन भी कर रहे हैं।

karnataka election : धर्मेंद्र प्रधान को किया कर्नाटक का चुनाव प्रभारी नियुक्त

सिराज के अलावा भारतीय टीम (IND vs AUS) के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर और स्पोर्ट स्टाफ के सदस्य हरि प्रसाद मोहन ने भी तिलक नहीं लगवाया था, लेकिन आलोचक जान बूझकर सिराज और उमरान पर निशाना बना रहे हैं और इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

भारतीय टीम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें टीम के सभी सदस्य होटल के अंदर जाते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान होटल स्टाफ तिलक लगाकर टीम के सभी सदस्यों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन टीम इंडिया के कुछ सदस्य तिलक लगवाने से मना कर देते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उमरान मलिक, मोहम्मद सिराज, विक्रम राठौर और हरि प्रसाद मोहन तिलक लगवाने से मना कर देते हैं। हालांकि, टीम के बाकी सदस्य तिलक लगवाते हैं और कई सदस्य तो अपना चश्मा उतारकर भी तिलक लगवाते हैं।

कई आलोचकों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो शेयर करते हुए विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। आलोचकों का कहना है कि सिराज और उमरान मलिक अपने धर्म को लेकर बहुत कट्टर हैं। इसी वजह से ये दोनों तिलक नहीं लगवा रहे हैं। हालांकि, दोनों के फैंस ने समर्थन में लिखा कि विक्रम रौठार और हरि प्रसाद भी तो तिलक नहीं लगा रहे हैं, लेकिन उन पर कोई बयानबाजी नहीं कर रहा है।

सिराज और उमरान व्यर्थ की बहस से दूर अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज पर ही भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

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