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BJP Foundation Day : दो से 303 सांसदों तक का सफर, आज है सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी
नई दिल्ली। BJP Foundation Day भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज के समय देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। “बीजेपी यूट्यूब चैनलों और ट्विटर हैंडल से पैदा नहीं हुई है, बीजेपी जमीन पर काम करके, गरीबों के साथ तपकर आगे बढ़ी है।” देश के प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने यूं ही इस बात का जिक्र नहीं किया, 6 अप्रैल 1980 में भारतीय राजनीति के अस्तित्व में आई । साथ ही प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दल है।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय ने रखी नींव
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी का इतिहास उसके नाम और चिह्न से भी पुराना है। सनद रहे कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने की शुरुआत दो लोगों के साथ हुई। श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक भारतीय राजनीतिज्ञ बैरिस्टर और शिक्षाविद थे, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग और आपूर्ति मंत्री के तौर पर काम किया। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर नेहरू से गहरे मतभेद होने के कारण उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी बना। 1951 के वक्त जनसंघ का चुनावी चिह्न दीपक हुआ करता था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सामाजिक कार्यकर्ता दीनदयाल उपाध्याय की जोड़ी ने इस पार्टी की बुनियाद खड़ी की, तो अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी की पहुंच को देशभर में विस्तार देने का काम किया और आज के समय में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने भाजपा पार्टी को भारतीय राजनीति का सबसे मजबूत स्तंभ बना दिया है।
भारतीय जनसंघ के नेता शुरू से ही कश्मीर की एकता, गोरक्षा, जमींदारी व्यवस्था और परमिट-लाइसेंस-कोटा राज को खत्म करने जैसे मुद्दों पर मुखर रहे। हालांकि, साल 1952 में देश के पहले आम चुनाव में यह पार्टी कुछ ज्यादा खास करने में नाकाम रही। पार्टी को महज 3 सीटें मिली।
‘कमल’ की जगह ‘हलदार किसान’ ने ले ली
वक्त गुजरता गया और देश की राजनीति में कई बदलाव आते चले गए। भारत की आजादी के बाद कांग्रेस एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी थी, जिसका पूरे देश में डंका बज रहा था। जवाहर लाल नेहरू के बाद कांग्रेस की कमान संभाल रही इंदिरा गांधी ने साल 1977 में आपातकाल खत्म करने की घोषणा की।
आपातकाल की वजह से देशभर में बड़ी तादाद में लोगों के मन में कांग्रेस को लेकर आक्रोश था। जनता कांग्रेस की जगह कोई और राजनीतिक दल के विकल्प की मांग कर रही थी। समाजसेवी जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर एक नए राष्ट्रीय दल ‘जनता पार्टी’ का गठन किया गया।
इसी दौरान जनसंघ को जनता पार्टी बनाने की मांग उठने लगी। जनता पार्टी की छत के नीचे कई छोटे राजनीतिक दल आकर खड़े हो गए। इसी दौरान भारतीय जनसंघ का चुनाव चिह्न ‘दीपक’ से बदलकर जनता पार्टी का चुनाव चिह्न ‘हलधर किसान’ में बदल गया।
जनता पार्टी का बनना सफल साबित हुआ और देशवासियों ने इंदिरा गांधी की जगह जनता पार्टी पर भरोसा जताया। मोरारजी देसाई को देश के नया प्रधानमंत्री बनाया गया। हालांकि, कुछ वक्त के बाद पार्टी में नेताओं के बीच कलह की खबरें आने लगी। यह पार्टी जनसंघ के आए नेताओं के दोहरे सदस्यता और विश्वास के मुद्दे पर टूट गई।
‘अटल और आडवाणी’ ने बदली तस्वीर (BJP Foundation Day)
इसके बाद जनता पार्टी में मौजूद संघ के नेताओं का मानना था कि अब नए राजनीतिक दल बनाने की जरूरत है। इसके बाद योजना के तहत 6 अप्रैल 1980 के दिन मुंबई में एक नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना हुई। पार्टी का नाम रखा गया ‘भारतीय जनता पार्टी।’ बता दें कि इसी दिन साल 1930 में महात्मा गांधी ने डांडी यात्रा के बाद नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा था। उस समय ‘अटल और आडवाणी’ भारतीय जनता में दो बड़े चेहरे बनकर उभरे। साल 1984 में देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हुई और उसी साल आम चुनाव कराए गए, जिसमें बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें हासिल हुई। इसके बाद साल 1986 में लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राम जन्मभूमि आंदोलन की आवाज बुलंद की। पार्टी में एक ओर जहां लालकृष्ण आडवाणी जैसे हिंदू राष्ट्रवाद नेता मौजूद थे, जो हिंदू धर्म को लेकर काफी मुखर थे। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा नेता थे, जो गांधीवादी समाजवाद पर भरोसा रखते थे और वो काफी नरम मिजाज के माने जाते थे।
पार्टी ने उस वक्त एक बड़ा फैसला लिया और अटल बिहारी वाजपेयी की जगह लाल कृष्ण आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष का कमान सौंप दिया गया। 1980 से लेकर अगले 6 साल तक रहे वाजपेयी की जगह तेज-तर्रार और राम मंदिर के मुद्दे पर मुखर होकर बोलेने वाले आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष बनाने का फैसला पार्टी के लिए सही साबित हुआ। साल 1989 में भाजपा ने 85 सीटें जीती।
Covid-19 Delhi : दिल्ली में 509 नए केस आए सामने, 26.54 पहुंची संक्रमण दर
Covid-19 Delhi : दिल्ली में 509 नए केस आए सामने, 26.54 पहुंची संक्रमण दर
नई दिल्ली। Covid-19 Delhi : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को दिल्ली में लगातार दूसरे दिन कोरोना के 500 से अधिक मामले सामने आए हैं। 10 फीसदी उछाल के साथ संक्रमण दर 26.54 प्रतिशत पहुंच गई है। मतलब साफ है कि 100 की जांच करने पर 26 लोग कोरोना से संक्रमित मिल रहे हैं।
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एक्टिव केस की संख्या 1795
24 घंटे के अंदर 10 फीसदी उछाल के साथ बुधवार को 26.54 फीसदी हो गई। हालांकि, पिछले 24 घंटों में कोरोना से किसी की मौत की खबर नहीं है। अब दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 1795 हो गई है। खास बात है कि मंगलवार को दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर 15.64 प्रतिशत थी।
24 घंटे में नोएडा में मिले 47 नए मरीज
नोएडा में बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकार्ड (Covid-19 Delhi) 47 नए संक्रमित मिले हैं। 41 मरीज संक्रमण से स्वस्थ हुए हैं। कोरोना के संक्रमितों की संख्या बढ़कर 206 हो गई है। वर्तमान में आठ संक्रमित कोविड अस्पताल में भर्ती है। 198 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
गाजियाबाद में 13 कोरोना के केस
गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे में 1204 लोगों की जांच रिपोर्ट आने पर 13 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें सात युवा और छह बुजुर्ग शामिल हैं। संक्रमितों में आठ पुरूष और पांच महिलाएं शामिल हैं। 14 संक्रमित ठीक हुए हैं। ठीक होने पर सात की अस्पतालों से छ़ट्टी हुई है। सक्रिय मरीजों की संख्या 80 से घटकर 72 रह गई है।
गुरुग्राम में 140 केस (Covid-19 Delhi)
गुरुग्राम में सात महीने के बाद कोरोना मरीजों की संख्या एक दिन में 140 मिली है। गुरुग्राम में पिछले वर्ष 28 अगस्त को 141 मरीज मिले थे, उसके बाद बुधवार को 140 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। राहत है कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। बुधवार को 79 मरीज स्वस्थ भी हुए। संक्रमण दर 7.83 दर्ज हुई। पांच दिन में 509 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं और 308 स्वस्थ हुए हैं।
फरीदाबाद में कोरोना के 38 नए मामले आए
बुधवार को जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के 38 नए मामलों की पुष्टि की है। इससे पहले विभाग ने मंगलवार को 42 मामलों की पुष्टि की थी। अब जिले में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 158 हो गई है। मामलों की संख्या बढ़ने के साथ ही विभाग ने जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल की लैब के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों मे भी कोरोना टेस्ट की सुविधा शुरू की है। साथ ही लोगों को कोरोना से बचाव को जागरूक किया जाने लगा है।
Uttarakhand Language Institute : की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
Uttarakhand Language Institute : की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
देहरादून : Uttarakhand Language Institute वर्ष 2014 के बाद बुधवार को सचिवालय में पहली बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की बैठक हुई। संस्थान की प्रबन्ध कार्यकारिणी एवं साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं व लोक साहित्य में कुमाउनी, गढ़वाली, अन्य उत्तराखण्ड की बोलियों व उपबोलियों, पंजाबी एवं उर्दू में दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन व अनवरत साहित्य सेवा तथा हिन्दी में उत्कृष्ट महाकाव्य/खण्डकाव्य रचना, काव्य रचना कथा साहित्य व अन्य गद्य विधाओं के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी तीन लोक भाषाओं तथा हिन्दी भाषा में 4 नवोदित उदयीमान लेखकों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा।
Mansakhand tableau : 5 अप्रैल से 18 मई तक ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में मानसखण्ड झांकी का प्रदर्शन
देहरादून: Mansakhand tableau मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से गणतंत्र दिवस परेड-2023 में प्रथम स्थान पर रही उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘मानसखण्ड’ को प्रदेश के जनपदों/ब्लॉक मुख्यालयों तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शन हेतु फ्लैग ऑफ किया। गणतंत्र दिवस परेड-2023 में विभिन्न राज्यों व भारत सरकार के मंत्रालयों की 27 झांकियों में उत्तराखण्ड की मानसखण्ड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। कर्त्तव्य पथ पर पहली परेड में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखण्ड गठन से अब तक पहली बार राज्य की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मानसखण्ड झांकी में जागेश्वर मंदिर, कार्बेट नेशनल पार्क, ऐपण आर्ट, योग तथा वनों का समावेश किया गया था। इस उपलब्धि से उत्तराखण्ड की धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर, कला एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में हुआ। 05 अप्रैल, 2023 से 18 मई 2023 तक प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में झांकी का प्रदर्शन जनमानस के सम्मुख किया जाएगा। मानसखण्ड झांकी के संबंध में 02 मिनट की वीडियो भी तैयार की गई है। इस शॉर्ट फिल्म का एल.ई.डी. के माध्यम से जन सामान्य हेतु प्रसारण किया जाएगा। समस्त जनपद मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के सहयोग से स्थानीय विधायक की उपस्थिति में झांकी से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
Hanuman Jayanti 2023 : गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर जारी की एडवाइजरी
Hanuman Jayanti 2023 : गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली। Hanuman Jayanti 2023 बुधवार को गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में सभी राज्यों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। बता दें कि रामनवमी के मौके पर देश में कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी। जिसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है।
Covid 19 Update : कोरोना केस का नया रिकॉर्ड, 4 दिन में मौतों की रफ्तार 200% बढ़ी
गृह मंत्रालय की एडवाइजरी
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2023) की तैयारी को लेकर मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। राज्य सरकारों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। इसके अलावा त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले लोगों की निगरानी करने को भी कहा है।
पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार से पूछा कि हनुमान जयंती को देखते हुए राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को हनुमान जयंती के मौके पर शांति बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने दिया था रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम और हिरणमय भट्टाचार्य की पीठ ने राज्य सरकार को इस संबंध में एक पूरक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें रिसड़ा में हिंसा के कारणों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
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Covid 19 Update : कोरोना केस का नया रिकॉर्ड, 4 दिन में मौतों की रफ्तार 200% बढ़ी
Covid 19 Update : एक बार फिर देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। जिससे सरकार और लोगो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। बता दें कि संक्रमण के चलते जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। हर रोज मिलने वाले नए मरीजों के मामले में भारत पहले से ही दुनिया के टॉप-10 देशों की सूची में शामिल हो गया था। अब मौतों के मामलों में भी भारत टॉप-10 देशों में शामिल हो गया है।
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24 घंटे में 4,435 लोग संक्रमित (Covid 19 Update)
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के अंदर देश में रिकॉर्ड 4,435 लोग संक्रमित पाए गए। ये पिछले 163 दिन के आंकड़ों में सबसे अधिक है। इसी के साथ देश में एक्टिव केस की संख्या 23 हजार 91 पहुंच गई है। एक्टिव केस का मतलब ऐसे मरीज, जिनका अभी इलाज चल रहा है।
24 घंटे में 15 मौतें
कोरोना से होने वाली मौतें भी बढ़ गईं हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 15 लोगों ने जान गंवा दी। इनमें चार-चार केरल और महाराष्ट्र में मौतें हुईं। छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पुडुचेरी और राजस्थान में एक-एक कोरोना संक्रमित ने जान गंवा दी। अब तक संक्रमण के चलते कुल पांच लाख 30 हजार 916 मौतें हो चुकी हैं।
New Delhi : CM धामी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से की शिष्टाचार भेंट
New Delhi : CM धामी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से की शिष्टाचार भेंट
देहरादून: New Delhi मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से सौंग बांध पेयजल परियोजना हेतु 1774 करोड़ की धनराशि का वित्तपोषण भारत सरकार के पूंजीगत व्यय हेतु विशेष सहायता के अन्तर्गत कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से देहरादून की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
Rajasthan Right To Health Bill : राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून नगर एवं इसके उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से नलकूप के द्वारा की जा रही है, जिसके फलस्वरूप भूजल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है। देहरादून की बढ़ती हुई आबादी के कारण पेयजल की मांग निरन्तर तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसके कारण वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भविष्य की पेयजल मांग को पूर्ण करने में सक्षम नहीं होगी। इस समस्या के दृष्टिगत व भविष्य में सतत पेयजल की सुविधा प्रदान करने हेतु गंगा नदी की सहायक नदी सौग नदी पर सौंग बांध पेयजल परियोजना प्रस्तावित है प्रस्तावित परियोजना की कुल लागत रू0 2021 करोड़ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण से 150 एम.एल.डी. पेयजल ‘गुरुत्व’ के माध्यम से देहरादून नगर व इसके उपनगरीय क्षेत्रों के लगभग 10 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। परियोजना के निर्माण उपरान्त पेयजल व्यवस्था की नलकूपों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे भूजल दोहन में भारी कमी आएगी जिसके फलस्वरूप भू जल स्तर में बढ़ोतरी होगी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आयेगी एवं भविष्य में नए नलकूपों एवं उन पर होने वाले संचालन व रखरखाव संबंधी व्यय में भी भारी कमी आएगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के निर्माण से झील का निर्माण होगा जो कि क्षेत्र में पर्यटन को बढावा देगा, जिससे रोजगार सृजन होगा एवं स्थानीय नागरिकों के आय में वृद्धि होगी। झील निर्माण से पर्यावरण को भी लाभ होगा।
इस परियोजना का एक अन्य मुख्य लाभ बाढ़ नियंत्रण है, परियोजना के निर्माण के फलस्वरूप देहरादून जनपद के 10 ग्रामों की लगभग 15000 आबादी को सौंग नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ से सुरक्षा प्रदान होगी। परियोजना देहरादून नगर के जलापूर्ति हेतु अत्यन्त महत्वपूर्ण है परियोजना से सम्बन्धित सभी आवश्यक तकनीकी वन भूमि हस्तान्तरण स्टेज-1 एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियाँ सम्बन्धित विभागों/मंत्रालयों से प्राप्त की जा चुकी है। परियोजना से प्रभावित होने वाले कुटुम्बों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन हेतु व्ययभार (रू. 247 करोड़) राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
Dehli : CM धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की शिष्टाचार भेंट
Rajasthan Right To Health Bill : राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान
जयपुर। Rajasthan Right To Health Bill : विधानसभा चुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत जनता को लुभाने के लिए लगातार बड़े एलान कर रहे हैं। इस बीच सीएम अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए बताया कि राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य राजस्थान बन गया है।
Dehli : CM धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की शिष्टाचार भेंट
सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दी जानकारी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘मुझे प्रसन्नता है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बन गई है और राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुझे आशा है कि आगे भी डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप पूर्ववत यथावत रहेगी।
आइए जानें क्या है राइट टू हेल्थ
बता दें कि स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक को हाल ही में राजस्थान विधानसभा में पास कराया गया था। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक राजस्थान के निवासियों को निजी प्रतिष्ठानों सहित अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं में मुफ्त इलाज का अधिकार देने का प्रयास करता है। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक में कहा गया है कि राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी पूर्व भुगतान के आपातकालीन चिकित्सा सेवा मिलेगी, जिसमें निजी प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
विधेयक में क्या है प्रावधान (Rajasthan Right To Health Bill)
बता दें कि इस विधेयक में सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क उपलब्ध होंगी, जिसमें ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, डॉक्टरों की सलाह, दवाइयां, जांच, आपात स्थिति में एंबुलेंस शामिल होंगी। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों को निर्धारित नियमानुसार नि:शुल्क एंबुलेंस, उपचार एवं बीमा का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा निजी और सरकारी अस्पतालों में आवश्यक शुल्क या शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना किसी भी आकस्मिक मामले में आपातकालीन उपचार उपलब्ध होगा। इन आकस्मिक मामलों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय किए गए आपातकाल के अलावा सांप का काटना, जानवर का काटना शामिल है।
विधेयक को लेकर हुआ विरोध
इससे पहले स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक के विरोध में राजस्थान में जमकर प्रदर्शन देखने को मिले थे। बीते महीने मार्च में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बाहर कई डॉक्टरों ने अपने पंजीकरण, मार्कशीट और स्वास्थ्य के अधिकार विधेयक की प्रतियां जलाकर इसका विरोध किया था। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया था कि उनके द्वारा रखे गए सुझावों को विधेयक में शामिल नहीं किया गया है।
West Bengal Violence : हिंसाग्रस्त इलाकों के दौरे पर पहुंचे राज्यपाल
