Thursday, July 30, 2026
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Health ATM Inaugurated : 9 हैल्थ एटीएम तथा 40 ट्रू नेट मशीनों का लोकार्पण

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देहरादून: Health ATM Inaugurated   मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में जे के टायर लिमिटेड कम्पनी तथा यस बैंक द्वारा सीएसआर के तहत लगाये गये हैल्थ एटीएम का लोकार्पण (Health ATM Inaugurated) किया। यस बैंक द्वारा सचिवालय डिसपेंसरी, विधान सभा डिसपेंसरी तथा टनकपुर चिकित्सालय में एक-एक हैल्थ एटीएम स्थापित किये गये हैं। इसके साथ ही जे0 के0 टायर कम्पनी द्वारा पुलिस लाइन, जे0एल0एन0 जिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय नैनीताल, सयुंक्त चिकित्सालय टनकपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जसपुर, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत, अल्मोड़ा में एक-एक हैल्थ एटीएम स्थापित किये गये हैं। इन  09 हैल्थ एटीएम के माध्यम से आम जनमानस द्वारा स्वयं अपने विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए जा सकेंगे, इनमें हीमोग्लोबिन, टीएलसी एण्ड डीएलसी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, युरिक ऐसिड, कॉलेस्ट्रॉल, एचबीएसी, ब्लड ग्रुप, लिपिड प्रोफाइल, ट्राईगिलसाइड, लाइकोप्रोटिन, प्रेगनेन्सी टेस्ट तथा किडनी टेस्ट आदि सहित कुल 72 टेस्ट किए जा सकते हैं। इन हैल्थ एटीएम पर यह जाँच सुविधा निःशुल्क रहेगी। इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनमानस से अपील की गई है कि इन हैल्थ एटीएम की जाँच के नतीजे के आधार पर स्वयं औषधि न लें। परिणाम सामान्य न होने पर चिकित्सक का परामर्श अवश्य लें।
इसके साथ ही इस अवसर पर सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग तथा आईओसीएल, यस बैंक तथा जेके टायर के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में महानिदेशक स्वास्थ्य तथा उक्त कम्पनियों के मध्य स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग हेतु एमओयू पर भी हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सौजन्य से सीएसआर के तहत राज्य के सभी ब्लॉकों में उपलब्ध कराई जाने वाली 40 ट्रू नेट मशीनों का भी लोकार्पण किया। इन ट्रू नेट मशीनों की सहायता से टी0बी0, कोविड तथा अन्य रोगों की जांच में सहायता मिलेगी। यह मशीनें राज्य के 40 दूरस्थ स्थानों में क्रियाशील रहेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा यस बैंक, आईओसीएल व जे के टायर इन हैल्थ एटीएम तथा ट्रू नेट मशीनों के इस पहल के लिए बधाई के पात्र हैं। आईओसीएल द्वारा प्रदेश के सभी ब्लॉकों के लिए 40 ट्रू नेट मशीनों की उपलब्धता से हमारे राज्य में इस दिशा में 100 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हो गया है। इन सुविधाओं से आमजन की न केवल समय की बचत होगी बल्कि धन की भी बचत होगी। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इन हैल्थ एटीएम के माध्यम से जनमानस स्वयं समय-समय पर अपनी जाँच कर अपने स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर ढंग से कर सकेंगे। हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी इन सुविधाओं से लाभ होगा। देशभर के निजी संगठनों व कम्पनियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता के क्षेत्र में मदद की अपील करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में जन्म लेना सौभाग्य की बात है परन्तु देवभूमि में सेवा करना उससे भी बड़े सौभाग्य व गौरव का विषय है। जिन लोगों को भी यहाँ सेवा का अवसर मिल रहा है, वह भाग्यशाली हैं। निजी कम्पनियों से अपील है कि क्योंकि उत्तराखण्ड एक छोटा राज्य है, कम्पनियां उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी मदद देकर एक मॉडल स्थापित कर सकते हैं। सीएम ने आईओसीएल से विशेष रूप से राज्य में रोजगार सृजन के क्षेत्र में योगदान की अपील की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा0 धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डा0 आर0 राजेश कुमार, डीजी हैल्थ डा0 विनिता शाह, यस बैंक के स्टेट हेड श्री अजय मिश्रा, क्लस्टर हेड श्री निशांत अहूजा, श्री हरेन्द्र बिष्ट, आईओसीएल से श्री भानु प्रकाश सेमवाल, श्री उदित जैन, जे के टायर से श्री अजय कुमार, सुश्री गरिमा पंत व स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

BJP Foundation Day : दो से 303 सांसदों तक का सफर, आज है सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी

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नई दिल्ली। BJP Foundation Day  भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज के समय देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। “बीजेपी यूट्यूब चैनलों और ट्विटर हैंडल से पैदा नहीं हुई है, बीजेपी जमीन पर काम करके, गरीबों के साथ तपकर आगे बढ़ी है।” देश के प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने यूं ही इस बात का जिक्र नहीं किया,  6 अप्रैल 1980 में भारतीय राजनीति के अस्तित्व में आई । साथ ही प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दल है।

Unified Metropolitan Transport Authority : की मुख्य सचिव ने ली बैठक

श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्‍याय ने रखी नींव

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी का इतिहास उसके नाम और चिह्न से भी पुराना है। सनद रहे कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने की शुरुआत दो लोगों के साथ हुई। श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक भारतीय राजनीतिज्ञ बैरिस्टर और शिक्षाविद थे, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग और आपूर्ति मंत्री के तौर पर काम किया। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर नेहरू से गहरे मतभेद होने के कारण उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी बना। 1951 के वक्त जनसंघ का चुनावी चिह्न दीपक हुआ करता था। श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी और सामाजिक कार्यकर्ता दीनदयाल उपाध्‍याय की जोड़ी ने इस पार्टी की बुनियाद खड़ी की, तो अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी की पहुंच को देशभर में विस्तार देने का काम किया और आज के समय में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने भाजपा पार्टी को भारतीय राजनीति का सबसे मजबूत स्तंभ बना दिया है।

भारतीय जनसंघ के नेता शुरू से ही कश्मीर की एकता, गोरक्षा, जमींदारी व्यवस्था और परमिट-लाइसेंस-कोटा राज को खत्म करने जैसे मुद्दों पर मुखर रहे। हालांकि, साल 1952 में देश के पहले आम चुनाव में यह पार्टी कुछ ज्यादा खास करने में नाकाम रही। पार्टी को महज 3 सीटें मिली।

‘कमल’ की जगह ‘हलदार किसान’ ने ले ली

वक्त गुजरता गया और देश की राजनीति में कई बदलाव आते चले गए। भारत की आजादी के बाद कांग्रेस एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी थी, जिसका पूरे देश में डंका बज रहा था। जवाहर लाल नेहरू के बाद कांग्रेस की कमान संभाल रही इंदिरा गांधी ने साल 1977 में आपातकाल खत्म करने की घोषणा की।

आपातकाल की वजह से देशभर में बड़ी तादाद में लोगों के मन में कांग्रेस को लेकर आक्रोश था। जनता कांग्रेस की जगह कोई और राजनीतिक दल के विकल्प की मांग कर रही थी। समाजसेवी जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर एक नए राष्ट्रीय दल ‘जनता पार्टी’ का गठन किया गया।

इसी दौरान जनसंघ को जनता पार्टी बनाने की मांग उठने लगी। जनता पार्टी की छत के नीचे कई छोटे राजनीतिक दल आकर खड़े हो गए। इसी दौरान भारतीय जनसंघ का चुनाव चिह्न ‘दीपक’ से बदलकर जनता पार्टी का चुनाव चिह्न ‘हलधर किसान’ में बदल गया।

जनता पार्टी का बनना सफल साबित हुआ और देशवासियों ने इंदिरा गांधी की जगह जनता पार्टी पर भरोसा जताया। मोरारजी देसाई को देश के नया प्रधानमंत्री बनाया गया। हालांकि, कुछ वक्त के बाद पार्टी में नेताओं के बीच कलह की खबरें आने लगी। यह पार्टी जनसंघ के आए नेताओं के दोहरे सदस्यता और विश्वास के मुद्दे पर टूट गई।

‘अटल और आडवाणी’ ने बदली तस्वीर (BJP Foundation Day)

इसके बाद जनता पार्टी में मौजूद संघ के नेताओं का मानना था कि अब नए राजनीतिक दल बनाने की जरूरत है। इसके बाद योजना के तहत 6 अप्रैल 1980 के दिन मुंबई में एक नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना हुई। पार्टी का नाम रखा गया ‘भारतीय जनता पार्टी।’ बता दें कि इसी दिन साल 1930 में महात्मा गांधी ने डांडी यात्रा के बाद नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा था। उस समय ‘अटल और आडवाणी’ भारतीय जनता में दो बड़े चेहरे बनकर उभरे। साल 1984 में देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हुई और उसी साल आम चुनाव कराए गए, जिसमें बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें हासिल हुई। इसके बाद साल 1986 में लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राम जन्मभूमि आंदोलन की आवाज बुलंद की। पार्टी में एक ओर जहां लालकृष्ण आडवाणी जैसे हिंदू राष्ट्रवाद नेता मौजूद थे, जो हिंदू धर्म को लेकर काफी मुखर थे। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा नेता थे, जो गांधीवादी समाजवाद पर भरोसा रखते थे और वो काफी नरम मिजाज के माने जाते थे।

पार्टी ने उस वक्त एक बड़ा फैसला लिया और अटल बिहारी वाजपेयी की जगह लाल कृष्ण आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष का कमान सौंप दिया गया। 1980 से लेकर अगले 6 साल तक रहे वाजपेयी की जगह तेज-तर्रार और राम मंदिर के मुद्दे पर मुखर होकर बोलेने वाले आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष बनाने का फैसला पार्टी के लिए सही साबित हुआ। साल 1989 में भाजपा ने 85 सीटें जीती।

Covid-19 Delhi : दिल्ली में 509 नए केस आए सामने, 26.54 पहुंची संक्रमण दर

 

 

Unified Metropolitan Transport Authority : की मुख्य सचिव ने ली बैठक

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देहरादून: Unified Metropolitan Transport Authority   मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में देहरादून में यातायात संकुलन को कम करने को लेकर यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ( UMTA ) की बैठक ली। मुख्य सचिव के पूर्व के आदेशों के क्रम में शहर के यातायात संकुलन कम करने की दिशा में लगातार अनुश्रवण प्रणाली की देखरेख के लिए यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी (Unified Metropolitan Transport Authority) पाक्षिक रूप से बैठक आयोजित करायी जाएगी।

Covid-19 Delhi : दिल्ली में 509 नए केस आए सामने, 26.54 पहुंची संक्रमण दर

मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात संकुलन को कम करने के लिए आमजन का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर विश्वास जगाने के साथ ही यातायात नियमों का पालन कराया जाना भी आवश्यक है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के साथ ही नियमितता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक समान योजना कहीं कारगर साबित नहीं होगी, किसी भी योजना के लिए एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाना चाहिए। यातायात व्यवस्था के लिए भी यही आवश्यक है, कि एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाए। यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रेफिक जैम का एक मुख्य कारण यातायात के नियमों का पालन न करना भी है। यातायात संकुलन को रोकने के लिए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नो पार्किंग एरिया में गाड़ी पार्क करने वालों पर अधिक से अधिक चालान किए जाएं। इसके लिए ड्रोन कैमरों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने आमजन में यातायात संकुलन को कम करने के लिए शिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बच्चों को ऑनलाईन ड्राईविंग ट्रेनिंग के लिए मॉड्यूल तैयार किया जाए, जो ऑनलाईन उपलब्ध रहे। उन्होंने लोगों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए लघु फिल्मों के माध्यम से प्रचार-प्रसार के साथ ही आने वाली पीढ़ी को यातायात नियमों के विषय में अधिक से अधिक शिक्षित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाने हेतु प्रयास किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कारपोरेशन श्री जितेन्द्र त्यागी, निदेशक यातायात श्री मुख्तार मोहसिन, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, एसएसपी देहरादून श्री दिलीप सिंह कुंवर, मुख्य नगर अधिकारी श्री मनुज गोयल एवं एसपी ट्रैफिक श्री अक्षय प्रह्लाद कोण्डे सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

Uttarakhand Language Institute : की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

Covid-19 Delhi : दिल्ली में 509 नए केस आए सामने, 26.54 पहुंची संक्रमण दर

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नई दिल्ली। Covid-19 Delhi : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को दिल्ली में लगातार दूसरे दिन कोरोना के 500 से अधिक मामले सामने आए हैं। 10 फीसदी उछाल के साथ संक्रमण दर 26.54 प्रतिशत पहुंच गई है। मतलब साफ है कि 100 की जांच करने पर 26 लोग कोरोना से संक्रमित मिल रहे हैं।

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एक्टिव केस की संख्या 1795

24 घंटे के अंदर 10 फीसदी उछाल के साथ बुधवार को 26.54 फीसदी हो गई। हालांकि, पिछले 24 घंटों में कोरोना से किसी की मौत की खबर नहीं है। अब दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 1795 हो गई है। खास बात है कि मंगलवार को दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर 15.64 प्रतिशत थी।

24 घंटे में नोएडा में मिले 47 नए मरीज

नोएडा में बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकार्ड (Covid-19 Delhi) 47 नए संक्रमित मिले हैं। 41 मरीज संक्रमण से स्वस्थ हुए हैं। कोरोना के संक्रमितों की संख्या बढ़कर 206 हो गई है। वर्तमान में आठ संक्रमित कोविड अस्पताल में भर्ती है। 198 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

गाजियाबाद में 13 कोरोना के केस

गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे में 1204 लोगों की जांच रिपोर्ट आने पर 13 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें सात युवा और छह बुजुर्ग शामिल हैं। संक्रमितों में आठ पुरूष और पांच महिलाएं शामिल हैं। 14 संक्रमित ठीक हुए हैं। ठीक होने पर सात की अस्पतालों से छ़ट्टी हुई है। सक्रिय मरीजों की संख्या 80 से घटकर 72 रह गई है।

गुरुग्राम में 140 केस (Covid-19 Delhi)

गुरुग्राम में सात महीने के बाद कोरोना मरीजों की संख्या एक दिन में 140 मिली है। गुरुग्राम में पिछले वर्ष 28 अगस्त को 141 मरीज मिले थे, उसके बाद बुधवार को 140 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। राहत है कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। बुधवार को 79 मरीज स्वस्थ भी हुए। संक्रमण दर 7.83 दर्ज हुई। पांच दिन में 509 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं और 308 स्वस्थ हुए हैं।

फरीदाबाद में कोरोना के 38 नए मामले आए

बुधवार को जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के 38 नए मामलों की पुष्टि की है। इससे पहले विभाग ने मंगलवार को 42 मामलों की पुष्टि की थी। अब जिले में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 158 हो गई है। मामलों की संख्या बढ़ने के साथ ही विभाग ने जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल की लैब के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों मे भी कोरोना टेस्ट की सुविधा शुरू की है। साथ ही लोगों को कोरोना से बचाव को जागरूक किया जाने लगा है।

Uttarakhand Language Institute : की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

 

 

Uttarakhand Language Institute : की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

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देहरादून : Uttarakhand Language Institute  वर्ष 2014 के बाद बुधवार को सचिवालय में पहली बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की बैठक हुई। संस्थान की प्रबन्ध कार्यकारिणी एवं साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं व लोक साहित्य में कुमाउनी, गढ़वाली, अन्य उत्तराखण्ड की बोलियों व उपबोलियों, पंजाबी एवं उर्दू में दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन व अनवरत साहित्य सेवा तथा हिन्दी में उत्कृष्ट महाकाव्य/खण्डकाव्य रचना, काव्य रचना कथा साहित्य व अन्य गद्य विधाओं के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी तीन लोक भाषाओं तथा हिन्दी भाषा में 4 नवोदित उदयीमान लेखकों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा।

Mansakhand tableau : 5 अप्रैल से 18 मई तक ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में मानसखण्ड झांकी का प्रदर्शन

आगामी मई माह में भव्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट साहित्यकारों को उक्त पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने उत्तराखण्ड के ऐसे रचनाकारों, जो अर्थाभाव के कारण अपनी पुस्तकों का प्रकाशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें उत्तराखण्ड भाषा संस्थान (Uttarakhand Language Institute) द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में आंशिक अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने राज्य के प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय भाषा सम्मेलन आयोजन करने के निर्देश भी दिए। यह भाषा संस्थान की एक बहुआयामी योजना होगी जिसमें शोध पत्रों का वाचन, भाषा संबंधी विचार विनिमय, साहित्यिक शोभायात्रा, लोक भाषा सम्मेलन आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के प्रत्येक जनपद के 01 प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल/ई पुस्तकालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्य में नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ मिलकर पुस्तक मेले का आयोजन तथा पुस्तक मेले में साहित्यिक संगोष्ठियों के आयोजन पर भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही राज्यभर में सुविख्यात लेखकों की व्यखानमालाएं आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हमारी लोक भाषाएं एवं बोलियां हमारी पहचान और गौरव है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं, बोलियों व संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरन्तर प्रयासरत है।
बैठक में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा साहित्यिक एवं शोध पत्रिकाओं के प्रकाशन पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही लोक भाषाओं के मानकीकरण हेतु कार्यशालाओं व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु भी स्वीकृति दी गई। सम्बन्धित अधिकारियों ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी बोलियों को बोलने वाले व लिखने वाले अलग-अलग हैं, जिनके लेखन में शब्दों का औच्चारणिक विभेद है। गढ़वाली एवं कुमाउनी बोली भाषा के औच्चारणिक एवं वर्तनी के मानकीकरण की अत्यंत आवश्यकता है। यह शिविर गढ़वाल एवं कुमाउं मण्डल में आयोजित किए जाएंगे। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा उत्तराखण्ड में जनपद तथा राज्य स्तरीय भाषायी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
बैठक में भाषामंत्री श्री सुबोध उनियाल, सचिव श्री विनोद प्रसाद रतूड़ी, अपर सचिव एवं निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान श्रीमती स्वाति भदौरिया, सदस्य डा0 सुलेखा डंगवाल, प्रो0 दिनेश चन्द्र शास्त्री, डॉ सुधा पाण्डेय, डॉ हरिसुमन बिष्ट, प्रो. देव पोखरिया  एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Mansakhand tableau : 5 अप्रैल से 18 मई तक ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में मानसखण्ड झांकी का प्रदर्शन

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देहरादून: Mansakhand tableau  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से गणतंत्र दिवस परेड-2023 में प्रथम स्थान पर रही उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘मानसखण्ड’ को प्रदेश के जनपदों/ब्लॉक मुख्यालयों तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शन हेतु फ्लैग ऑफ किया। गणतंत्र दिवस परेड-2023 में विभिन्न राज्यों व भारत सरकार के मंत्रालयों की 27 झांकियों में उत्तराखण्ड की मानसखण्ड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। कर्त्तव्य पथ पर पहली परेड में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखण्ड गठन से अब तक पहली बार राज्य की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मानसखण्ड झांकी में जागेश्वर मंदिर, कार्बेट नेशनल पार्क, ऐपण आर्ट, योग तथा वनों का समावेश किया गया था। इस उपलब्धि से उत्तराखण्ड की धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर, कला एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में हुआ। 05 अप्रैल, 2023 से 18 मई 2023 तक प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में झांकी का प्रदर्शन जनमानस के सम्मुख किया जाएगा। मानसखण्ड झांकी के संबंध में 02 मिनट की वीडियो भी तैयार की गई है। इस शॉर्ट फिल्म का एल.ई.डी. के माध्यम से जन सामान्य हेतु प्रसारण किया जाएगा। समस्त जनपद मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के सहयोग से स्थानीय विधायक की उपस्थिति में झांकी से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

Hanuman Jayanti 2023 : गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर जारी की एडवाइजरी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है कि उत्तराखण्ड स्थापना के 22 वर्ष के इतिहास में पहली बार हमारे राज्य की झांकी को देश के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक परेड के अवसर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह सभी उत्तराखण्डवासियों की सांझी उपलब्धि है। सभी उत्तराखण्डवासियों व इस झांकी में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों तथा झांकी के निर्माण व प्रस्तुतिकरण से जुड़े लोगों को विशेष बधाई एवं शुभकामनाएँ। मानसखण्ड झांकी (Mansakhand tableau) में राज्य के प्रमुख धाम जागेश्वर धाम, उत्तराखण्ड की संस्कृति, कला को दर्शाया गया है। मानसखण्ड झांकी उत्तराखण्ड के सभी ब्लॉक मुख्यालयों व मुख्य शहरों में 05 अप्रैल से लेकर 18 मई तक भ्रमण पर रहेगी। इससे राज्य के सभी जगहों के लोग विशेषकर बच्चे इस झांकी से अवगत हो पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार द्वारा मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहरों के पुनरुद्धार के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक सूचना श्री आशीष त्रिपाठी, झांकी लीडर श्री के0 एस0 चौहान, आचार्य मनमोहन लोहनी उपस्थित थे।

Hanuman Jayanti 2023 : गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर जारी की एडवाइजरी

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नई दिल्ली। Hanuman Jayanti 2023   बुधवार को गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में सभी राज्यों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। बता दें कि रामनवमी के मौके पर देश में कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी। जिसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है।

Covid 19 Update : कोरोना केस का नया रिकॉर्ड, 4 दिन में मौतों की रफ्तार 200% बढ़ी

गृह मंत्रालय की एडवाइजरी

हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2023) की तैयारी को लेकर मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। राज्य सरकारों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। इसके अलावा त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले लोगों की निगरानी करने को भी कहा है।

पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार से पूछा कि हनुमान जयंती को देखते हुए राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को हनुमान जयंती के मौके पर शांति बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने दिया था रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम और हिरणमय भट्टाचार्य की पीठ ने राज्य सरकार को इस संबंध में एक पूरक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें रिसड़ा में हिंसा के कारणों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

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Covid 19 Update : कोरोना केस का नया रिकॉर्ड, 4 दिन में मौतों की रफ्तार 200% बढ़ी

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Covid 19 Update : एक बार फिर देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। जिससे सरकार और लोगो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। बता दें कि संक्रमण के चलते जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। हर रोज मिलने वाले नए मरीजों के मामले में भारत पहले से ही दुनिया के टॉप-10 देशों की सूची में शामिल हो गया था। अब मौतों के मामलों में भी भारत टॉप-10 देशों में शामिल हो गया है।

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24 घंटे में 4,435 लोग संक्रमित (Covid 19 Update)

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के अंदर देश में रिकॉर्ड 4,435 लोग संक्रमित पाए गए। ये पिछले 163 दिन के आंकड़ों में सबसे अधिक है। इसी के साथ देश में एक्टिव केस की संख्या 23 हजार 91 पहुंच गई है। एक्टिव केस का मतलब ऐसे मरीज, जिनका अभी इलाज चल रहा है।

24 घंटे में 15 मौतें

कोरोना से होने वाली मौतें भी बढ़ गईं हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 15 लोगों ने जान गंवा दी। इनमें चार-चार केरल और महाराष्ट्र में मौतें हुईं। छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पुडुचेरी और राजस्थान में एक-एक कोरोना संक्रमित ने जान गंवा दी। अब तक संक्रमण के चलते कुल पांच लाख 30 हजार 916 मौतें हो चुकी हैं।

New Delhi : CM धामी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से की शिष्टाचार भेंट

 

New Delhi : CM धामी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से की शिष्टाचार भेंट

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देहरादून: New Delhi   मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से सौंग बांध पेयजल परियोजना हेतु 1774 करोड़ की धनराशि का वित्तपोषण भारत सरकार के पूंजीगत व्यय हेतु विशेष सहायता के अन्तर्गत कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से  देहरादून की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।

Rajasthan Right To Health Bill : राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  देहरादून नगर एवं इसके उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से नलकूप के द्वारा की जा रही है, जिसके फलस्वरूप भूजल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है। देहरादून की बढ़ती हुई आबादी के कारण पेयजल की मांग निरन्तर तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसके कारण वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भविष्य की पेयजल मांग को पूर्ण करने में सक्षम नहीं होगी। इस समस्या के दृष्टिगत व भविष्य में सतत पेयजल की सुविधा प्रदान करने हेतु गंगा नदी की सहायक नदी सौग नदी पर सौंग बांध पेयजल परियोजना प्रस्तावित है प्रस्तावित परियोजना की कुल लागत रू0 2021 करोड़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण से 150 एम.एल.डी. पेयजल ‘गुरुत्व’ के माध्यम से देहरादून नगर व इसके उपनगरीय क्षेत्रों के लगभग 10 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। परियोजना के निर्माण उपरान्त पेयजल व्यवस्था की नलकूपों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे भूजल दोहन में भारी कमी आएगी जिसके फलस्वरूप भू जल स्तर में बढ़ोतरी होगी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आयेगी एवं भविष्य में नए नलकूपों एवं उन पर होने वाले संचालन व रखरखाव संबंधी व्यय में भी भारी कमी आएगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के निर्माण से झील का निर्माण होगा जो कि क्षेत्र में पर्यटन को बढावा देगा, जिससे रोजगार सृजन होगा एवं स्थानीय नागरिकों के आय में वृद्धि होगी। झील निर्माण से पर्यावरण को भी लाभ होगा।

इस परियोजना का एक अन्य मुख्य लाभ बाढ़ नियंत्रण है, परियोजना के निर्माण के फलस्वरूप देहरादून जनपद के 10 ग्रामों की लगभग 15000 आबादी को सौंग नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ से सुरक्षा प्रदान होगी। परियोजना देहरादून नगर के जलापूर्ति हेतु अत्यन्त महत्वपूर्ण है परियोजना से सम्बन्धित सभी आवश्यक तकनीकी वन भूमि हस्तान्तरण स्टेज-1 एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियाँ सम्बन्धित विभागों/मंत्रालयों से प्राप्त की जा चुकी है। परियोजना से प्रभावित होने वाले कुटुम्बों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन हेतु व्ययभार (रू. 247 करोड़) राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

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Rajasthan Right To Health Bill : राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान 

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जयपुर। Rajasthan Right To Health Bill : विधानसभा चुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत जनता को लुभाने के लिए लगातार बड़े एलान कर रहे हैं। इस बीच सीएम अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए बताया कि राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य राजस्थान बन गया है।

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सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दी जानकारी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘मुझे प्रसन्नता है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बन गई है और राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुझे आशा है कि आगे भी डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप पूर्ववत यथावत रहेगी।

आइए जानें क्या है राइट टू हेल्थ

बता दें कि स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक को हाल ही में राजस्थान विधानसभा में पास कराया गया था। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक राजस्थान के निवासियों को निजी प्रतिष्ठानों सहित अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं में मुफ्त इलाज का अधिकार देने का प्रयास करता है। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक में कहा गया है कि राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी पूर्व भुगतान के आपातकालीन चिकित्सा सेवा मिलेगी, जिसमें निजी प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।

विधेयक में क्या है प्रावधान (Rajasthan Right To Health Bill)

बता दें कि इस विधेयक में सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क उपलब्ध होंगी, जिसमें ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, डॉक्टरों की सलाह, दवाइयां, जांच, आपात स्थिति में एंबुलेंस शामिल होंगी। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों को निर्धारित नियमानुसार नि:शुल्क एंबुलेंस, उपचार एवं बीमा का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा निजी और सरकारी अस्पतालों में आवश्यक शुल्क या शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना किसी भी आकस्मिक मामले में आपातकालीन उपचार उपलब्ध होगा। इन आकस्मिक मामलों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय किए गए आपातकाल के अलावा सांप का काटना, जानवर का काटना शामिल है।

विधेयक को लेकर हुआ विरोध

इससे पहले स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक के विरोध में राजस्थान में जमकर प्रदर्शन देखने को मिले थे। बीते महीने मार्च में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बाहर कई डॉक्टरों ने अपने पंजीकरण, मार्कशीट और स्वास्थ्य के अधिकार विधेयक की प्रतियां जलाकर इसका विरोध किया था। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया था कि उनके द्वारा रखे गए सुझावों को विधेयक में शामिल नहीं किया गया है।

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