Sunday, August 2, 2026
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परीक्षा टिप्स: हावी न होने पाए तनाव तैयारियों पर

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बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही अंतिम दो दिन का प्रदर्शन परिणाम को आकार देने में महत्वपूर्ण होते हैं। अब जब बहुत कम समय बचा है, तो आप इन अंतिम क्षणों का किस तरह उपयोग करते हैं, यह आपके परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। यह आपकी तैयारी को निखारने, तनाव को प्रबंधित करने और यह सुनिश्चित करने का समय है कि आप आगे आने वाली चुनौतियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह से तैयार हैं। इन महत्वपूर्ण अंतिम दिनों में आपका मार्गदर्शन करने और परीक्षा के दिन सफलता के लिए आपको तैयार करने के लिए यहाँ कुछ प्रमुख रणनीतियाँ दी गई हैं।

मुख्य अवधारणाओं को संशोधित करें: इन महत्वपूर्ण अंतिम घंटों में, अपने अध्ययन की नींव बनाने वाली आधारभूत अवधारणाओं को मजबूत करने पर अपने प्रयासों को केंद्रित करना अनिवार्य है। संक्षिप्त लेकिन व्यापक सारांश, महत्वपूर्ण सूत्र और मुख्य सिद्धांतों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें, जो परीक्षा में शामिल होने की सबसे अधिक संभावना है। पूरे पाठ्यक्रम को बदलने का प्रयास करने के बजाय, अपना ध्यान उन आवश्यक विषयों पर फिर से केंद्रित करें जहाँ आप कम सुरक्षित महसूस कर सकते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपकी तैयारी का प्रत्येक क्षण कुशल और उद्देश्य-संचालित हो। अपने संशोधन को सबसे प्रासंगिक क्षेत्रों में सुव्यवस्थित करके, आप अपनी समझ को मजबूत करेंगे और सामग्री में अपना आत्मविश्वास बढ़ाएँगे।

परीक्षा की परिस्थितियों का अनुकरण करें:

परिशोधन के लिए सबसे प्रभावी तरीका उन परिस्थितियों में अभ्यास करना है जो परीक्षा के माहौल को दर्शाती हैं। एक विकर्षण-मुक्त अध्ययन क्षेत्र बनाएँ, एक टाइमर सेट करें, और पिछले पेपर या नमूना प्रश्नों पर सख्ती से काम करें जैसे कि आप परीक्षा हॉल में हैं। यह गहन अभ्यास न केवल आपके समय प्रबंधन कौशल को बढ़ाएगा बल्कि आपको उन प्रारूपों और प्रश्नों के प्रकारों से भी परिचित कराएगा जिनका आप सामना कर सकते हैं। समय के दबाव में प्रश्नों को हल करने का कार्य आपके संयम को बनाए रखने और गंभीरता से सोचने की क्षमता को बढ़ाता है, यह सुनिश्चित करता है कि आप वास्तविक परीक्षा की चुनौतियों को स्पष्टता और सटीकता के साथ नेविगेट करने में सक्षम हैं।

संयम और सकारात्मकता बनाए रखें:

आसन्न परीक्षाओं का सामना करते हुए, एक शांत और आशावादी मानसिकता विकसित करना आवश्यक है। अपनी तैयारी की गहराई पर भरोसा करें, और इस विश्वास को अपनाएँ कि आपके पास सफल होने के लिए ज्ञान और कौशल हैं। किसी भी संदेह या चिंता को सशक्त बनाने वाले प्रतिज्ञानों से बदलें, अपनी उत्कृष्टता प्राप्त करने की क्षमता को मजबूत करें। एक शांत, आत्मविश्वासी व्यवहार आपको अधिक तेज़ी से ध्यान केंद्रित करने, अधिक स्पष्ट रूप से सोचने और प्रत्येक प्रश्न को व्यवस्थित रूप से हल करने में सक्षम बनाएगा। नकारात्मक विचारों को दूर करके और एक सकारात्मक मानसिक स्थिति को बढ़ावा देकर, आप परीक्षा के दौरान अपने चरम पर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक लचीलेपन से खुद को लैस करते हैं।

आराम को प्राथमिकता दें: अंतिम समय में संशोधन की उन्मत्त भीड़ के बीच, पर्याप्त नींद की पुनर्स्थापनात्मक शक्ति को कम नहीं आंकना महत्वपूर्ण है। नींद केवल एक शारीरिक आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक संज्ञानात्मक अनिवार्यता है – स्मृति समेकन और मानसिक स्पष्टता के लिए महत्वपूर्ण है। 7 से 8 घंटे की आरामदायक नींद का लक्ष्य रखें, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपके मस्तिष्क को आपके द्वारा पढ़ी गई सामग्री को संसाधित करने और ठोस बनाने का अवसर मिले। देर रात तक रटने के आकर्षण से बचें, क्योंकि नींद की कमी न केवल आपकी संज्ञानात्मक क्षमताओं को ख़राब करेगी बल्कि परीक्षा के दिन जानकारी को प्रभावी ढंग से याद करने की आपकी क्षमता में भी बाधा डालेगी। एक आराम करने वाला दिमाग जटिल कार्यों को नेविगेट करने में कहीं अधिक कुशल और सक्षम होता है।

अपनी सामग्री को व्यवस्थित करें: तैयारी मानसिक तत्परता से लेकर व्यावहारिक तत्परता तक फैली हुई है। परीक्षा के लिए ज़रूरी सभी चीज़ों को सावधानीपूर्वक व्यवस्थित करना ज़रूरी है- आपका एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, स्टेशनरी और कोई भी दूसरी ज़रूरी चीज़। ये छोटे लेकिन महत्वपूर्ण काम पहले से ही निपटा लेने चाहिए, ताकि आप परीक्षा हॉल में शांत और आश्वस्त होकर प्रवेश कर सकें। परीक्षा से एक शाम पहले अपने सामान की दोबारा जाँच करें और सुनिश्चित करें कि सब कुछ सही जगह पर है। आखिरी समय में भागदौड़ करने के जोखिम को खत्म करके, आप अपने दिमाग को अनावश्यक विकर्षणों से मुक्त करते हैं, जिससे आप परीक्षा में धैर्य और ध्यान के साथ आगे बढ़ पाते हैं।

पौष्टिक भोजन करें: आपके शरीर और दिमाग को ऐसे पोषण की ज़रूरत होती है जो पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला हो। पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को प्राथमिकता दें जो पूरे दिन संज्ञानात्मक कार्य को बनाए रखने में मदद करता हो। जटिल कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर हल्का लेकिन संतुलित भोजन चुनें- साबुत अनाज, ताज़ी सब्जियाँ और ओमेगा-3 से भरपूर मछली बेहतरीन विकल्प हैं। भारी, चिकना भोजन से बचें जो सुस्ती या बेचैनी का कारण बन सकता है और अत्यधिक चीनी या कैफीन का सेवन करने से बचें, जिससे ऊर्जा में कमी आ सकती है। इसके अलावा, हाइड्रेशन सर्वोपरि है – सुनिश्चित करें कि आप अपने शरीर और मस्तिष्क को इष्टतम स्तर पर कार्य करने के लिए पर्याप्त पानी पी रहे हैं। सही ईंधन के साथ, आप अपनी अंतिम तैयारियों और परीक्षा के दौरान मानसिक तीक्ष्णता और शारीरिक सहनशक्ति बनाए रखेंगे।

विकर्षणों को कम करें: जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती है, ऐसा माहौल बनाना जरूरी है जो गहन एकाग्रता को बढ़ावा दे। सोशल मीडिया, अत्यधिक टेलीविजन या अनावश्यक सामाजिकता जैसे समय लेने वाले विकर्षणों में शामिल होने से बचें। इसके बजाय, प्रत्येक के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों के साथ केंद्रित, उद्देश्यपूर्ण अध्ययन सत्रों के लिए खुद को प्रतिबद्ध करें। अपनी पढ़ाई की संरचना करें

अपने मानसिक स्वास्थ्य का पोषण करें: बढ़ते दबाव के बीच, अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज़रूरी है। तनाव के उच्च स्तर आपके ध्यान और संज्ञानात्मक कार्य को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे विश्राम और मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देने वाले अभ्यासों में शामिल होना और भी ज़रूरी हो जाता है। अपने अध्ययन की दिनचर्या में नियमित ब्रेक शामिल करें, जिससे आपका दिमाग रीसेट और तरोताज़ा हो सके। गहरी साँस लेना, ध्यान लगाना या हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे ध्यानपूर्ण अभ्यासों पर विचार करें – ये गतिविधियाँ चिंता को काफी कम कर सकती हैं और एकाग्रता में सुधार कर सकती हैं। यदि अभिभूत होने की भावनाएँ उठती हैं, तो चिंतन के शांत क्षणों में सांत्वना की तलाश करें या किसी विश्वसनीय मित्र या गुरु से जुड़ें। एक संतुलित दिमाग एक उत्पादक दिमाग होता है, और अपने मानसिक स्वास्थ्य का पोषण करके, आप यह सुनिश्चित करते हैं कि आप परीक्षा में शांत, केंद्रित और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें।

इन अंतिम दो दिनों में व्यवस्थित, शांत और केंद्रित रहना सुनिश्चित करेगा कि आप आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में प्रवेश करें।

डॉ. अनीता वर्मा, प्रिंसिपल, पेस्टल वीड कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, देहरादून

N GAMES: उत्तराखंड सौ पार, तालिका में सातवें स्थान पर

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उत्तराखंड ने लगाया पदकों का शतक, रचा इतिहास
राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में उत्तराखंड ने छुआ 101 का शुभ आंकड़ा
-आज तक किसी राष्ट्रीय खेल में नहीं बरसे इतने पदक
-गोवा में आए थे 24 पदक, इस बार चमत्कारिक प्रदर्शन

DEHRADUN। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के समापन से कुछ घंटे पूर्व ही उत्तराखंड ने पदकों का शतक लगाकर इतिहास रच दिया है। गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में सिर्फ 24 पदक उत्तराखंड ने जीते थे और पदक तालिका में वह 25 वें स्थान पर रहा था। इस बार पदकों की संख्या और पदक तालिका में उत्तराखंड कुल 101 पदकों के साथ सातवें नंबर पर नजर आया।
अपने घरेलू मैदान में मेजबान उत्तराखंड के खिलाड़ियोें ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले राष्ट्रीय खेलों में जहां सिर्फ तीन स्वर्ण पदक उत्तराखंड ने देखे थे, वहीं इस बार स्वर्णिम सफलता की बयार चली है। उत्तराखंड ने 24 स्वर्ण पदक झटके हैं। इसके अलावा, 35 रजत और 42 कांस्य पदकों के साथ कुल 101 पदक अपने खाते में डाल दिए हैं। पदकों के मामले में देखा जाए, तो तालिका में उत्तराखंड से सिर्फ सर्विसेज, महाराष्ट्र, हरियाणा ही आगे हैं। इस लिहाज से उत्तराखंड का चौथा नंबर है, लेकिन स्वर्ण पदकों की कुल संख्या से होने वाले आंकलन के चलते उसका सातवां नंबर बना है।

स्वर्ण पदक ज्यादा होने के कारण कर्नाटक, मध्य प्रदेश व तमिलनाडू जैसे राज्य पदक तालिका में उत्तराखंड से आगे हैं।

38 NATIONAL GAMES: महाराष्ट्र का जलवा, जिम्नास्टिक में लहराया परचम

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38वें राष्ट्रीय खेल में महाराष्ट्र का जलवा, जिम्नास्टिक में लहराया परचम

देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे 38वें राष्ट्रीय खेल के जिम्नास्टिक स्पर्धा के पांचवें दिन में महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। खासतौर पर रिदमिक और एरोबिक जिम्नास्टिक में महाराष्ट्र का दबदबा देखने को मिला।
रिदमिक जिम्नास्टिक: हूप और बॉल में महाराष्ट्र का दबदबा
हूप इवेंट में महाराष्ट्र की परीना राहुल मदनपोतरा ने 24.850 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनकी साथी खिलाड़ी किमाया अमलेश करले 24.150 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। हरियाणा की लाइफ अदलखा ने 24.050 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
बॉल इवेंट में महाराष्ट्र की किमाया अमलेश करले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 25.950 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। जम्मू-कश्मीर की मुस्कान राणा 25.750 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि उनकी साथी मान्या शर्मा ने 25.050 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
एरोबिक जिम्नास्टिक: मणिपुर, गुजरात और पश्चिम बंगाल की धाक
महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में मणिपुर की अरिहा पांगंबम ने 18.450 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। पश्चिम बंगाल की माजिदा खातून को 17.350 अंकों के साथ रजत मिला, जबकि कांस्य पदक गुजरात की प्रकृति कमल शिंदे और महाराष्ट्र की गौरी चंद्रकांत ब्रह्मणे (15.750) ने संयुक्त रूप से जीता।
पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में गुजरात के मीत परेशभाई कोसंबिया ने 18.750 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के आर्य पवन शाह 18.050 अंकों के साथ रजत पदक विजेता बने, जबकि पश्चिम बंगाल के अनिकेत चक्रवर्ती (17.150) ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
मिश्रित जोड़ी स्पर्धा में पश्चिम बंगाल के अब्दुल हमीद चौधरी और साहिना गुप्ता ने 16.300 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। मणिपुर के मुतुम रोमेश सिंह और थोइतोलेंबी चानू (15.250) को रजत पदक मिला, जबकि महाराष्ट्र की मानसी किरण देशमुख और श्रीपद मंगलराव हराल (15.200) ने कांस्य पदक हासिल किया।
समूह स्पर्धा में महाराष्ट्र की टीम (16.600) ने स्वर्ण पदक जीता। गुजरात (15.750) को रजत और मणिपुर (15.530) को कांस्य पदक मिला।
महाराष्ट्र का दबदबा बरकरार
एरोबिक जिम्नास्टिक की विभिन्न श्रेणियों में महाराष्ट्र ने कुल चार पदक अपने नाम किए, जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं और रिदमिक में 2 स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। इस शानदार प्रदर्शन के साथ महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय खेल में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता कर लिया है।

UCC: गोपनीयता से समझौता नहीं, नहीं मिलेगी थर्ड पार्टी सूचना

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यूसीसी में किसी को भी नहीं मिलेगी थर्ड पार्टी सूचना

सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किए गए हैं सख्त प्रावधान

DEHRADUN: उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के तहत, सेवाओं के पंजीकरण के समय दी जाने वाली जानकारियों तक किसी भी तीसरे व्यक्ति की पहुंच नहीं हो पाएगी। यूसीसी की तहत होने वाले पंजीकरण की सिर्फ संख्या ही सार्वजनिक हो पाएगी, इसमें किसी की भी व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होगी।
अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक समान नागरिक संहिता में सूचनाओं की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यूसीसी की किसी भी सेवा के लिए दी जाने वाली निजी जानकारी (नाम, पता, मोबाइल, आधार नंबर, धर्म, जाति आदि ) का विवरण किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं होगा। सार्वजनिक तौर पर यूसीसी के तहत होने वाले पंजीकरण की संख्या मात्र उपलब्ध होगी, जो वेबसाइट पर नजर भी आने लगी है। इसके अलावा जिस व्यक्ति ने यूसीसी के तहत किसी सेवा के लिए आवेदन किया हो, सिर्फ वही व्यक्ति खुद या किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त आवेदन के जरिए खुद के आवेदन से संबंधित जानकारी ही मांग ही सकता है। इसके अलावा और किसी भी व्यक्ति तक सूचनाओं की पहुंच नहीं है।
अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक, यूसीसी के तहत होने वाले पंजीकरण की जानकारी भी थाना पुलिस तक सिर्फ रिकॉर्ड के लिए भेजी जाएगी। ऐसे किसी पंजीकरण में दिए गए विवरण तक संबंधित थाना प्रभारी की पहुंच भी, एसएसपी की निगरानी में हो सकेगी। साथ ही यदि किसी भी स्तर पर सूचनाओं का दुरप्रयोग होता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड की संस्कृति को भी लगे पंख

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राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने देखी देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति: मुख्यमंत्री

टनकपुर के बूम में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

टनकपुर को एक बड़े राफ्टिंग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री धामी

38 वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

एक संवाद उत्तराखंड की वंशिका के लिए बन गया खास दिन

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प्रधानमंत्री से सीधा संवाद जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि : वंशिका

-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 36 छात्र छात्राओं से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में किया सीधा संवाद

-उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मुनाकोट आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा वंशिका राणा भी उन 36 छात्र छात्रों में शामिल

-प्रधानमंत्री से धैर्य सीखा और वह अपने जीवन में धैर्य लाने का प्रयास करेगी : वंशिका

देहरादून : परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के आठवें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश भर के 36 छात्र छात्राओं से सीधा संवाद किया।इन 36 बच्चों में से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ,मुनाकोट की 12वीं की छात्रा वंशिका राणा ने भी प्रधानमंत्री से कार्यक्रम में सीधा संवाद किया।

प्रधानमंत्री मोदी का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम इस साल विशेष रूप से परीक्षा से संबंधित तनाव को कम करने पर केंद्रित रहा। वंशिका राणा ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है कि वह प्रधानमंत्री से सीधा संवाद कर पाईं और उनसे अनेक मुद्दों पर बातचीत की। वंशिका ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से धैर्य सीखा और वह अपने जीवन में अभी धैर्य लाने का प्रयास करेगी , ताकि उन्हें जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिले। साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान विभिन्न प्रदेशों से आए बच्चों से भी उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला।

उन्होंने कहा कि उनके जीवन की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री जी से संवाद करना है। वंशिका ने बताया कि पीएम को देखते ही उनका आधा तनाव समाप्त हो गया।

इसी कड़ी में विद्यालय के बच्चों ने कहा कि उनके बीच की छात्रा को प्रधानमंत्री के साथ देख वह काफी रोमांचित हुए। वंशिका के सहपाठियों ने इसे काफी गर्व का क्षण बताया कि उनकी एक सहपाठी बड़े मंच पर प्रधानमंत्री के साथ नज़र आईं।

वंशिका की उपलब्धि से उनके विद्यालय में हर्ष का माहौल है। विद्यालय की छात्राओं के साथ ही वंशिका की शिक्षिकाएं भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रही है। स्कूल की प्रधानाचार्य कनक गैड़ा ने इसे विद्यालय के लिए गौरवशाली पल बताया।

वहीं, वंशिका की उपलब्धि से उसके परिवार में भी खुशी का माहौल है। वंशिका की माता रेखा ने कहा कि वंशिका की इस उपलब्धि पर उन्हें काफी गर्व है। उन्होंने इसके लिए विद्यालय की शिक्षिकाओं का भी आभार जताया।

एसटीएफ की बड़ी कार्यवाही: भालू की पित्त के साथ वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार

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जनपद पिथौरागढ़ के पिथौरागढ़ फारेस्ट रेंज से की गयी वन्यजीव तस्कर की गिरफ्तारी, बरामद पित्त 1-2 वर्ष पुरानी होने की सम्भावना।।

एसटीएफ व वन प्रभाग की टीमें कर रही विस्तृत पूछताछ , नेपाल के बैतड़ी जिले का रहने वाला है शातिर तस्कर ,कई और लोगों के भी अपराध में शामिल होने की आशंका।।

देहरादून: राज्य में वन्य जीव अंगो की अवैध तस्करी में लिप्त तस्करों की अवैध गतिविधियों की रोकथाम व धरपकड़ के क्रम में गठित एसटीएफ की कुमायूँ युनिट द्वारा पिथौरागढ़ वन प्रभाग व WCCB को साथ लेकर एक ऑप्रेशन में आज पिथौरागढ़ फोरेस्ट रेंज स्थित शिलोनी अड़किनी तिराहे के पास से एक वन्यजीव तस्कर शेरी राम पुत्र झुपरी राम निवासी ग्राम रोड़ी देवल, विजुल जिला बेतड़ी अंचल महाकाली ,नेपाल को 02 भालू की पित्त के साथ गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार तस्कर लम्बे समय से वन्यजीव अंगो की तस्करी में लिप्त था एसटीएफ की इस कार्यवाही में मुख्य आरक्षी महेन्द्र गिरि व किशोर कुमार की विशेष भूमिका रही।
वन्यजीव तस्करों का लम्बे समय से नेपाल से भारत में वन्यजीव अंगो की तस्करी करने का इनपुट एसटीएफ के पास आया था जिसपर एसटीएफ की टीम को गोपनीय रुप से इसपर कार्यवाही करने हेतु लगाया गया था, आज जब ये तस्कर माल को बेचने के लिए भारत आया तो इसे टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः-
1.शेरी राम पुत्र झुपरी राम निवासी ग्राम रोड़ी देवल, विजुल जिला बेतड़ी अंचल महाकाली नेपाल उम्र 65 वर्ष।
बरामदगी का विवरणः-
02 भालू की पित्त ।

राष्ट्रीय खेल में पहली बार शामिल हुआ “बीच कबड्डी”, खिलाड़ियों में जोश

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राष्ट्रीय खेल में पहली बार बीच कबड्डी को शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों में उत्साह देखा गया। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवपुरी में गंगा तट पर आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल के तहत बीच कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ कल 9 फरवरी हुआ। खिलाड़ियों ने इस ऐतिहासिक निर्णय का श्रेय उत्तराखंड बीच कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश जोशी को दिया।

उत्तराखंड बीच कबड्डी पुरुष टीम के कप्तान रविंद्र सिंह ने बताया कि वे पहले भी बीच कबड्डी खेल चुके हैं और कांस्य पदक जीत चुके हैं, लेकिन तब इसे राष्ट्रीय खेल में मान्यता नहीं मिली थी।

महिला टीम की कप्तान पूजा मेहरा ने भी इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा।

उत्तराखंड टीम की शानदार शुरुआत

बीच कबड्डी के उद्घाटन मैच में उत्तराखंड की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत की।

इस पर उत्तराखंड बीच कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश जोशी ने कहा, “बीच कबड्डी में उत्तराखंड का भविष्य अच्छा है। बीच कबड्डी को पहली बार राष्ट्रीय खेल में शामिल किया गया है, इसके लिए प्रदेश सरकार बधाई की पात्र है। शुरूआत में दोनों मैच पुरुष और महिला वर्ग में उत्तराखंड की टीमों ने जीते हैं। इस धरती से उत्तराखंड की टीम मेडल जीतकर जाएगी।”

इस बार पहली बार बीच कबड्डी को शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों में नए उत्साह और उमंग का संचार हुआ है।

सीएम धामी ने महाकुंभ 2025 में स्थापित उत्तराखण्ड मंडपम का अवलोकन किया

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Prayagraj: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश पहुंचकर महाकुंभ 2025 में स्थापित किए गए उत्तराखण्ड मंडपम का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड मंडपम में आए तीर्थ यात्रियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज महाकुंभ 2025 में उत्तराखण्ड मंडपम की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड मंडपम में राज्य के तीर्थ यात्रियों को प्रदान की जा रही आवासीय सुविधा एवं भोजन व्यवस्थाओ का भी जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड मंडपम से महाकुंभ में देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं। उत्तराखण्ड मंडपम श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही महाकुंभ में उत्तराखंड का अहसास करवाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड मंडपम के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। महाकुंभ में उत्तराखण्ड राज्य के देवभूमि स्वरूप के प्रदर्शन के साथ ही राज्य की कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री की भी व्यवस्था की गयी है, जो सराहनीय पहल है।

सुबह खाली पेट गरम पानी पीने के फायदे उत्तराखंड का जोशीमठ धंस रहा है हालात बेहद डरवाने Zinc Rich Foods, Fruits & Vegetables for women’s diet Yoga Poses to Relieve Period Cramps Yoga Day 2023 : 9 Best Yoga Poses For Beginners
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