Friday, July 31, 2026
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The Kerala Story Screening : विवादों के बीच JNU में हुई The Kerala Story की स्क्रीनिंग

नई दिल्ली। The Kerala Story Screening : विवादों में घिरी फिल्म द केरल स्टोरी दो दिन बाद फिल्म रिलीज होने वाली है। इस बीच द केरल स्टोरी की स्क्रीनिंग जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रखी गई। जहां डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने फिल्म को लेकर बात भी की। जेएनयू में हुई द केरल स्टोरी की स्क्रीनिंग (The Kerala Story Screening) के दौरान सुदीप्तो सेन के साथ फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल शाह और एक्ट्रेस अदा शर्मा भी मौजूद रहीं। स्क्रीनिंग पर बात करते हुए डायरेक्टर ने कहा, “लोगों को इस फिल्म को देखना चाहिए, अगर फिल्म पसंद आती है तो ये मेरे लिए सबसे बड़ी जीत होगी।”

Sharad Pawar resigned : शरद पवार के बाद NCP में लगी इस्तीफों की झड़ी

कोर्ट पर है पूरा भरोसा : सुदीप्तो

सुदीप्तो ने कहा, “हमें हमारे कोर्ट पर 100 प्रतिशत भरोसा है, कोर्ट ने पहले ही एक रिपोर्ट में ये कह दिया है कि फिल्म कला का एक हिस्सा है। ये कोई हेट स्पीच नहीं है। इसलिए, हमें लगता है कि हमें न्याय मिलेगा। आखिर में सत्य की ही जीत होती है।”

द केरल स्टोरी में 3 लड़कियों की कहानी दिखाई गई है

द केरल स्टोरी में 3 लड़कियों की कहानी दिखाई गई है, जिसमें से एक लड़की अफगानिस्तान की जेल में बंद है। दूसरी लड़की ने आत्महत्या कर ली है और उसके परिवार वाले अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, तीसरी लड़की के साथ बार-बार शारीरिक शोषण किया गया और अब वो छिपी हुई है, क्योंकि अपराधी उसका पीछा कर रहे हैं।

कोर्ट ने रिलीज को रोकने से किया इनकार

द केरल स्टोरी की कहानी को लेकर अब कई समुदाय आपत्ति जता चुके हैं। यहां तक कि रिलीज से चंद दिन पहले फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई थी, जिसमें द करेल स्टोरी की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने रिलीज को रोकने से इनकार कर दिया।

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Sharad Pawar resigned : शरद पवार के बाद NCP में लगी इस्तीफों की झड़ी

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मुंबई। Sharad Pawar resigned : मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने अपने पद से इस्तीफा देने वाली बात से सबको चौंका दिया था। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शरद पवार से फैसले को वापस लेने की मांग की इस दौरान कार्यकर्ता भावुक नजर आए। इस बीच शरद पवार पार्टी पदाधिकारियों से मिलने के लिए यशवंतराव चव्हाण सेंटर पहुंचे, लेकिन इस बीच जितेंद्र आव्हाड समेत कई नेताओं ने अपना पद छोड़ (Sharad Pawar resigned) दिया है। बुधवार को शरद पवार हमेशा की तरह यहां यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पार्टी कार्यकर्ताओं सहित लोगों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा एनसीपी नेता अजित पवार भी यशवंतराव चव्हाण पहुंचे।

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जितेंद्र आव्हाड ने राष्ट्रीय महासचिव के पद से दिया इस्तीफा

समाचार एजेंसी एएनआइ ने कहा कि मैंने राष्ट्रीय महासचिव के अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और मैंने अपना इस्तीफा शरद पवार को भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की पवार की घोषणा के बाद ठाणे एनसीपी के सभी पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया है।

मंगलवार को शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने की थी घोषणा

दरअसल, शरद पवार ने मंगलवार को कहा था कि वह NCP के प्रमुख पद से इस्तीफा दे रहे हैं। पवार ने NCP की स्थापना साल 1999 में की थी। उन्होंने राजनीति से सन्यास लेने का एलान किया है। हालांकि, पवार के एक कार्यक्रम में की गई इस घोषणा से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया साथ ही उन्होंने पवार से फैसला वापस लेने की मांग की।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने कहा कि शरद पवार को अपने फैसले पर सोचने के लिए उन्हें दो-तीन दिन का वक्त चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं को शरद पवार के संदेश से अवगत कराते हुए उनके भतीजे अजित पवार ने NCP पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे शरद पवार के इस अप्रत्याशित फैसले के विरोध में अपने पदों से इस्तीफा नहीं दें।

Sharad Pawar : NCP के अध्यक्ष पद से शरद पवार ने किया इस्तीफे का एलान

Char dham Yatra : बर्फबारी के कारण फ‍िर रुकी केदारनाथ यात्रा

देहरादून: Char dham Yatra आज मंगलवार को भी केदारनाथ में बर्फबारी जारी है। सोमवार के बाद यहां मंगलवार तड़के बर्फबारी हुई। वहीं डीजीपी अशोक कुमार ने यह जानकारी दी कि सोनप्रयाग में रोके गए यात्रियों को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। जिसके बाद फ‍िर सुबह साढ़े 11 बजे यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोक दिया गया है। मौसम के अलर्ट के चलते दोपहर बाद ऋषिकेश और श्रीनगर से भी यात्रा को रोक दिया गया है।

Sharad Pawar : NCP के अध्यक्ष पद से शरद पवार ने किया इस्तीफे का एलान

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के लिए रात आठ बजे बाद आवागमन बंद

वहीं पुलिस ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए रात आठ बजे बाद किसी प्रकार का आवागमन नहीं होगा। वहीं रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा वाहन के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी

केदारनाथ जाने वाले करीब तीन हजार यात्री रोके

केदारनाथ में हो रही बर्फबारी व मौसम विभाग के अलर्ट के चलते सोनप्रयाग में यात्रियों को रोक दिया गया है। सुबह 11.30 बजे सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने वाले करीब तीन हजार यात्री रोके गए हैं। वहीं सोनप्रयाग से अब तक नौ हजार से अधिक यात्री रवाना हो चुके हैं। बता दें कि बीते तीन दिन से केदारनाथ में हो रही बर्फबारी व मौसम विभाग के अलर्ट के चलते सीमित संख्या में यात्री भेजे जा रहे हैं।

डीजीपी ने लिया यात्रा व्यवस्था का जायजा

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने मंगलवार को सोनप्रयाग व गौरीकुण्ड पहुंचकर पुलिस व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्‍होंने केदारनाथ धाम (Char dham Yatra) पैदल जा रहे यात्रियों से संवाद किया। यात्रियों द्वारा पालकी काउंटर पर अत्यधिक भीड़ के नियंत्रण के अनुरोध पर उपस्थित चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड को पालकी बुकिंग काउंटर पर यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से खड़ा कराने हेतु पुलिस बल नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। गौरीकुण्ड में पुलिस व्यवस्थाओं को और अधिक दुरुस्त किये जाने के निर्देश दिये गये।

केदारघाटी में दस हजार से अधिक यात्री विभिन्न पड़ावों पर ठहराए

बता दें कि सोमवार सुबह से ही केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी होने से प्रशासन ने सोनप्रयाग में साढ़े दस बजे बाद यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी, साथ ही रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास पर भी केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को बदरीनाथ की ओर मोड़ दिया गया। यात्रियों से अपील की गई कि पहले बदरीनाथ के दर्शन करें या फिर मौसम ठीक होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरे, इसके बाद ही केदारनाथ दर्शनों को जाएं। सोनप्रयाग, सीतापुर, गुप्तकाशी, रामपुर, फाटा समेत केदारघाटी के विभिन्न पड़ावों में दस हजार से अधिक यात्री ठहराए गए।

सोमवार को सुबह से ही केदारनाथ धाम (Char dham Yatra) में बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो पूरे दिन जारी रही। बर्फबारी में ही यात्री दर्शनों के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते प्रशासन ने सोनप्रयाग में सुबह 10.30 पर सोनप्रयाग से यात्रियों के जाने पर रोक लगा दी। कुल 6678 यात्री ही रवाना हुए। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास पर भी सैकड़ों यात्रियों को जो केदारनाथ जाना चाहते थे, उन्‍हें बदरीनाथ की ओर मोड़ दिया गया। साथ ही यात्रियों से निवेदन किया गया कि केदारनाथ धाम में दो से तीन दिन तक मौसम विभाग का अलर्ट है, जिसको देखते हुए मौसम ठीक होने पर ही केदारनाथ दर्शनों को जाए।

डीएम की यात्रियों से अपील

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने केदारनाथ दर्शनों को आने वाले यात्रियों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा अगले 2-3 दिनों तक अलर्ट जारी किया गया है, तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश एवं हिमपात की संभावना के दृष्टिगत केदारनाथ धाम दर्शन को आ रहे तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत मौसम ठीक होने तक जो यात्री जिस स्थान पर हैं उसी स्थान पर रहें तथा रुक-रुक कर यात्रा करें। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें।

यात्रियों की पुलिस कर रही मदद

भारी बर्फबारी के बीच श्री केदारनाथ धाम दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं की मदद में पुलिस बढ़ चढ़कर भाग ले रही है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस बल को श्रद्धालुओं के सुरक्षा प्रबन्धन के साथ ही उनकी सेवा व मौसम के अनुरूप मार्गदर्शन करने के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस उपाधीक्षक केदारनाथ यात्रा विवेक कुमार के नेतृत्व में केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस बल द्वारा धाम तक पहुंच चुके श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराये जा रहे हैं। असहाय व बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद की जा रही है। सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद सम्भव हो सके तो वापस जाने की सलाह दी जा रही है।

Virat Kohli vs Gautam Gambhir : आखिर क्यों हुई विराट और गौतम के बीच लड़ाई?

 

Sharad Pawar : NCP के अध्यक्ष पद से शरद पवार ने किया इस्तीफे का एलान

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नई दिल्ली। Sharad Pawar :  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने अहम एलान किया है। शरद पवार एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे। पवार ने मंगलवार दोपहर एनसीपी अध्यक्ष पद को छोड़ने की घोषणा की है। मुंबई में अपनी आत्मकथा ‘Lok Majhe Sangaayi’ के विमोचन के दौरान उन्होंने इस्तीफे का एलान किया। 82 वर्षीय शरद पवार ने कहा, ‘मुझे पता है कब रुकना है। मैंने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की एक समिति गठित की है, जो अगले अध्यक्ष के बारे में फैसला करेगी।’ बता दें कि शरद पवार के साथ उनकी पत्नी प्रतिभा भी मौजूद थीं।

Virat Kohli vs Gautam Gambhir : आखिर क्यों हुई विराट और गौतम के बीच लड़ाई?

भावुक हुए एनसीपी कार्यकर्ता

शरद पवार के पार्टी अध्यक्ष पद (Sharad Pawar) के इस्तीफा देते ही पार्टी कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ता हैरान रह गए। इस दौरान कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारेबाजी करने लगे। पार्टी नेता शरद पवार से अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान कुछ नेता शरद को मनाते नजर आए। कुछ पदाधिकारी तो भावुक भी हो गए।

कांग्रेस के रवैये से खफा थे अजीत पवार’

हमने चर्चा में बहुत नरम रुख अपनाया था लेकिन उनकी प्रतिक्रिया स्वागत योग्य नहीं थी. ऐसी ही एक मुलाकात में मैं भी आपा खो बैठा और मेरा मानना ​​था कि यहां आगे कुछ भी चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. जिससे मेरी ही पार्टी के कई नेताओं को झटका लगा था. अजीत के चेहरे से साफ जाहिर हो रहा था कि वह भी कांग्रेस के इस रवैये से खफा हैं. मैं बैठक से चला गया लेकिन अपनी पार्टी के अन्य सहयोगियों से बैठक जारी रखने के लिए कहा. कुछ समय बाद मैंने जयंत पाटिल को फोन किया और बैठक की प्रगति के बारे में पूछा, उन्होंने मुझे बताया कि अजीत पवार मेरे (शरद पवार) तुरंत बाद चले गए.

Supreme court news : तलाक को लेकर Supreme Court का बड़ा फैसला

 

Virat Kohli vs Gautam Gambhir : आखिर क्यों हुई विराट और गौतम के बीच लड़ाई?

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नई दिल्ली। Virat Kohli vs Gautam Gambhir : ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच गर्मागर्मी हुई हो, बल्कि इससे पहले भी जब 2013 में गौतम गंभीर कोलकाता के कप्तान थे तब भी इन दोनों के बीच लड़ाई देखने को मिली थी। एक बार फिर लखनऊ के इकाना स्टेडियम में विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जुबानी जंग इस कदर बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई। विवाद को बढ़ता देख लखनऊ और आरसीबी के खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा।

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कैसे हुई कोहली-गंभीर के बीच विवाद की शुरुआत

दरअसल, मैच में विराट कोहली ने दो बेहतरीन कैच लपके और उसके बाद वह जमकर जश्न मनाते हुए नजर आए। कोहली ने मुंह पर उंगली रखते हुए लखनऊ के दर्शकों की ओर इशारा किया। हालांकि, जश्न में किया गया यह एक्शन गौतम गंभीर के लिए था। गौरतलब है कि आरसीबी और लखनऊ के बीच इस सीजन हुई पहली भिड़ंत में लखनऊ ने मैच की आखिरी गेंद पर बाजी मारी थी। जीत के बाद लखनऊ के मेंटोर गौतम गंभीर ने चिन्नास्वामी में मुंह पर उंगली रखकर फैन्स को चुप कराने की कोशिश की थी। कोहली ने भी गंभीर की हूबहू नकल उतारी।

क्या था पूरा मामला ?

दरअसल, आईपीएल 2023 (IPL 2023) के 43वें मुकाबले में आरसीबी टीम को 18 रन से जीत मिली। लेकिन, इस मैच के बाद विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच एक तीखी बहस छिड़ (Virat Kohli vs Gautam Gambhir)  गई। बता दें कि मैच खत्म होने के बाद सभी खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे थे। इस दौरान विराट कोहली जैसे ही लखनऊ सुपर जायटंस के खिलाड़ी काइल मेयर्स से हाथ मिलाया और उनसे बात की तो लखनऊ के मेंटोर गौतम गंभीर मेयर्स को पीछे खींचते हुए नजर आए। ऐसे में ये कयास लगाया जा रहा है कि गौतम गंभीर के इस व्यवहार पर विराट कोहली काफी भड़क गए और कप्तान फाफ डुप्लेसी से कुछ कहने लगे।

इस बीच गौतम गंभीर अपना आपा खो बैठे और गुस्से में विराट कोहली से भिड़ने पहुंच गए। इकाना के मैदान का पारा इतना गर्म हो गया कि हर कोई ये देख दंग रह गया। दोनों का गुस्सा इस लेवल का था कि ये जुबानी जंग कब हाथापाई में बदल जाए इसका कोई भरोसा नहीं था। ऐसे में फाफ डुप्लेसी, केएल राहुल और अमित मिश्रा ने बीच में आकर मामले को शांत कराया।

Karnataka Election 2023 : कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने जारी किया संकल्प पत्र

 

Supreme court news : तलाक को लेकर Supreme Court का बड़ा फैसला

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नई दिल्ली। Supreme court news   सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने सोमवार को कहा कि शादी अगर टूटने की कगार पर है तो वह अपनी तरफ से तलाक का आदेश दे सकती है। पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर अदालत यह आदेश दे सकती है।

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न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ (Supreme court news)  ने कहा कि आपसी सहमति से तलाक के लिए लागू 6 महीने इंतजार की कानूनी बाध्यता भी जरूरी नहीं होगी। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत पूर्ण न्याय करने का अधिकार है। बेंच में जस्टिस संजीव खन्ना, ए एस ओका, विक्रम नाथ और जे के माहेश्वरी भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि हमने अपने निष्कर्षों के अनुरूप यह माना है कि इस अदालत के लिए विवाह के अपरिवर्तनीय टूटने के आधार पर विवाह को भंग करना संभव है। यह सार्वजनिक नीति के विशिष्ट या मौलिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं करेगा।

क्या था मूल मुद्दा?

संविधान पीठ के पास भेजे गए मामले में मूल मुद्दा यह था कि क्या हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को समाप्त किया जा सकता है। हालांकि, सुनवाई के दौरान पीठ ने इस मुद्दे पर विचार करने का निर्णय लिया कि क्या विवाहों को अपरिवर्तनीय टूटने के आधार पर भंग किया जा सकता है फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा कि यह कभी भी संदेह या बहस में नहीं रहा कि शीर्ष अदालत को संविधान के अनुच्छेद 142 (1) के तहत ‘पूर्ण न्याय’ करने का अधिकार है। न्यायमूर्ति खन्ना ने पीठ की ओर से फैसला सुनाते हुए कहा, “हमने माना है कि इस अदालत के दो निर्णयों में निर्दिष्ट आवश्यकताओं और शर्तों के अधीन छह महीने की अवधि समाप्त की जा सकती है।”

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 29 सितंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ इस बात पर भी विचार कर रही थी कि क्या अनुच्छेद 142 के तहत इसकी व्यापक शक्तियां किसी भी तरह से बाधित होती हैं, जहां एक विवाह अदालत की राय में अपरिवर्तनीय रूप से टूट गया है, लेकिन एक पक्ष तलाक का विरोध कर रहा है।

संविधान का अनुच्छेद 142 क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 142(1) के तहत अपने न्यायाधिकार का प्रयोग करते समय सुप्रीम कोर्ट ऐसे निर्णय या आदेश दे सकता है, जो इसके समक्ष लंबित पड़े किसी भी मामले में पूर्ण न्याय प्रदान करने के लिये अनिवार्य हो। इसके तहत दिये गये निर्णय या आदेश तब तक लागू रहेंगे, जब तक इससे संबंधित कोई अन्य प्रावधान लागू नहीं कर दिया जाता। शीर्ष अदालत ने अयोध्या भूमि विवाद मामले में इसी अनुच्छेद का प्रयोग किया गया था।

अनुच्छेद 142 के तहत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस तरह के अधिकार क्षेत्र का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए या क्या इस तरह के अभ्यास को हर मामले के तथ्यों में निर्धारित करने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए, सहित दो प्रश्नों को पहले ही एक संविधान पीठ को भेजा गया था।

Little Scholars School : में आयोजित कार्यक्रम का CM धामी ने किया शुभारंभ

Karnataka Election 2023 : कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने जारी किया संकल्प पत्र

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Karnataka Election 2023 : भाजपा ने कर्नाटक में होने वाले चुनाव के लिए संकल्प पत्र जारी कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बेंगलुरु में भाजपा मुख्यालय से घोषणापत्र जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा मौजूद रहे। इस संकल्प पत्र को प्रजा ध्वनि का नाम दिया गया है।

Little Scholars School : में आयोजित कार्यक्रम का CM धामी ने किया शुभारंभ

भाजपा ने क्या वादे किए?

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कर्नाटक (Karnataka Election 2023) में वादों का एलान किया। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में राज्य में भी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए पैनल गठन करने का वादा किया गया है।
इसके अलावा बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त तीन सिलेंडर दिए जाएंगे। यह सिलेंडर उन्हें युगाड़ी, गणेश चतुर्थी और दीपावली के मौके पर उपलब्ध होंगे।
किसानों को बीज के लिए 10 हजार रुपये दिए जाएंगे
हर वॉर्ड में अटल आहार केंद्र बनाने का एलान
इसके अलावा पांच लाख के ऋण पर कोई ब्याज न लगने की बात कही गई है
बीपीएल परिवारों के लिए भाजपा ने पांच किलो श्रीअन्न देने का वादा किया है
वहीं, बीपीएल परिवारों को आधा लीटर नंदिनी दूध देने का भी वादा किया गया
घोषणापत्र जारी करने के बाद समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ‘‘भारत का संविधान हमें समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति देता है। सभी के लिए न्याय और किसी का भी तुष्टीकरण नहीं, यही हमारी नीति है।’’

Modi Surname Case : गुजरात हाई कोर्ट राहुल गांधी की याचिका पर 2 मई को करेगा सुनवाई

Little Scholars School : में आयोजित कार्यक्रम का CM धामी ने किया शुभारंभ

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ऊधमसिंह नगर/देहरादून:  Little Scholars School  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लिटिल स्कॉलर्स स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने  कहा कि वर्ष 1983 में स्व.मेजर शिवनाथ भल्ला जी ने इस विद्यालय के रूप में जिस पौधे की नींव रखी थी, वह आज वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि  एक सामान्य परिवार में जन्मे मेजर शिवनाथ भल्ला जी ने पहले तो एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की है और फिर बच्चों को शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारने के लिए लिटिल स्कॉलर्स विद्यालय की नींव रखी।  कठिन परिश्रम और संघर्षों से भरा भल्ला जी का जीवन और पुरुषार्थ हम सभी के लिये प्रेरणादायी है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और हमारे उत्कृष्ट समाज के निर्माण में शिक्षा और गुरु का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं, इसके साथ ही हमारी संस्कृति में गुरु या शिक्षक अपने काम को केवल एक पेशा मात्र नहीं मानते, उनके लिए पढ़ाना एक मानवीय संवेदना है, एक पवित्र नैतिक कर्तव्य है,  इसीलिए हमारे यहां शिक्षक और बच्चों के बीच प्रोफेशनल रिश्ता नहीं होता, बल्कि एक पारिवारिक रिश्ता होता है और ये रिश्ता, ये संबंध जीवन भर का होता है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक व्यक्ति बचपन से जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है, उससे न केवल उसके परिवार का बल्कि समाज और देश का चरित्र भी निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि प्यारे बच्चो, हम अपना कल कैसा चाहते हैं इसके लिए हमें अपने आज पर काम करना होगा।  हमारा भविष्य कैसा होगा, यह हमारा वर्तमान तय करता है। उन्होंने  कहा कि लिटिल स्कॉलर्स विद्यालय (Little Scholars School) में आज उस भविष्य को गढ़ने की नींव रखी गई है, जो कल के उत्कृष्ट उत्तराखंड और नए भारत का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्तमान समय के अनुसार नई शिक्षा नीति (Little Scholars School) को हमारे सम्मुख रखा गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे। इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से युवा कुशलता के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परख शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी ।  शोध एवंअनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि  उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया है।

कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, दीवान सिंह बिष्ट, मेयर ऊषा चौधरी, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग मुकेश कुमार, पूर्व सांसद के.सी. सिंह बाबा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, बीजेपी जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, सहित गुरविंदर सिंह चंडोक, दीपक बाली, खिलेंद्र चौधरी, जिलाधिकारी युगल किशोर, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, नगर आयुक्त विवेक राय, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, सीमा विश्वकर्मा, राकेश तिवारी आदि उपस्थित थे।

Mukhtar Ansari Gangster Case : मुख्‍तार अंसारी को गैंगस्टर मुकदमे में 10 साल की सजा

Modi Surname Case : गुजरात हाई कोर्ट राहुल गांधी की याचिका पर 2 मई को करेगा सुनवाई

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अहमदाबाद। Modi Surname Case  शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। 2 मई की तारीख गुजरात हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई और फैसले के लिए निर्धारित की है। बता दे कि इस मामले पर न्यायमूर्ति हेमंत एम प्रच्छक सुनवाई कर रहे हैं। 26 अप्रैल को हाईकोर्ट की एक जज गीता गोपी ने केस से अलग हो गई थीं। मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की विपक्षी नेता राहुल गांधी की याचिका पर अंतिम सुनवाई 2 मई को की जाएगी।

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जज ने खुद को केस से किया अलग

राहुल गांधी की वकील ने जज गीता गोपी द्वारा खुद को अलग करने की जानकारी दी गई थी। उनकी वकील चंपानेरी ने कहा था कि अदालत की तरफ से मामले को बुधवार को सुनने की अनमति दी गई थी। फिर सुनवाई के लिए मामला आया तो उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया।

23 मार्च को सूरत सेशन कोर्ट ने सुनाई सजा

23 मार्च को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत सूरत में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर 2019 के एक मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले के बाद संसद से राहुल गांधी सदस्यता को खत्म कर दिया गया था।

जानें क्या था पूरा मामला

2019 में राहुल गांधी चुनावी प्रचार को लिए कर्नाटक दौरे पर थे। 13 अप्रैल, को कोलार में उन्होंने रैली के दौरान मोदी उपनाम को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके खिलाफ पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला (Modi Surname Case) दर्ज किया। इसमें राहुल के द्वारा कहा गया था कि ‘सभी चोरों का उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?’

Writer Cramp : सिविल जज परीक्षा में राइटर्स क्रैम्प से पीड़ित उम्मीदवार के लिए खुशखबरी

Mukhtar Ansari Gangster Case : मुख्‍तार अंसारी को गैंगस्टर मुकदमे में 10 साल की सजा

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गाजीपुर। Mukhtar Ansari Gangster Case  15 साल पुराने गैंगस्टर के मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी-एमएलए कोर्ट में सांसद अफजाल अंसारी व मुख्तार अंसारी पर चल रहे मुकदमे में फैसला सुनाया गया। इस केस में मुख्‍तार अंसारी को दस वर्ष की कैद और पांच लाख का जुर्माना लगा है। साथ ही अफजाल पर फैसला थोड़ी देर में फैसला सुनाया जाएगा।

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वर्ष 29 नवंबर 2005 में गैंगस्टर के मामले (Mukhtar Ansari Gangster Case)  में पुलिस ने तत्कालीन भाजपा विधायक कृष्णानंद राय, उनके गनर सहित सात लोगों की बसनिया गांव के सामने गोलियों से भूनकर हत्या करने का मुकदमा को भी आधार बनाया था। इसके अलावा कोयला व्यवसायी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण कांड को भी शामिल किया था। हालांकि इन दोनों मामले में अंसारी बंधु बरी हो चुके है। सांसद के मुकदमे में कोर्ट के फैसले को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। एसपी आफिस के पास बैरिकेड़िंग कर दी गई है। नगर के लंका स्टैंड, सिंचाई विभाग चौराहा, शास्त्रीनगर, नगरपालिका चौराहा समेत अन्य स्थानों पर भारी पुलिस बल लगा हुआ है।

22 नवंबर 2007 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल और वाराणसी के मामले को गैंग चार्ट में शामिल करते हुए सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी के खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें सांसद अफजाल अंसारी जमानत पर हैं। 23 सितंबर 2022 को सांसद अफजाल अंसारी एवं मुख्तार अंसारी के विरुद्ध न्यायालय में प्रथम दृष्टया आरोप तय हो चुका है।

अभियोजन की तरफ से गवाही पूरी होने के बाद बहस पूरी हो गई। फैसले के लिए कोर्ट ने 15 अप्रैल की तिथि नियत की थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण फैसला नहीं आ सका था। शनिवार को यानी आज फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की गई है।

गैंगस्टर में इन मुकदमों को बनाया था आधार

पुलिस ने अफजाल अंसारी व मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर में निरुद्ध करने में मुहम्मदाबाद से अफजाल को हराकर भाजपा से विधायक बने कृष्णानंद राय की हत्या और कोयला व्यवसायी रुंगटा कांड को आधार बनाया था। हालांकि दोनों मामले में अफजाल बरी हो चुके हैं। इसी को आधार बनाकर अफजाल ने गैंगस्टर के खिलाफ हाइकोर्ट गए थे। तर्क दिया था कि जब मेन केस में बड़ी हो गए तो इसको आधार बनाकर की गई गैंगस्टर की कार्रवाई निरस्त होनी चाहिए। हालांकि राहत नहीं मिली थी।

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