Sunday, August 2, 2026
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Uttarakhand Cloud Burst : उत्‍तराखंड में फटे बादल, बहीं सड़कें-पुल

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देहरादून: Uttarakhand Cloud Burst  शुक्रवार की रात उत्‍तराखंड में बारिश ने तबाही ला दी। एक ही रात में पौड़ी और उत्‍तरकाशी जिले में बादल फटने की घटना सामने आई। सैलाब से बचने को लोग रातभर इधर-उधर भागते दिखे। कई घर, दुकान, वाहन, खेत, खलिहान, पुल और सड़कें बह गईं।

Rajendra Gudha : आखिर राजेंद्र गुढ़ा को क्यों किया गया मंत्री पद से बर्खास्त?

बारिश के कारण हुए भूस्‍खलन के कारण शुक्रवार रात से चारधाम यात्रा मार्गों का खुलने और बंद होने का सिलसिला जारी रहा। इससे हजारों यात्री विभिन्‍न जगहों पर मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे। मौसम विभाग के अनुसार आज शनिवार को प्रदेश में आंशिक बादल छाये रहने के आसार हैं। देहरादून उत्तरकाशी व बागेश्वर में कहीं-कहीं तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं।

वहीं शनिवार को हरिद्वार के लालढांग में कोटा वाली नदी ऊफान पर आ गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश परिवहन की सवारियों से भरी बस नदी के बीच फंस गई। इससे 70 सवारियों की जान गले-गले आ गई। क्रेन की मदद से फिलहाल बस को नदी में ही यथावत रोका गया और सवारियों को सुरक्षित निकाला गया।

उत्‍तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में शुक्रवार (Uttarakhand Cloud Burst) की रात को कई स्थानों पर अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। रात करीब ढाई और तीन बजे के बीच जनपद पुरोला बड़कोट के नंदगांव और उप तहसील धौंतरी क्षेत्र में बादल फटने व अतिवृष्टि होने की सूचना मिली।

अतिवृष्टि होने से सड़क, रास्ते, पैदल पुलिया, खेत-खलियान और मकान दुकानों को नुकसान पहुंचा है। पुरोला तहसील क्षेत्र में जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने शनिवार को अवकाश घोषित किया। जिलाधिकारी ने घटना स्थलों पर मौजूद सभी उप जिलाधिकारियों से मौजूदा स्थिति का अपडेट लेते हुए राहत कार्यों की गति को निरंतर तेज बनाये रखने और अधिकाधिक प्रभावितों को आज ही सहायता राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

पुरोला के छाड़ा खड्ड में भी बादल फटने के कारण भूस्खलन हुआ है। भूमि कटाव और कुछ घरों और दुकानों में मलबा घुस गया। शनिवार की सुबह प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यहां सड़क पर खड़े वाहन भी मलबे में दबे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गंगनानी में पानी और मलबा भर गया। रात के समय एसडीआरएफ के जवानों ने सभी को विद्यालय से सुरक्षित निकाला।

पौड़ी जिले में थलीसैंण ब्लाक के अंतर्गत ग्राम रौली में बीती रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। गांव के दोनों किनारों पर मौजूद बरसाती गदेरे ऊफान पर आने से गांव की करीब दो हेक्टेयर कृषि भूमि के साथ एक गोशाला भी बह गई। गोशाला में दो बैल और 11 बकरियां थीं। बादल फटने से गांव के तमाम रास्ते और गांव में घरों को एक-दूसरे से जोड़ने वाली आठ पुलिया बह गईं हैं।

Manipur Viral Video : मणिपुर वीडियो मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

 

Rajendra Gudha : आखिर राजेंद्र गुढ़ा को क्यों किया गया मंत्री पद से बर्खास्त?

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Rajendra Gudha : राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मि रही है। शुक्रवार को राजस्थान सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने विधानसभा में अपनी ही कांग्रेस सरकार को बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर घेरा था। गुढ़ा झुंझनू जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा सीट से दो बार के विधायक हैं। वह तीन बार 2008, 2015 और 2019 में एक पार्टी से दूसरे पार्टी में गए।

Manipur Viral Video : मणिपुर वीडियो मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान की सियासत में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम घटा। महिला सुरक्षा को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने वाले राज्य के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया। वह गहलोत सरकार में सैनिक कल्याण राज्य मंत्री थे। अकेले कल का ही बयान नहीं था जब गुढ़ा ने अपनी सरकार पर हमला बोला हो, इससे पहले भी कई बार उनके निशाने पर गहलोत सरकार रही है।

आइए जानते हैं राजेंद्र गुढ़ा के सियासी सफर के बारे में…

राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra Gudha) राजस्थान के झुंझनू जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा सीटसे विधायक हैं। अरावली की वादियों में बसा हुआ उदयपुरवाटी उपखंड का गुड़ा गांव राजस्थान विधानसभा में दो विधायक भेज चुका है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं दो भाइयों राजेंद्र गुढ़ा और रणवीर गुढ़ा की। राजेंद्र एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका राजनीति से घनिष्ठ संबंध है। गुढ़ा ने पहली बार 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन इससे पहले उनके भाई रणवीर ने इसका प्रतिनिधित्व किया था। रणवीर ने जब 2003 में लोजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी उस समय राजेंद्र ने अपने भाई रणवीर के साथ चुनाव प्रचार किया था। रणवीर सिंह गुढ़ा पहले राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष भी थे।

मुख्यमंत्री गहलोत ने मंत्री पद से बर्खास्त किया

शुक्रवार को राजस्थान सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार शाम गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त करने की अनुशंसा राज्यपाल कलराज मिश्र से की थी। कुछ ही घंटों में राज्यपाल मिश्र ने गहलोत की इस अनुशंसा को स्वीकार कर लिया।

‘हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए’ और चली गई कुर्सी

दरअसल, गुढ़ा ने विधानसभा में अपनी ही कांग्रेस सरकार को बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर घेरा था। उन्होंने कहा था कि ‘मणिपुर के बजाय हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, क्योंकि राजस्थान में हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए।’ राजेंद्र गुढ़ा को ये कोई पहला बयान नहीं था जिसमें उन्होंने अपनी ही कांग्रेस सरकार को घेरा हो। इससे पहले भी गुढ़ा कई बयान दे चुके हैं, जिससे सरकार की किरकिरी हुई थी या फिर वे विवाद का कारण बने थे।

Haridwar : CM धामी ने हरिद्वार में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की

Manipur Viral Video : मणिपुर वीडियो मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली। Manipur Viral Video  मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न अवस्था में परेड कराने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले पांच आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बात की जानकारी मणिपुर पुलिस ने ट्वीट शेयर करते हुए दी है। साथ ही, मणिपुर पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

Haridwar : CM धामी ने हरिद्वार में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की

19 वर्षीय आरोपी समेत पांच गिरफ्तार

मणिपुर के भयावह ‘महिलाओं को निर्वस्त्र करने और परेड कराने’ के मामले में 19 वर्षीय आरोपी को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार करने के बाद कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान युमलेम्बम नुंगसिथोई के रूप में की गई है। मामले में संलिप्तता को लेकर मुख्य आरोपी हुइरेम हेरोदास मैतेई समेत चार अन्य को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी

वायरल वीडियो में दिखने वाले एक दर्जन संदिग्धों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सीएम बीरेन सिंह ने बताया कि अब भी लोगों में आक्रोश है और कई जगहों पर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन चल रहा है।

राज्य सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर (Manipur Viral Video)

राज्य सरकार ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोग किसी भी तरह के अफवाहों पर यकीन न करे। लोगों के लिए निराधार वीडियो के प्रसार की पुष्टि करने के लिए एक “अफवाह मुक्त” हेल्पलाइन नंबर – 9233522822 – जारी किया गया है। इसमें लोगों से लूटे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक पुलिस या निकटतम सुरक्षा बलों को लौटाने की भी अपील की गई।

महिलाओं को मां के समान मानते हैं राज्य के लोग

सीएम सिंह ने कहा, “हम राज्य भर में, घाटी और पहाड़ी दोनों जगह इसकी निंदा कर रहे हैं। राज्य के लोग महिलाओं को मां के समान मानते हैं। कुछ बदमाशों ने ऐसा करके हमारी छवि खराब की है।” उन्होंने कहा कि जनता आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रही है। वायरल वीडियो की निंदा के लिए अपने ही हिंगांग विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विरोध प्रदर्शन में मुख्यमंत्री खुद शामिल हुए।

पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी

इस वीडियो की पूरी देश में निंदा की जा रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इस घटना पर कहा, “इस भयावह वीडियो को लेकर उनका दिल पीड़ा और गुस्से से भर गया है। मैं सभी मुख्यमंत्रियों से अपने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की अपील करता हूं।”

Gyanvapi Case : ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का रास्ता साफ, वाराणसी कोर्ट का फैसला

Haridwar : CM धामी ने हरिद्वार में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की

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देहरादून: Haridwar  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डामकोठी में जनपद हरिद्वार में हुये जलभराव के सम्बन्ध में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उच्चाधिकारियों के साथ इस सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर निरंतर स्थिति पर नजर रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बैठक (Haridwar) में पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, विद्युत आदि व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में सभी व्यवस्थायें सामान्य रूप से संचालित हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव की वजह से फसलों को हुये नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किये जाने पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव के कारण पशुओं के लिये चारा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जाय तथा चारे का पर्याप्त स्टॉक भी रखा जाये।
बैठक में अतिक्रमण की वजह से भी कई जगह हुये जलभराव के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जहां पर भी अतिक्रमण की वजह से दिक्कतें सामने आ रही हैं, आपदा के अन्तर्गत उससे सख्ती से निपटा जाये।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को बैठक (Haridwar) में जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गर्ब्याल ने विगत दिनों जनपद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कुल कितनी बरसात हुई, जिसके कारण जल भराव की स्थिति पैदा हुई, के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लक्सर, रूड़की आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के कार्यों में एसडीआरएफ, जल पुलिस, राजस्व, फायर ब्रिगेट, पुलिस, विभागीय टीम तथा स्वैच्छिक संगठनों सहित 579 सदस्स्यों की कुल 34 टीमें निरन्तर कार्य कर रही हैं तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय, पंचायती राज विभाग द्वारा इन प्रभावित क्षेत्रों में महामारी फैलने से बचाव हेतु बड़े पैमाने पर कीट नाशक का छिड़काव किया जा रहा है, जो हमारे लिये चुनौती भी है। दवाओं का प्रोक्यूरमेंट हमने कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में राहत किट, भोजन आदि वितरित किये जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अवगत करया कि हरिद्वार, रूड़की, लक्सर तथा भगवानपुर के बाढ़ प्रभावित शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को गृह अनुदान, अनुग्रह अनुदान व अहेतुक मद से 860 लाभार्थियों को 36.27 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जनपद में जल भराव से 15796 व्यक्ति प्रभावित हुये हैं, जिनमें से कई लोग तो रिश्तेदारों व किराये के मकान में शिफ्ट हुये हैं तथा 81 परिवारों को राहत केन्द्र में शिफ्ट किया गया है।
जिलाधिकारी ने बैठक (Haridwar) में बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग की 52 सम्पत्तियों को हुआ है, जिनमें सभी जगह कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा कार्यदायी सभी संस्थाओं को एडवांस में धनराशि उपलब्ध करा दी गयी है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि के माध्यम से जल भराव वाले प्रभावित लोगों की पूरी मदद की जा रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री को रूड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, भगवानपुर विधायक सुश्री ममता राकेश, लक्सर विधायक श्री शहजाद, रानीपुर विधायक श्री आदेश चौहान, पूर्व विधायक लक्सर श्री संजय गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किरण चौधरी, भाजपा रूड़की जिला अध्यक्ष श्री शोभाराम प्रजापति आदि ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से  अवगत कराया।
इस अवसर पर हरिद्वार नगर विधायक श्री मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री यतीश्वरानन्द, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार श्री संदीप गोयल, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ0 जयपाल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रतीक जैन, उपाध्यक्ष एचआरडीए श्री अंशुल सिंह, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) श्री बीर सिंह बुदियाल सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

Gyanvapi Case : ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का रास्ता साफ, वाराणसी कोर्ट का फैसला

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वाराणसी। Gyanvapi Case  शुक्रवार को कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे को मंजूरी दे दी है। वाराणसी की जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर की वैज्ञानिक विधि से जांच की मंदिर पक्ष की मांग स्वीकार की। जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश ने मस्जिद पक्ष की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए ज्ञानवापी के वजूखाने को छोड़कर शेष हिस्से की एएसआइ सर्वे कराने का आदेश दिया है।

Manipur Violence : उत्‍तराखंड में कांग्रेस उग्र, पीएम और अमित शाह का जलाया पुतला

सभी पक्षों की बहस हो चुकी थी पूरी

इस मामले में सभी पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में पिछली सुनवाई पर मस्जिद पक्ष ने प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग की थी। वहीं मंदिर पक्ष ने ज्ञानवापी परिसर के वैज्ञानिक विधि से जांच को इस मुकदमे के लिए बेहद अहम बताया था।

शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का मामला

बीते 12 मई को हाई कोर्ट (Gyanvapi Case) ने एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया है। इसके बाद 19 मई को मंदिर पक्ष ने जिला वाराणसी की अदालत में पूरे ज्ञानवापी परिसर के वैज्ञानिक विधि से जांच की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया था।

उनका कहना था कि ज्ञानवापी के उस हिस्से जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील है को छोड़कर पूरे परिसर की वैज्ञानिक विधि से जांच की जानी चाहिए। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को आदेश देने की मांग किया। इसका विरोध करते हुए मस्जिद पक्ष ने अदालत में कहा कि इससे वहां मौजूद मस्जिद को नुकसान पहुंचेगा। इससे मुकदमे का महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होगा। उनका कहना था कि बीते वर्ष मई माह में पांच दिन एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही हुई जिसकी रिपोर्ट अदालत में दाखिल है। इस पर अभी तक चर्चा नहीं हो सकी है। ऐसे में एक और सर्वे की मांग को खारिज किया जाना चाहिए।

Youth Festival-2023 : की तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने की बैठक

Manipur Violence : उत्‍तराखंड में कांग्रेस उग्र, पीएम और अमित शाह का जलाया पुतला

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देहरादून: Manipur Violence  मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश देखने को मिल रहा हैं । जिसमें मणिपुर के एक समुदाय के पुरुष दूसरे पक्ष की दो महिलाओं को निर्वस्त्र अवस्था में घुमाते दिख रहे हैं। मामले में मुख्य आरोपी हुइरेम हेरोदास मैतेई सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसे लेकर अब देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस क्रम में शुक्रवार 21 जुलाई को कांग्रेस द्वारा उत्‍तराखंड में भी प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया।

Youth Festival-2023 : की तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने की बैठक

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला दहन किया

मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) में दो लड़कियों के साथ हुए जघन्य अपराध के विरोध में महिला महानगर कांग्रेस व महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया गया। शुक्रवार को एस्ले हाल चौक पर नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

साथ ही संलिप्त आरोपितों की सजा की मांग की। राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला व महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी ने महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मणिपुर सरकार व केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की।

साथ ही कहा कि उत्तराखंड में भी वनंतरा प्रकरण को लेकर सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया। धामी सरकार कार्रवाई पर जवाब दे। इस मौके पर प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल, कांग्रेस उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी, मनीष कुमार, कोमल बोरा आदि मौजूद रहे।

नई टिहरी में मणिपुर घटना पर केंद्र सरकार के विरोध में पुतला दहन

कांग्रेस ने मणिपुर घटना पर केंद्र सरकार के विरोध में नई टिहरी साईं चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि मणिपुर में हुई महिलाओं के साथ जघन्य अपराध की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है, लेकिन देश-प्रदेश की गूंगी-बहरी सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ है। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख विजय गुनसोला, कुलदीप पवार, आशा रावत, मुशर्रफ अली आदि मौजूद रहे।

Modi Surname Case : राहुल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Youth Festival-2023 : की तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने की बैठक

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देहरादून: Youth Festival-2023  मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सचिवालय में राज्य में युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचाने हेतु आयोजित किए जा रहे युवा महोत्सव-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। कौशल विकास विभाग अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में युवा महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से राज्य सरकार के सभी विभाग अपनी कौशल विकास और रोजगारपरक योजनाओं को युवाओं के समक्ष रखेंगे। इस महोत्सव (Youth Festival-2023) के दौरान सभी विभाग युवाओं के लिए अपने स्टॉल लगाएंगे, युवाओं के लिए काउंसलिंग सेशन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को युवा महोत्सव गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों मंडलों में आयोजित किए जाने के निर्देश दिये।

Modi Surname Case : राहुल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने हेतु प्रत्येक जनपद में इसका लाइव टेलीकास्ट किए जाने के भी निर्देश दिये। इसके लिए शिक्षा विभाग की प्रदेशभर संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को भी उपयोग में लाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित एवं पूर्ण जानकारी मिल सके इसके लिये विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी जाने वाली प्रदर्शनियों को भी अधिक से अधिक समय तक लगाए जाने के निर्देश भी दिये, ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को विभिन्न प्रकार की काउंसलिंग, व्याख्यान और जानकारियों को छात्र छात्राओं तक पहुँचाने हेतु नियमित रूप से उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिये गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं को आगे भी राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी मिलती रहे इसके लिए मोबाइल ऐप भी तैयार किया जाए। सभी विभागों द्वारा संचालित ऐसी योजनाओं की जानकारी इस ऐप में उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की पूर्ण जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में आयोजित युवा महोत्सव में क़रीब 10 हजार युवाओं ने प्रतिभाग किया। सेक्टोरियल पंडालों में सभी विभागों द्वारा अपने अपने क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री विजय कुमार यादव, श्री वी. षणमुगम, श्री विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव श्री अहमद इकबाल एवं श्री योगेन्द्र यादव एवं संयुक्त निदेशक सूचना श्री नितिन उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Modi Surname Case : राहुल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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नई दिल्ली। Modi Surname Case :  शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरनेम मामले में दोषी करार कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात सरकार और याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात हाई कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में राहुल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था, जिसमें सूरत अदालत ने ‘मोदी’ मामले में उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

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अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति पी के मिश्रा की पीठ मामले (Modi Surname Case) पर सुनवाई के बाद गुजरात सरकार और पूर्णेश मोदी से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ 18 जुलाई को वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी द्वारा मामले का उल्लेख करने और तत्काल सुनवाई की मांग करने के बाद गांधी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हुई थी।

राहुल गांधी को अगर सुप्रीम कोर्ट से आने वाले दिनों में राहत नहीं मिलती है तो वे 2031 तक कोई चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। दरअसल, नियमानुसार सजा पूरी होने के छह साल बाद तक कोई भी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसी कारण राहुल दो साल की सजा के बाद अगले छह साल मतलब 2031 तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

राहुल ने अपनी अपील में कही ये बात

अपनी अपील में राहुल गांधी ने कहा है कि अगर 7 जुलाई के HC के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे अभिव्यक्ति और विचार का गला घोंट दिया जाएगा। बता दें कि गुजरात सरकार में पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल द्वारा की गई टिप्पणी “सभी चोरों का सामान्य उपनाम मोदी है” को लेकर गांधी के खिलाफ 2019 में आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था। हालांकि, राहुल ने कहा था कि वे भारत में वांछित दो भगोड़े प्रमुख व्यापारियों नीरव मोदी और ललित मोदी का जिक्र कर रहे थे।

Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा की पूरी कहानी, महिलाओं को नग्न कराकर घुमाने वाले कौन हैं?

 

Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा की पूरी कहानी, महिलाओं को नग्न कराकर घुमाने वाले कौन हैं?

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Manipur Violence : मणिपुर में पिछले 83 दिनों से हिंसा जारी है। इस बीच, कुछ ऐसी वीडियो सामने आए हैं, जिसने पूरे देश को दहला दिया है। इस वीडियो में कुकी समुदाय की दो महिलाओं को नग्न करके सड़क पर घुमाते हुए दिखाया जा रहा है। ये वीडियो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्र और राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस ने यहां तक कह दिया कि या तो सरकार कार्रवाई करे, नहीं तो हम खुद इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे।

Parliament Monsoon Session : लोकसभा और राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित

आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मेरा हृदय पीड़ा से भरा है, क्रोध से भरा है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले, कितने हैं-कौन हैं, यह अपनी जगह है, लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है। सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वे माताओं-बहनों की रक्षा करने के लिए कठोर से कठोर कदम उठाएं। अपने राज्यों में कानून व्यवस्था को और मजबूत करें। घटना चाहे राजस्थान की हो, छत्तीसगढ़ की हो या मणिपुर की हो, हम राजनीतिक विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था और नारी के सम्मान का ध्यान रखें। किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। मणिपुर की इन बेटियों के साथ जो हुआ है, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।’

‘हम सरकार को कार्रवाई करने के लिए थोड़ा समय देंगे नहीं तो हम खुद इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। हमारा विचार है कि अदालत को सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराया जाना चाहिए ताकि अपराधियों पर हिंसा के लिए मामला दर्ज किया जा सके। मीडिया में जो दिखाया गया है और जो दृश्य सामने आए हैं, वे घोर संवैधानिक उल्लंघन को दर्शाते हैं और महिलाओं को हिंसा के साधन के रूप में इस्तेमाल करके मानव जीवन का उल्लंघन करना संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है।’

मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा?

इसे समझने के लिए हमें मणिपुर (Manipur Violence) का भौगोलिक स्थिति जानना चाहिए। इसके साथ ही हमें थोड़ा पीछे चलना चाहिए। दरअसल, मणिपुर की राजधानी इम्फाल बिल्कुल बीच में है। ये पूरे प्रदेश का 10% हिस्सा है, जिसमें प्रदेश की 57% आबादी रहती है। बाकी चारों तरफ 90% हिस्से में पहाड़ी इलाके हैं, जहां प्रदेश की 43% आबादी रहती है। इम्फाल घाटी वाले इलाके में मैतेई समुदाय की आबादी ज्यादा है। ये ज्यादातर हिंदू होते हैं। मणिपुर की कुल आबादी में इनकी हिस्सेदारी करीब 53% है। आंकड़ें देखें तो सूबे के कुल 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई समुदाय से हैं।

वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में 33 मान्यता प्राप्त जनजातियां रहती हैं। इनमें प्रमुख रूप से नगा और कुकी जनजाति हैं। ये दोनों जनजातियां मुख्य रूप से ईसाई हैं। इसके अलावा मणिपुर में आठ-आठ प्रतिशत आबादी मुस्लिम और सनमही समुदाय की है।

भारतीय संविधान के आर्टिकल 371C के तहत मणिपुर (Manipur Violence) की पहाड़ी जनजातियों को विशेष दर्जा और सुविधाएं मिली हुई हैं, जो मैतेई समुदाय को नहीं मिलती। ‘लैंड रिफॉर्म एक्ट’ की वजह से मैतेई समुदाय पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीदकर बस नहीं सकता। जबकि जनजातियों पर पहाड़ी इलाके से घाटी में आकर बसने पर कोई रोक नहीं है। इससे दोनों समुदायों में मतभेद बढ़े हैं।

हिंसा की शुरुआत कब हुई?

मौजूदा तनाव की शुरुआत चुराचंदपुर जिले से हुई। ये राजधानी इम्फाल के दक्षिण में करीब 63 किलोमीटर की दूरी पर है। इस जिले में कुकी आदिवासी ज्यादा हैं। गवर्नमेंट लैंड सर्वे के विरोध में 28 अप्रैल को द इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने चुराचंदपुर में आठ घंटे बंद का ऐलान किया था। देखते ही देखते इस बंद ने हिंसक रूप ले लिया। उसी रात तुइबोंग एरिया में उपद्रवियों ने वन विभाग के ऑफिस को आग के हवाले कर दिया। 27-28 अप्रैल की हिंसा में मुख्य तौर पर पुलिस और कुकी आदिवासी आमने-सामने थे।

इसके ठीक पांचवें दिन यानी तीन मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर ने ‘आदिवासी एकता मार्च’ निकाला। ये मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा देने के विरोध में था। यहीं से स्थिति काफी बिगड़ गई। आदिवासियों के इस प्रदर्शन के विरोध में मैतेई समुदाय के लोग खड़े हो गए। लड़ाई के तीन पक्ष हो गए।

एक तरफ मैतेई समुदाय के लोग थे तो दूसरी ओर कुकी और नगा समुदाय के लोग। देखते ही देखते पूरा प्रदेश इस हिंसा की आग में जलने लगा। चार मई को चुराचंदपुर में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की एक रैली होने वाली थी। पूरी तैयारी हो गई थी, लेकिन रात में ही उपद्रवियों ने टेंट और कार्यक्रम स्थल पर आग लगा दी। सीएम का कार्यक्रम स्थगित हो गया। अब तक इस हिंसा के चलते 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। तीन हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हिंसा की तीन वजहें (Manipur Violence)

  1. मैतेई समुदाय के एसटी दर्जे का विरोध: मैतेई ट्राइब यूनियन पिछले कई सालों से मैतेई समुदाय को आदिवासी दर्जा देने की मांग कर रही है। मामला मणिपुर (Manipur Violence) हाईकोर्ट पहुंचा। इस पर सुनवाई करते हुए मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 19 अप्रैल को 10 साल पुरानी केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय की सिफारिश प्रस्तुत करने के लिए कहा था। इस सिफारिश में मैतेई समुदाय को जनजाति का दर्जा देने के लिए कहा गया है।

कोर्ट ने मैतेई समुदाय को आदिवासी दर्जा देने का आदेश दे दिया। अब हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच केस की सुनवाई कर रही है।

  1. सरकार की अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई: आरक्षण विवाद के बीच मणिपुर सरकार ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया। मणिपुर सरकार का कहना है कि आदिवासी समुदाय के लोग संरक्षित जंगलों और वन अभयारण्य में गैरकानूनी कब्जा करके अफीम की खेती कर रहे हैं। ये कब्जे हटाने के लिए सरकार मणिपुर फॉरेस्ट रूल 2021 के तहत फॉरेस्ट लैंड पर किसी तरह के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक अभियान चला रही है।

वहीं, आदिवासियों का कहना है कि ये उनकी पैतृक जमीन है। उन्होंने अतिक्रमण नहीं किया, बल्कि सालों से वहां रहते आ रहे हैं। सरकार के इस अभियान को आदिवासियों ने अपनी पैतृक जमीन से हटाने की तरह पेश किया। जिससे आक्रोश फैला।

  1. कुकी विद्रोही संगठनों ने सरकार से हुए समझौते को तोड़ दिया: हिंसा के बीच कुकी विद्रोही संगठनों ने भी 2008 में हुए केंद्र सरकार के साथ समझौते को तोड़ दिया। दरअसल, कुकी जनजाति के कई संगठन 2005 तक सैन्य विद्रोह में शामिल रहे हैं। मनमोहन सिंह सरकार के समय, 2008 में तकरीबन सभी कुकी विद्रोही संगठनों से केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन यानी SoS एग्रीमेंट किया।

इस मामले में पुलिस ने अज्ञात हथियारबंद बदमाशों के खिलाफ थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन में अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म (Manipur Violence) और हत्या का मामला दर्ज किया है। उधर, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी मामले की जांच के लिए अलग टीम गठित कर दी है। केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार से इस मसले पर रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मुख्यमंत्री से बात की।

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Parliament Monsoon Session : लोकसभा और राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित

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नई दिल्ली। Parliament Monsoon Session   आज से संसद के मानसून सत्र की शुरूआत हो गई है। विपक्ष ने मणिपुर हिंसा मामले को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। इस बीच लोकसभा और राज्यसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया है। मणिपुर में दो महिलाओं के निर्वस्त्र घुमाने के मामले में केंद्र सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने वीडियो पर सोशल मीडिया पर रोक लगा दी है। वहीं, घटना का मुख्य आरोपी भी पकड़ा गया है।

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मणिपुर घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग प्रमुख रेखा शर्मा ने चिंता जताई

मणिपुर घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग प्रमुख रेखा शर्मा ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शाम तक और दोषियों की गिरफ्तारी की संभावना है। हमने ट्विटर को भी अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो के प्रसार की अनुमति देने के खिलाफ नोटिस दिया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम पर साधा निशाना

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मणिपुर की घटना पर केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम को वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि यह अब वायरल हो गया है। वहां नरसंहार हो रहा है। न्याय तभी होगा जब सीएम को हटाया जाएगा और मामले की सीबीआई जांच होगी।

पीएम मोदी और सोनिया गांधी ने किया एक दूसरे का अभिवादन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बीच लोकसभा में बातचीत हुई है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न नेताओं का अभिवादन किया।जैसे ही वह विपक्षी नेताओं की बेंच पर पहुंचे, उन्होंने गांधी से बातचीत की। बता दें कि संसद सत्र के पहले दिन नेताओं द्वारा एक-दूसरे को बधाई देने का रिवाज है।

सभी सांसद मिलकर संसद का सही उपयोग करें- पीएम मोदी

संसद का मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session)  शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जब हम लोकतंत्र के इस मंदिर में सावन के पवित्र महीने में मिल रहे हैं, मुझे विश्वास है कि सभी सांसद मिलकर इसका उपयोग करेंगे। पीएम ने कहा कि लोगों का अधिकतम कल्याण करें और सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाएं।

संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने मणिपुर की घटना पर जताया दुख

संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम संसद में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं। पीएम ने मणिपुर में महिलाओं के वीडियो पर भी बयान दिया। पीएम ने कहा कि इस घटना से मैं बहुत दुखी हूं। हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं।

विपक्ष पर बरसे प्रह्लाद जोशी

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद सत्र से पहले कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले, इसलिए वे पहले से ही कैविएट ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मणिपुर पर चर्चा की मांग की और जब हमने इसके लिए हां कहा, वे नए-नए बहाने ढूंढ रहे हैं।

खरगे बोले- हम मणिपुर में हिंसा और बर्दाश्त नहीं करेंगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने मणिपुर जाकर लोगों से बात की और हमारी पार्टी ने मणिपुर का दौरा किया है, हम हिंसा और बर्दाश्त नहीं करेंगे। खरगे ने कहा कि हम मणिपुर पर चर्चा चाहते हैं और चर्चा के बाद हम यह भी चाहते हैं कि सरकार विपक्षी नेताओं को वहां ले जाए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे बोले- पीएम तोड़ें चुप्पी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद सत्र के शुरू होने से पहले कहा कि आज हम मणिपुर मुद्दे पर ही फोकस रखेंगे। खरगे ने इस पर नोटिस भी दिया है। खरगे ने कहा कि पीएम के पास 38 दलों को एनडीए बैठक के लिए बुलाने का समय है, लेकिन उनके पास वहां जाने का समय नहीं है।

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी से मांगा इस्तीफा

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने पर सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कभी इस पर बात नहीं की, लेकिन अब जब उन पर दबाव है तो वह कहती हैं कि उन्होंने सीएम से बात की। देश की सबसे अक्षम मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मणिपुर में महिलाओं (Parliament Monsoon Session) की वायरल वीडियो पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि आज हमें शर्म आ रही है। इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, लेकिन पीएम, गृह मंत्री कहां हैं और क्या कर रहे हैं? उन्होंने कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि पीएम चुप क्यों हैं। आप कई देशों का दौरा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत में सब कुछ ठीक है। हम पूछना चाहते हैं कि आप अपने सीएम से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे या नहीं।

INDIA vs NDA : विपक्ष और भाजपा में किसका गठबंधन ज्यादा मजबूत

 

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