Sunday, August 2, 2026
Home Blog Page 62

INDIA vs NDA : विपक्ष और भाजपा में किसका गठबंधन ज्यादा मजबूत

0

INDIA vs NDA : मंगलवार 18 जुलाई का दिन देश की सियासत के लिए काफी अहम था। एक तरफ बंगलूरू में विपक्ष के 26 दलों ने बैठक की तो दूसरी ओर भाजपा की अगुआई में 38 दल एनडीए की बैठक में शामिल हुए। विपक्ष ने अपने गठबंधन का नाम INDIA (इंडिया) रखा। इसका पूरा नाम- इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस है। बैठक के बाद दोनों गठबंधनों ने अपने-अपने जीत के दावे किए। खैर, इन सब के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि विपक्ष के इंडिया और भाजपा की अगुआई वाले NDA में कौन ज्यादा मजबूत है? बूथ से लेकर संसद तक कौन कितना भारी पड़ेगा?

Monsoon Session 2023 : सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

पहले जानिए दोनों बैठकों में क्या हुआ?

विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम तय किया।
सभी विपक्षी दलों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए एकसाथ आने का फैसला लिया है।
बैठक में सामूहिक प्रस्ताव भी पास हुआ।
विपक्ष की अगली बैठक अब मुंबई में होगी।
11 सदस्यों की समन्वय समिति का गठन होगा।
चुनाव के लिए दिल्ली में सचिवालय बनाया जाएगा।

NDA ने क्या फैसला लिया?

दिल्ली में एनडीए के खेमे में 38 राजनीतिक दलों ने एकसाथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्षी एकता पर जमकर हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा कि NDA मजबूरी वाला नहीं, बल्कि मजबूती वाला गठबंधन है। एनडीए में कोई छोटा बड़ा नहीं है। पीएम ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बंगाल में टीएमसी और लेफ्ट, और केरल में लेफ्ट और कांग्रेस एक दूसरे के खून के प्यासे हैं, लेकिन बंगलूरू में दोस्ती दिखा रहे हैं। पीएम ने कहा कि विपक्षी एकता छोटे-छोटे दलों के स्वार्थ का गठबंधन है जो किसी भी कीमत पर केवल सत्ता हासिल करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने NDA की मीटिंग में 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाने का दावा किया और इस दावे के पीछे अपने तर्क दिए। पीएम मोदी ने हर वर्ग को साथ लेकर चलने का मंत्र दिया। इसी के सहारे भाजपा अगले साल लोकसभा चुनाव में उतरेगी।

संसद में INDIA की कितनी ताकत?

पार्टी सांसद
कांग्रेस 49
डीएमके 24
टीएमसी 23
जेडीयू 16
शिवसेना 06
सपा 03
आप 01
एनसीपी (शरद पवार) 03
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 03
झारखंड मुक्ति मोर्चा 01
सीपीआईएम 03
सीपीआई 02
केरल कांग्रेस (एम) 01
नेशनल कॉन्फ्रेंस 03
आरएसपी 01
एमडीएमके 01
वीसीके 01
कुल 141

इंडिया की इन पार्टियों के पास संसद में एक भी सदस्य नहीं

आरजेडी, पीडीपी, सीपीआईएम (एमएल), केएमडीके, आरएलडी, अपना दल कमेरावादी, एआईएफबी, एमएमके
अब एनडीए की बात करें तो इस खेमे में अभी कुल 332 संसद हैं। सबसे ज्यादा सदस्य भाजपा के पास 301 सांसद हैं। शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के पास 13, लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति कुमार पारस) के पास छह सदस्य हैं। एनसीपी अजित गुट के दो, अपना दल (S) के पास दो सांसद हैं। नौ ऐसे दल हैं, जिनके पास एक-एक सांसद हैं। 24 दल ऐसे हैं, जिनके पास कोई सांसद नहीं हैं।

NDA में शामिल दलों के पास लोकसभा की कितनी सीटें ?

पार्टी सांसद
भाजपा 301
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) 13
आरएलजेपी (पारसनाथ) 05
एलजेपी (रामविलास) 01
एनसीपी (अजित पवार) 02
अपना दल (एस) 02
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 01
एआईएडीएमके 01
एनपीपी 01
एमएनएफ 01
एनपीएफ 01
आजसू 01
एनडीपी 01
आईएमकेएमके 01
कुल 332

ऐसे दल भी जिनके पास एक भी सांसद नहीं

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, जनसेना (पवन कल्याण), जननायक जनता पार्टी, तमिल मनीला कांग्रेस, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा जीतनराम मांझी, आईपीएफटी, रालोसपा, बोडो पीपुल्स पार्टी, बीडीजेएस, पीएमके, केरल कांग्रेस,
एमजीपी, जनातिपथ्य राष्ट्रीय सभा, एजीपी, यूडीपी, निषाद पार्टी, सुभासपा, यूपीपीएल, एचएसडीपी, एआईआरएनसी, जन सुराज पार्टी, शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त), प्रहार जनशक्ति पार्टी, गोरखा नेशनल लिबरेशन पार्टी

जिन पार्टी के सांसद नहीं, उनके गठबंधन में आने से किसे क्या फायदा होगा?

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह कहते हैं, ‘ये दोनों ही गठबंधनों के लिए अहम है। कई बार ग्राउंड पर समीकरण मजबूत करने के लिए ऐसे गठबंधन किए जाते हैं। इस गठबंधन का असर क्षेत्र, जाति, भाषा और समुदाय के हिसाब से होता है। उदाहरण के लिए जयंत चौधरी की आरएलडी को ही ले लीजिए। आरएलडी के पास अभी एक भी सांसद नहीं हैं। विधानसभा में भी छह सदस्य ही हैं। आरएलडी का प्रभाव सिर्फ पश्चिमी यूपी तक ही सीमित है। कुछ हद तक हरियाणा और राजस्थान में भी है। हालांकि, इसका ज्यादा फायदा पार्टी को नहीं मिलता है। जाट बिरादरी पर आरएलडी की पकड़ है। इसी तरह बिहार की हम, यूपी की सुभासपा, निषाद पार्टी जैसे दल भी हैं। जिनकी ताकत संसद में नहीं है, लेकिन क्षेत्र और जातीय आधार पर पकड़ जरूर है। इनके कोर वोटर्स हैं, जो कई सीटों पर अच्छा प्रभाव डालते हैं।’

किस राज्य में किस पार्टी की कितनी पकड़?

लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटें यूपी में हैं। इनमें से 64 पर भाजपा, नौ पर बसपा, तीन पर समाजवादी पार्टी, दो पर अपना दल (एस) और एक पर कांग्रेस का कब्जा है। एक सीट फिलहाल खाली है। यहां गठबंधन के हिसाब से और संसद में सदस्यों के हिसाब से भी भाजपा मजबूत दिख रही है। भाजपा ने यूपी के कई अलग-अलग जातीय और क्षेत्रीय पार्टियों को अपने साथ जोड़ा है। इसके विपरीत विपक्ष यहां बिखरा हुआ है। समाजवादी पार्टी, आरएलडी और कांग्रेस का ही यहां गठबंधन है। विपक्ष से ही बसपा, एआईएमआईएम अलग चुनाव लड़ेंगे। इस तरह अभी की स्थिति में तो भाजपा का पलड़ा भारी लग रहा है।

यूपी के बाद महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 48 सीटें हैं। पिछली बार भाजपा और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था। तब भाजपा के 23 और शिवसेना के 18 सांसद चुने गए थे। यूपीए गठबंधन का हिस्सा रही एनसीपी के चार, कांग्रेस का एक उम्मीदवार चुना गया था। एआईएमआईएम का भी एक सांसद चुना गया था। अभी यहां एनसीपी और शिवसेना दोनों ही फूट पड़ चुकी है। दोनों के ही दो गुट बन चुके हैं। एक गुट एनडीए तो दूसरा इंडिया गठबंधन में है। अभी की स्थिति में महाराष्ट्र के अंदर एनडीए का गठबंधन मजबूत माना जा सकता है।

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 42 सीटें हैं। 2019 में इनमें से 22 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस और 18 पर भाजपा की जीत हुई थी। बंगाल में चार बड़े दल हैं। इनमें टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस, और सीपीएम है। अभी बंगाल के तीन दल एकसाथ आ गए हैं। इनमें टीएमसी, कांग्रेस और सीपीएम है। इनके आने से विपक्ष मजबूत तो हुआ है, लेकिन अभी सीट बंटवारे को लेकर जरूर तीनों के बीच विवाद हो सकता है। इसके अलट भाजपा अकेले चुनाव लड़ रही है, जिसका फायदा उसे मिल सकता है।

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। पिछली बार इनमें से 39 सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों को जीत मिली थी। जेडीयू भी तब एनडीए का हिस्सा थी। 17 सीटों पर अभी भाजपा का कब्जा है। जेडीयू के 16 उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब हो गए थे। छह सीट पर लोजपा और एक पर कांग्रेस को जीत मिली थी। आरजेडी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया था। अभी यहां जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस और सीपीआई का गठबंधन है। वहीं, भाजपा ने भी क्षेत्रीय और जातीय हिसाब से नया समीकरण बना लिया है। भाजपा ने छोटे-छोटे दलों को अपने साथ जोड़ दिया है। इसका फायदा पार्टी को आने वाले चुनाव में मिल सकता है। हालांकि, अगर सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन सही फॉर्मूला तैयार कर ले तो भाजपा नीत गठबंधन को कड़ी चुनौती का सामना कर पड़ सकता है।

तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं। 2014 में इन सभी सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। हालांकि, 2019 में पासा पलट गया। एनडीए के खाते से सभी सीटें डीएमके के पास चली गई। डीएमके अभी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। भाजपा की नजर इस पर तमिलनाडु में काफी अधिक है। यही कारण है कि एनडीए की बैठक में पीएम मोदी ने अपने ठीक बगल में एआईएडीएमके के मुखिया के पलानीस्वामी को बैठाया था। फोटो सेशन में भी पीएम मोदी के ठीक बगल में पलानीस्वामी बैठे थे। तमिलनाडु में पट्टल्ली मक्कल काची (पीएमके) और टीएमसी (एम) के साथ भी भाजपा ने गठबंधन किया है।

मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, गुजरात ओडिशा, राजस्थान ऐसे राज्य हैं, जहां प्रत्येक राज्य में 20 से ज्यादा सीटें हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा की सीधी लड़ाई। गुजरात में भाजपा मजबूत है। ओडिशा में भाजपा की लड़ाई बीजद से है।

पंजाब में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस की सीधी लड़ाई है। ये वो राज्य हैं, जहां लोकसभा की 70 प्रतिशत से ज्यादा सीटें हैं। मतलब इन राज्यों में जीत हासिल करने वाला गठबंधन आसानी से केंद्र की सत्ता पर राज कर सकता है।

Chamoli Accident : चमोली में करंट लगने से दारोगा समेत 15 की मौत

Monsoon Session 2023 : सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

0

नई दिल्ली। Monsoon Session 2023 : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बता दें कि सत्र शुरू होने से पहले इस प्रकार की बैठक बुलाई जाती है। यह सत्र की शुरुआत की पूर्वसंध्या पर एक पारंपरिक मिलन समारोह है, जिसमें वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी वाली बैठक में विभिन्न दल अपने मुद्दे रखते हैं। इसमें पीएम भी शामिल होते हैं।

Chamoli Accident : चमोली में करंट लगने से दारोगा समेत 15 की मौत

कल स्थगित हो गई थी बैठक

इससे पहले राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन कई दलों के नेताओं की अनुपलब्धता के कारण टाल दी गई है। मंगलवार को विपक्षी दल बेंगलुरु में बैठक कर रहे थे और सत्तारूढ़ एनडीए दिल्ली में बैठक कर रहे थे।

रक्षा मंत्री सहित अन्य ने बुलाई बैठक

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल समेत अपने कुछ कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक की। पीयूष गोयल राज्यसभा में सदन के नेता हैं और प्रह्लाद जोशी संसदीय कार्य मंत्री हैं। सूत्रों ने कहा कि यह सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक (Monsoon Session 2023) के संबंध में बुलाई गई बैठक थी।

एक-दूसरे पर हमले तेज

इस साल विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा और विपक्षी पार्टियों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं, ऐसे में संसद सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महंगाई और जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के मुद्दों के अलावा मणिपुर हिंसा पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। बजट सत्र भी लगातार विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया था।

INDIA Vs NDA : विपक्ष गुट को मिला नया नाम, UPA का नाम बदलकर किया INDIA

Chamoli Accident : चमोली में करंट लगने से दारोगा समेत 15 की मौत

0

चमोली। Chamoli Accident : बुधवार को उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा हुआ है। नमामि गंगे के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के पास करंट फैल गया है। करंट लगने से 15 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई लोग इसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। बता दें कि करंट लगने से झुलसे लोगों को जिला चिकित्सालय लाया गया है। घायलों का जिला चिकित्सालय में इलाज जारी है।

How to protect yourself from monsoon-related diseases

बताया गया कि ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले युवक की रात्रि में मौत हुई, सुबह पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची। तो इस दौरान मृतक के स्वजनों सहित अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच वहां करंट फैला और मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। घायलों को जिला चिकित्सालय लाया गया है। झुलसने वालों में तीन की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिसमें चमोली के दारोगा भी शामिल हैं।

15 लोगों के मौत की हुई पुष्टि

नमामि गंगे प्रोजेक्ट में फैले करंट हादसे (Chamoli Accident) में अब तक 15 लोगों की मौत की अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने की मृतकों का आंकड़ा 15 पहुंचने की पुष्टि की है। डीआइजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल के अनुसार एच टी लाइन टूटने के कारण चमोली में ये हादसा हुआ। दो घायलों को एयरलिफ्ट कर देहरादून लाया जा रहा है। पांच घायलों का चमोली में उपचार चल रहा है। इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई है। कुल 22 लोग मौके पर मौजूद थे।

सीएम धामी ने दिए जांच के आदेश

चमोली हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है। 15 लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। सीएम धामी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चमोली में हुए दर्दनाक हादसे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत चमोली के लिए रवाना हो गए हैं। मौके पर जांच और हालात दोनों पर वह जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चमोली जा सकते हैं।

Harassment Case : यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह को मिली अंतरिम जमानत

INDIA Vs NDA : विपक्ष गुट को मिला नया नाम, UPA का नाम बदलकर किया INDIA

0

बेंगलुरू। INDIA Vs NDA : आगामी 2024 लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करने में विपक्ष जुट चुकी है। बेंगलुरु में संयुक्त विपक्ष की दूसरे दिन की बैठक में (Bengaluru Opposition parties 2nd joint meeting) कांग्रेस समेत कुल 26 दल के नेता शामिल हुए। बैठक में विपक्षी दलों की गुट को एक नया नाम मिल गया है। अब इस गुट को INDIA के नाम से पुकारा जाएगा।

Harassment Case : यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह को मिली अंतरिम जमानत

ये सभी विपक्षी दल INDIA गठबंधन का हिस्सा होंगे। यूपीए का नाम बदलकर इंडिया कर दिया गया है। UPA का नाम बदलने का प्रस्ताव कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेश किया, जिसका सभी ने समर्थन किया।

जानें INDIA का क्या है फुल फॉर्म

INDIA की एक फुल फॉर्म है, जिसे ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्ल्युसिव एलायंस’ नाम दिया गया है। गौरतलब है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए (UPA) की जगह अब विपक्षी दलों के गुट को INDIA कहा जाएगा।

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आधिकारिक रूप से गुट का नाम बदलने का ऐलान कर दिया है।

बेंगलुरू में आयोजित हुए इस बैठक में कांग्रेस समेत कुल 26 दल के नेता शामिल हुए। नेताओं की बात करें तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, शरद पवार से लेकर अरविंद केजरीवाल तक बैठक में मौजूद थे।

मंबई में होगी अगली बैठक (INDIA Vs NDA)

बता दें कि विपक्ष गुट का नाम बदल दिए जाने के बाद राजद ने भाजपा पर तंज कसा है। राजद ने कहा है कि अब भाजपा को इंडिया कहने में भी तकलीफ होगी। विपक्ष दलों की अगली बैठक मुंबई में आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद घोषणा की गई कि 11 नेताओं की समन्वय समिति बनाई जाएगी।

Gautam Adani : हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर खुलकर बोले गौतम अदाणी

Harassment Case : यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह को मिली अंतरिम जमानत

0

नई दिल्ली: Harassment Case   भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए, जहां उन्हें अदालत से राहत मिल गई। अदालत ने सांसद को पहलवान यौन शोषण मामले में अंतरिम जमानत प्रदान की है। दिल्ली पुलिस की ओर से लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव पेश हुए। कोर्ट ने पूछा- जमानत के लिए आपके क्या तर्क हैं? दिल्ली पुलिस ने कहा-हमने बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया है। जमानत देने में शर्त तो होनी ही चाहिए।

Gautam Adani : हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर खुलकर बोले गौतम अदाणी

20 जुलाई को होगी नियमित जमानत पर सुनवाई

इस पर कोर्ट ने बृजभूषण (Harassment Case) को 20 जुलाई तक अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि वह 20 जुलाई को नियमित जमानत पर बहस सुनने के बाद निर्णय लेगा। कोर्ट ने बृज भूषण के अलावा दूसरे आरोपित विनोद तोमर को भी अंतरिम जमानत दे दी है। 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है।

जज ने 07 जुलाई को बृजभूषण और सह आरोपी विनोद तोमर को तलब किया था और उन्हें आज अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने बृजभूषण खिलाफ IPC की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354 ए (यौन टिप्पणी), 354 डी (पीछा करना) और 506 (1) (आपराधिक धमकी) के तहत चार्जशीट दायर किया था। वहीं POCSO मामले में, नाबालिग ने कथित तौर पर सिंह के खिलाफ अपने आरोप वापस ले लिए। बीजेपी विधायक बृजभूषण पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

CM Dhami Meeting : प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की सीएम धामी ने ली जानकारी

Gautam Adani : हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर खुलकर बोले गौतम अदाणी

0

नई दिल्ली: Gautam Adani  अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी ने हिंडनबर्ग को लेकर पहली बार अपनी चुपी छोड़ी है। गौतम अदाणी ने अपने कंपनी के शेयरधारकों को एनुअल जनरल मीटिंग में संबोधित किया। गौतम अदाणी ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को बारे में कहा कि यह रिपोर्ट कंपनी की छवि को खराब करने की कोशिश थी।

CM Dhami Meeting : प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की सीएम धामी ने ली जानकारी

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को गलत और बदनाम आरोपों का संयोजन : अदाणी

गौतम अदाणी ने अपने संबोधित में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को गलत और बदनाम आरोपों का संयोजन बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में ज्यादातर जानकारी 2004 से 2015 के बीच की है और उस वक्त सभी का निपटान अधिकारियों द्वारा किया गया था। गौतम अदाणी ने रिपोर्ट जारी करने के समय पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने कंपनी के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर से ठीक पहले रिपोर्ट जारी की थी।

हर 18 महीने में देश की जीडीपी 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ेगी

आगे गौतम अदाणी ने 2050 तक 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत के विकास पथ को मान्य करते हुए कहा कि अनुमान है कि भारत अगले दशक के भीतर हर 18 महीने में जीडीपी में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ देगा। इसके अलावा अदाणी ने कहा कि भारत का शेयर बाजार पूंजीकरण 2050 तक बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगा।

अपने संबोधन में गौतम अदाणी (Gautam Adani)  ने अदाणी ग्रुप की चल रही प्रमुख परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने नवी मुंबई एयरपोर्ट और कॉपर स्मेल्टर के बारे में शेयरधारकों को बताया।

इसके अलावा अदाणी ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइजेज के FY23 EBITDA में नए व्यवसाय का योगदान 50 फीसदी है, हम 2030 तक 45 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की पुष्टि करते हैं। गौतम अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रुप भारत की नेट शून्य यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। गौतम अदाणी ने कहा, मार्च 2023 में, हमने अस्थिर बाजार स्थितियों के बावजूद GQG भागीदारों के साथ 1.87 बिलियन डॉलर का द्वितीयक लेनदेन सफलतापूर्वक निष्पादित किया था।

अदाणी टोटल गैस का 2023 में राजस्व में 46 फीसदी बढ़ा राजस्व

साथ ही गौतम अदाणी ने कहा कि अदाणी टोटल गैस लिमिटेड ने 2023 में राजस्व में 46 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,24,000 घरों तक स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन की पहुंच को बढ़ाकर 4,683 करोड़ रुपये कर दिया।

CM Dhami Meeting : प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की सीएम धामी ने ली जानकारी

 

CM Dhami Meeting : प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की सीएम धामी ने ली जानकारी

0

देहरादून: CM Dhami Meeting  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर निर्देश दिए कि हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा जाय। मुख्यमंत्री  ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को शीघ्र राहत मिले, इसके लिए पूरी तैयारी रखी जाए। जनपदों में खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पूरी व्यवस्था रखी जाए।

Surprising Health Benefits of Tulsi leaves

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा के कारण सड़क, विद्युत, पेयजल व्यवस्थाएं बाधित होने की दशा में, सभी व्यवस्थाएं संबंधित विभागों से तत्काल सुचारू की जाय।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि लक्सर, खानपुर एवं प्रदेश (CM Dhami Meeting) के अन्य ऐसे स्थानों जहां पर कम बरसात के बावजूद भी जलभराव की समस्याएं आ रही हैं, ऐसे स्थानों के लिए ड्रेनेज की उचित व्यवस्था हो, इसके लिए दीर्घकालिक प्लान बनाया जाय। सभी जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं, ताकि जनपदों में कुछ भी आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा तैनात की गई फोर्स के बारे में भी जानकारी ली।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा, अपर सचिव श्री सविन बंसल, एसीईओ आपदा प्रबंधन रिद्धिम अग्रवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Amit Shah on Drugs : मादक पदार्थों की तस्करी व राष्ट्रीय सुरक्षा के सबंध में अमित शाह ने ली बैठक, सीएम ने किया वर्चुअल प्रतिभाग

Amit Shah on Drugs : मादक पदार्थों की तस्करी व राष्ट्रीय सुरक्षा के सबंध में अमित शाह ने ली बैठक, सीएम ने किया वर्चुअल प्रतिभाग

0

देहरादून: Amit Shah on Drugs  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मादक पदार्थों की तस्करी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा (Amit Shah on Drugs) के सबंध में आयोजित बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल, उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री उपस्थित थे।

SC on Delhi Ordinance : संविधान पीठ के पास भेजा जा सकता है दिल्ली अध्यादेश का मामला

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अति महत्वपूर्ण विषय पर बैठक के आयोजन के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार, पूरी सख्ती के साथ ड्रग ट्रैफिकिंग के खिलाफ कार्य कर रही है और इसके सार्थक परिणाम भी लगातार देखने को मिल रहे हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में भी ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने व इसके तंत्र को ध्वस्त करने के लिए कारगर प्रयास कर रही है। उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए हर स्तर पर कार्य योजना के साथ किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जहां एक ओर लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है वहीं दूसरी ओर नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई भी की जा रही है। इस वर्ष अभी तक एन.डी. पी.एस एक्ट के तहत 586 मामले पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 742 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु उत्तराखण्ड राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उत्तराखण्ड में मानिसक स्वास्थ्य नियमावली को राज्य सरकार ने स्वीकृति दी है। नशे की प्रवृति को रोकने एवं नशाग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा पुनर्वास हेतु प्रदेश के समस्त जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड की जेलों में कैदियों को नशे से मुक्त कराने के लिए विशेष रूप से काउंसलिंग एवं सेमिनार भी आयोजित कराये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिटक्ट्स संचालित हैं। एम्स नई दिल्ली की सहायता से राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फेसिलिटी का भी संचालन किया जा रहा है और वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में 10 बेड क्रियाशील है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तरकाशी, चम्पावत, अल्मोडा एवं श्रीनगर में भी ए.टी.एफ के संचालन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को दिए जा रहे इस सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जनपद में संचालित शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब कमेटी का गठन किया गया है जिसमें सदस्य के रूप में संस्थान के ही जागरूक छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्य को सम्मिलित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा वर्ल्ड एंटी ड्रग्स डे के अवसर पर 01 लाख 25 हजार युवाओं को ’एंटी ड्रग ई-शपथ’ दिलाई गई। कक्षा 06 से लेकर 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में ड्रग्स के विषय को सम्मिलित करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा एनसीईआरटी को प्रस्ताव भेजा गया है। नशे की रोकथाम एवं इसके सम्बन्ध में जानकारी तथा जन सामान्य को किसी भी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नम्बर  भी जारी किए गए हैं और इन्हें प्रसारित भी किया जा रहा है।

Maharashtra : शरद पवार से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम अजित

 

SC on Delhi Ordinance : संविधान पीठ के पास भेजा जा सकता है दिल्ली अध्यादेश का मामला

1

नई दिल्ली। SC on Delhi Ordinance  केंद्र द्वारा लाए गए दिल्ली अध्यादेश के मामले को सुप्रीम कोर्ट संविधान पीठ के पास भेज सकता है। कोर्ट ने संकेत दिए है कि वह नौकरशाहों पर नियंत्रण से संबंधित इस अध्यादेश को पीठ को सौंप सकता है। बता दें कि केंद्र द्वारा जारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अध्यादेश 2023 की संवैधानिक वैधता को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 20 जुलाई के लिए टाल दी है।

Maharashtra : शरद पवार से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम अजित

अध्यादेश लाने की जरुरत क्यों पड़ी

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र (SC on Delhi Ordinance) की ओर से हलफनामा दाखिल में जानकारी दी गई कि आखिर उसे अध्यादेश लाने की जरूरत क्यों पड़ी? केंद्र ने कहा कि दिल्ली के मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर आदेश अपलोड किए, जिसके बाद अधिकारियों की तलाश शुरू हो गई. केंद्र की ओर से कहा गया कि आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने सतर्कता अधिकारियों को निशाना बनाया और रात 11 बजे के बाद फाइलों पर कब्जा करने के लिए सतर्कता अधिकारियों तक पहुंच बना ली.

संविधान पीठ के पास भेजे जाने पर होगा फैसला

सीजेआई ने कहा कि 3 प्रविष्टियां हैं, जिन पर दिल्ली सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है. उन्होंने जो किया है वह यह है कि 239 AA (vii) के तहत शक्ति का इस्तेमाल करके, उन्होंने सेवाओं को दिल्ली सरकार के नियंत्रण से बाहर करने के लिए संविधान में संशोधन किया है. क्या यह अनुमति योग्य है? मुझे नहीं लगता कि किसी भी फैसले ने इसे कवर किया है. हम इस मसले को संविधान पीठ के समक्ष भेजना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार को करेगा.

वहीं केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच पावर को लेकर तनातनी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. दिल्ली सरकार की ओर से DERC के अध्यक्ष पद पर पूर्व जज जस्टिस उमेश कुमार की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल को बैठकर नियुक्ति करनी चाहिए.

Yamuna Water Level : दिल्ली में फिर बढ़ने लगा यमुना का जलस्तर

 

Maharashtra : शरद पवार से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम अजित

0

मुंबई। Maharashtra  महाराष्ट्र की सियासत में हलचल जारी हैं। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार और उनके गुट के एनसीपी विधायक लगातार दूसरे दिन पार्टी अध्यक्ष शरद पवार से मिलने मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर पहुंचे। इससे चाचा-भतीजे में सुलह होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

Yamuna Water Level : दिल्ली में फिर बढ़ने लगा यमुना का जलस्तर

रविवार को भी चाचा से मिलने पहुंचे थे अजित

इससे पहले, अजित पवार रविवार को भी प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, अदिति तटकरे और हसन मशरिफ के साथ पवार से मिलने वाईबी चव्हाण सेंटर पहुंचे थे। इस दौरान शरद पवार गुट (Maharashtra) से जयंत पाटिल और जितेंद्र अव्हाद भी मौजूद थे।

NCP के 27 विधायक पहले दिन सत्र में हुए शामिल

NCP के 53 में से 27 विधायक सोमवार को पहले दिन महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र में शामिल नहीं हुए। एनसीपी के एक विधायक नवाब मलिक वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।

अजित पवार समेत 24 विधायक सत्र में हुए शामिल

सत्र में भाग लेने वाले एनसीपी के 24 विधायकों में से उपमुख्यमंत्री अजित पवार, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, अदिति तटकरे, संजय बनसोडे, धनंजय मुंडे, अनिल पाटिल और धर्मराव अत्राम सत्ता पक्ष में बैठे थे। अन्य विधायक जिन्होंने अजित पवार को अपना समर्थन दिया और सदन में मौजूद थे, वे थे बबनराव शिंदे, इंद्रनील नाइक, प्रकाश सोलंखे, किरण लाहमाते, सुनील शेल्के और सरोज अहिरे। विपक्ष की ओर से एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल (शरद पवार खेमे से), विधायक बालासाहेब पाटिल, प्राजक्त तनपुरे, सुनील भुसारा, मानसिंग पवार, सुमन पाटिल, रोहित पवार, राजेश टोपे, अशोक पवार और अनिल देशमुख बैठे थे।

जितेंद्र अव्हाद ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा था पत्र

एनसीपी (शरद पवार खेमे) के मुख्य सचेतक जितेंद्र अव्हाद (Maharashtra) ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखकर सत्र के लिए अजित पवार खेमे के सदस्यों और पार्टी के बाकी विधायकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की। पत्र में आव्हाड ने कहा कि अजित पवार सहित नौ विधायकों को छोड़कर, जो सरकार में शामिल हुए हैं, एनसीपी विपक्ष का हिस्सा है। शपथ लेने वाले नौ विधायकों को छोड़कर अन्य के लिए बैठने की व्यवस्था अलग से की जानी चाहिए। एनसीपी विपक्ष में है। हम विपक्ष में बैठना चाहते हैं।

नार्वेकर ने हाल ही में कहा था कि एनसीपी के मामले में कौन सत्ता में है और कौन नहीं, इसके बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं है। उन्होंने कहा था, ”इस बात पर बहुत विचार-विमर्श और बहस होगी कि कैसे तय किया जाए कि वास्तविक एनसीपी का प्रतिनिधित्व कौन करता है।” दो जुलाई को अजित पवार एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में आठ अन्य एनसीपी विधायकों के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल हुए।

Opposition Meet : बेंगलुरु में भाजपा विरोधी पार्टियों की आज से दो दिवसीय बैठक

सुबह खाली पेट गरम पानी पीने के फायदे उत्तराखंड का जोशीमठ धंस रहा है हालात बेहद डरवाने Zinc Rich Foods, Fruits & Vegetables for women’s diet Yoga Poses to Relieve Period Cramps Yoga Day 2023 : 9 Best Yoga Poses For Beginners
8 Dietary Habits to Cleanse Your Liver Top 8 Ways To Remove Tan Naturally 8 Health Benefits Of Adding Salt To Water Alia Bhatts 7 Best Bold Blouse Designs Pre-Holi Skincare: Protect Your Skin Before Playing with Colors