Tuesday, July 28, 2026
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Commercial Cylinder : कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी, 3071.50 रुपये पहुंचा दाम

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Commercial Cylinder :  कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में एक मई यानी आज से बड़ा इजाफा हुआ है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आज से 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। दिल्ली में आज से 19 किलो के सिलिंडर की कीमत 3071.50 रुपये होगी। घरेलू सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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वहीं, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश की सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद घरेलू विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह निर्णय एयरलाइनों और उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही, पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की खुदरा कीमतों को भी स्थिर रखा गया है।

बढ़ोतरी पर इंडियन ऑयल ने क्या कहा?

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, आम जनता को प्रभावित करने वाले प्रमुख ईंधनों की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। एटीएफ की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इनपुट लागत के आधार पर संशोधन किया जाता है। हालांकि, घरेलू एयरलाइनों के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय वाहकों के लिए कीमतों में वृद्धि हुई है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव नहीं

आईओसी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें उन उपभोक्ताओं के लिए अपरिवर्तित रहीं, जो कुल खपत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसी तरह, लगभग 33 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी (14.2-किलोग्राम सिलिंडर) की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित केरोसिन की कीमतों में भी कोई वृद्धि नहीं हुई है।

कुल मिलाकर, पेट्रोलियम उत्पादों का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है जिसकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता सुनिश्चित हुई है। तेल कंपनियों ने बताया कि मूल्य संशोधन केवल चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित हैं, जिनकी खपत में अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है और जो वैश्विक बेंचमार्क के आधार पर नियमित मासिक समायोजन के अधीन हैं।

कमर्शियल सिलिंडरों के बढ़ाए दाम

बयान में यह भी कहा गया है कि थोक और वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों (कुल खपत का 1 प्रतिशत से कम) की कीमतों में संशोधन किया गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय विमानन संचालन के लिए थोक डीजल और एटीएफ की कीमतों में वृद्धि की गई है, हालांकि इसके विशिष्ट विवरण नहीं दिए गए हैं।

साथ ही, लगभग चार प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गिरावट भी देखी गई है, जो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। कुल मिलाकर, लगभग 80 प्रतिशत उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, चार प्रतिशत में कमी आई और 16 प्रतिशत – मुख्य रूप से औद्योगिक ईंधन – में कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।

CABINET MEETING DECISIONS : धामी कैबिनेट में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, जानिये डिटेल

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कोलकाता। West Bengal election :  बंगाल में दूसरे चरण के मतदान दौरान डायमंड हार्बर समेत कई केंद्रों पर ईवीएम की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग अब एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने ‘हाई-लेवल’ जांच शुरू कर दी है।

CABINET MEETING DECISIONS : धामी कैबिनेट में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, जानिये डिटेल

विशेष रूप से डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र की स्थिति पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां स्पेशल रोल आब्जर्वर सुब्रत गुप्ता स्वयं स्ट्रांग रूम का मुआयना किया।

स्ट्रांग रूम में ‘स्पेशल स्क्रूटनी’

डायमंड हार्बर विमेंस कालेज स्थित स्ट्रांग रूम, जहां ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है, वहां सुब्रत गुप्ता की मौजूदगी ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, वे मशीनों की सीलिंग, सुरक्षा मानकों और संरक्षण पद्धति की गहन जांच कर रहे हैं। आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि इस जमीनी जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि क्षेत्र में पुनर्मतदान की आवश्यकता है या नहीं।

77 शिकायतों ने बढ़ाई आयोग की सख्ती

केवल डायमंड हार्बर ही नहीं, बल्कि दूसरे चरण के मतदान के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से ईवीएम से छेड़छाड़ और गड़बड़ी की कुल 77 गंभीर शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग ने वेबकास्ट फुटेज और संबंधित बूथ अधिकारियों की रिपोर्ट खंगालना शुरू कर दिया है।

बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने इस मामले पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि आयोग “जीरो टालरेंस” की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ या तकनीकी धांधली की पुष्टि होगी, वहां बिना किसी देरी के पुनर्मतदान कराया जाएगा।

राजनीतिक आरोप और प्रशासनिक सक्रियता

मतदान के बाद से ही भाजपा ने ईवीएम के बटन पर टेप लगाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का दावा है कि दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में कई बूथों पर पारदर्शिता के साथ समझौता किया गया। इन आरोपों के बीच, एक विशेष पर्यवेक्षक को भेजने का निर्णय चुनाव आयोग की सक्रियता और निष्पक्षता के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा आम है कि सुब्रत गुप्ता की रिपोर्ट ही अब इस चुनावी भविष्य का फैसला करेगी। जब तक स्क्रूटनी की यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट जमा नहीं होती, तब तक आयोग किसी भी अंतिम निर्णय पर मुहर नहीं लगाएगा। फिलहाल, पूरी सतर्कता के साथ साक्ष्यों की जांच जारी है।

CISCE Result 2026 : कक्षा 10वीं-12वीं के नतीजे घोषित, इस लिंक से करें चेक

CABINET MEETING DECISIONS : धामी कैबिनेट में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, जानिये डिटेल

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देहरादून: CABINET MEETING DECISIONS  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मुख्य रूप से कुंभ मेला में किए जाने वाले स्थाई और अस्थाई कार्यों के लिए कुंभ मेला अधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर के वित्तीय पावर दी गई है. इसके अलावा, परिवहन निगम को 250 नई बसों के खरीदने को मंजूरी मिली है. खास बात यह है कि वन दरोगा भर्ती के लिए पहले शैक्षिक अर्हता इंटरमीडिएट थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर स्नातक कर दिया गया है.

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इन प्रस्तावों पर लगी मुहर(CABINET MEETING DECISIONS)

उत्तराखंड मोटरयान संशोधित नियमावली 2026 के तहत वरिष्ठ प्रवर्तन पर्यवेक्षक, प्रवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों का वर्दी निर्धारण को मिली मंजूरी.
कुंभ मेले में एक करोड़ तक के काम को मेला अधिकारी स्वीकृत कर सकेंगे.
5 करोड़ तक के काम को गढ़वाल आयुक्त स्वीकृत कर करेंगे. उससे ऊपर के काम, शासन स्तर पर होंगे स्वीकृत.
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 के संशोधन को मिली मंजूरी.
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में होंगे. एसिड अटैक विक्टिम को भी शामिल करने का लिया गया निर्णय.
उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन को मिली मंजूरी. रॉयल्टी की दर को 7 रुपए प्रति कुंतल को बढ़ाकर 8 रुपए प्रति कुंटल किया गया.
वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में किए गए संशोधन को मिली मंजूरी.
परिवहन विभाग में 250 बसों को खरीदने संबंधित प्रस्ताव को मिली मंजूरी.
परिवहन निगम को शासन ने 100 बसें खरीदने की मंजूरी दी थी. जिसे अब बढ़कर 109 कर दिया है. जीएसटी की तरह 28 फ़ीसदी से घटकर 18 फ़ीसदी हो गई है. जिसके चलते ये निर्णय लिया गया है.
उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन किया गया है.
वन दरोगा के शैक्षिक अहर्ता को इंटरमीडिएट से बढ़कर स्नातक किया गया है.

वन दरोगा की आयु सीमा बढ़ाकर 21 से 35 साल की गई. वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष की गई.
उत्तराखंड में संचालित 452 मदरसों में से करीब 400 मदरसों में क्लास एक से क्लास 8 तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. इन सभी मदरसों को जिला स्तरीय शिक्षा समिति या सक्षम अधिकारी से ही मान्यता मिल जाएगी. उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से ऐसे मदरसों को संबद्धता था लेनी होगी जो मदरसे 12वीं तक की कक्षा का संचालन कर रहे हैं. ऐसे में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम का अध्यादेश लाने को मंजूरी मिली है.

कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग के प्रतिक्षा सूची को लेकर एसओपी बनाई जाएगी. साथ ही कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग की उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली को मंजूरी मिल गई है. उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई है. धामी कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में 2023 में 2010 पदों पर भर्ती हुई थी. जिसमें से सात पर्दों पर दिव्यांग श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती की जानी थी, लेकिन दिव्यांग श्रेणी के लोग ना मिल पाने के चलते सामान्य लोगों की भर्ती कर ली गई थी. ऐसे में 6 पदों को दिव्यांग श्रेणी के लिए सृजित करने का लिया गया निर्णय.

वित्त विभाग के तहत वर्ग चार्ज कर्मचारियों को पेंशन कैसे दी जाएगी. उनकी कितनी सेवाएं जोड़ी जाएंगी. उसको लेकर शासनादेश जारी किया गया था लेकिन कुछ लोग कोर्ट चले गए थे. इसके बाद कोर्ट ने स्थगन के आदेश दे दिए थे. जिसको मंत्रिमंडल के सम्मुख रखा गया. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के तहत सूचीबद्ध D श्रेणी ठेकेदार को काम करने के लिए 1 करोड़ से बढ़कर 1.50 करोड़ किया गया है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना, प्रदेश की सरकारी कॉलेज के लिए शुरू की गई थी. ऐसे में प्रदेश में मौजूद 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय हैं जहां पर नियमित प्राचार्य हैं, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा. वन क्षेत्र की सीमा में मौन पालन किये जाने को लेकर वन विभाग ने नीति तैयार की है. जिस पर मंत्रिमंडल ने सहमति जाता दी है.

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CISCE Result 2026 : कक्षा 10वीं-12वीं के नतीजे घोषित, इस लिंक से करें चेक

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CISCE Result 2026 :  भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (CISCE) आज सुबह 11 बजे ICSE (कक्षा 10वीं) और ISC (कक्षा 12वीं) के परिणाम 2026 जारी कर दिए हैं। इस परिणाम का इंतजार देशभर के लाखों छात्र कर रहे हैं, जिन्होंने फरवरी से अप्रैल के बीच आयोजित परीक्षाओं में भाग लिया था। छात्र अपना रिजल्ट और ऑनलाइन मार्कशीट आधिकारिक वेबसाइट cisce.org पर देख सकते हैं।

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ऑनलाइन परिणाम देखने के लिए छात्रों को results.cisce.org पोर्टल पर लॉगिन करना होगा, जहां उन्हें अपने एडमिट कार्ड में दिए गए यूनिक आईडी और इंडेक्स नंबर की आवश्यकता होगी। आईसीएसई कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च तक और आईएससी कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 3 अप्रैल तक आयोजित की गई थीं।

इन विवरणों को ध्यान से करें चेक (CISCE Result 2026)

रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट में दी गई सभी जानकारी को ध्यान से चेक करें, जैसे अपना नाम, यूनिक आईडी नंबर, जन्म तिथि, स्कूल का नाम, हर विषय के अंक, ग्रेड, पास या फेल की स्थिति और कुल प्रतिशत। अगर कोई टिप्पणी लिखी हो तो उसे भी जरूर पढ़ें, ताकि अगर कोई गलती हो तो समय पर उसे ठीक कराया जा सके।

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?

आईसीएसई कक्षा 10 की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने आवश्यक होंगे, जबकि आईएससी कक्षा 12 के छात्रों के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत होगी। जो छात्र एक या दो विषयों में पासिंग मार्क्स हासिल नहीं कर पाते, उन्हें सुधार परीक्षा (इम्प्रूवमेंट एग्जाम) देने का अवसर मिलेगा।

कैसे देखें रिजल्ट?

सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट results.cisce.org पर जाएं।
ICSE (10वीं) या ISC (12वीं) के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
अपना UID (Unique ID) और Index Number दर्ज करें।
अब “Submit” बटन पर क्लिक करें।
आपका रिजल्ट और मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
सभी जानकारी ध्यान से जांचें और भविष्य के लिए स्कोरकार्ड डाउनलोड या प्रिंट कर लें।

Rajat Jayanti Samaroh : मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं मंडल में वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की

President Donald Trump : ट्रंप ने होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप जलडमरूमध्य’ किया, सोशल मीडिया पोस्ट पर मचा बवाल

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President Donald Trump :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कुछ ऐसा कर दिया है, जिस पर विवाद हो सकता है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप जलडमरूमध्य कर दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट को री-पोस्ट किया, जिसमें होर्मुज की तस्वीर को ट्रंप जलडमरूमध्य दिखाया गया है। हालांकि जिस यूजर की पोस्ट को ट्रंप ने री-पोस्ट किया है, वह पोस्ट नहीं दिख रही है। पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Rajat Jayanti Samaroh : मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं मंडल में वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की

वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा है होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान की खाड़ी के बीच में स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन समुद्री मार्गों में से एक है। इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है। दुनिया का करीब 20-30 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। ईरान अमेरिका और इस्राइल युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई और दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आया। अब अमेरिका ने भी होर्मुज की नाकाबंदी कर दी है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

अमेरिका ने होर्मुज की नाकाबंदी की हुई है

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम चल रहा है, लेकिन अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की हुई है। ईरान ने समझौते के लिए होर्मुज को खोलने का प्रस्ताव दिया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खारिज कर दिया है। ट्रंप ने होर्मुज की नाकाबंदी को सही बताते हुए कहा कि ‘नाकाबंदी, बमबारी से ज्यादा प्रभावी है। ईरान बुरी तरह फंसा हुआ है और उनका दम घुट रहा है। अभी उनकी स्थिति और खराब होगी।’

ट्रंप का दावा- भारी दबाव में है ईरान की सरकार

ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज नाकाबंदी से ईरान पर भारी दबाव पड़ रहा है और वे जल्द से जल्द समझौता करना चाहते हैं। हालांकि ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद कराने की मांग पर अड़े हैं। इससे गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है। ट्रंप सरकार का मानना है कि होर्मुज की नाकाबंदी से ईरान तेल की आपूर्ति नहीं कर पाएगा और इससे ईरान अंदरूनी तौर पर कमजोर होगा। ट्रंप का दावा है कि ईरान के ऊर्जा केंद्र बंद होने के कगार पर हैं और तेल निर्यात न कर पाने के कारण ईरान की सरकार भारी दबाव में है।

West Bengal elections : बंगाल में वोटिंग के बीच हिंसा, EVM खराबी को लेकर झड़प

Rajat Jayanti Samaroh : मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं मंडल में वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की

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देहरादून : Rajat Jayanti Samaroh  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड वन विकास निगम स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “रजत जयंती समारोह” में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कुमाऊं मंडल में भी वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की। मौन पालन को और बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्र में बी – बॉक्स स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विकास निगम के कर्मचारियों के बच्चों को सम्मानित भी किया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम राज्य की इकोनॉमी के साथ ही इकोलॉजी के लिए भी महत्वपूर्ण है। निगम वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वन उपज के टिकाऊ दोहन, आरक्षित वन क्षेत्रों में खनन और इको-टूरिज्म संचालन का कार्य करता है, साथ ही वन उत्पादों और प्रमाणित लकड़ी की सरकारी आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि वन विकास निगम केवल आर्थिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वन क्षेत्रों से सूखे, मृतप्राय और उखड़े हुए पेड़ों को हटाकर उनकी जगह नए वन क्षेत्र विकसित करने में भी सहयोग कर रहा है। साथ ही, इको-टूरिज्म के माध्यम से युवाओं और छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य कर रहा है।

हिमकाष्ठ मोबाइल एप का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी की बिक्री की जा सकेगी। साथ ही फॉरेस्ट गुड्ज का ऑनलाइन ऑक्शन भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि निगम की आधुनिक ई-नीलामी प्रणाली और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं ने इस क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने का काम किया है। ये डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने अपनी इन 25 वर्षों की यात्रा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष  उत्तराखंड वन विकास निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। ये उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जब नीति और नीयत साफ हो, तो संसाधनों का सही उपयोग विकास को नई दिशा दे सकता है।

इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन (Rajat Jayanti Samaroh)

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि घने जंगल, ऊँचे-ऊँचे शिखर, विशाल ग्लेशियर, पवित्र नदियाँ और समृद्ध जैव विविधता, देवभूमि उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। अपनी इस प्राकृतिक संपदा की रक्षा करना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक धरोहरें राज्य के आर्थिक विकास के लिए ही नहीं बल्कि हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपरा का भी अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी” के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है।

वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में इकोनाॅमी और इकोलाॅजी में समन्वय के साथ वन संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। वन सम्पदाओं को लोगों की आर्थिकी से जोड़ने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में वन विकास निगम ने कुल 627 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। निगम द्वारा नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री मोहन सिंह बिष्ट, श्री सुरेश गड़िया, श्री प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक श्री रंजन कुमार मिश्र, सचिव श्री सी. रविशंकर, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम श्रीमती नीना ग्रेवाल मौजूद थे।

Trump New Tariff : शीर्ष कोर्ट से खारिज टैरिफ की जगह नया शुल्क ला सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप

West Bengal elections : बंगाल में वोटिंग के बीच हिंसा, EVM खराबी को लेकर झड़प

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नई दिल्ली। West Bengal elections :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई जगहों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगर जैसे इलाकों में घटनाएं हुई हैं।

Trump New Tariff : शीर्ष कोर्ट से खारिज टैरिफ की जगह नया शुल्क ला सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप

नदिया जिले के चापड़ा में बूथ नंबर 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट के साथ मारपीट की गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि हमलावर सत्ताधारी टीएमसी से जुड़े थे। इन घटनाओं के कारण कुछ इलाकों में तनाव का माहौल बन गया।

हावड़ा में हंगामा, ईवीएम खराबी से देरी

हावड़ा के एक मतदान केंद्र के बाहर भी हंगामा देखने को मिला। बताया गया कि ईवीएम में खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया तीन बार बाधित हुई। मतदाताओं के अनुसार, नई मशीन लाने के बाद भी उसमें दिक्कत आई, जिसके चलते मतदान शुरू होने में देरी हुई। आखिरकार सुबह करीब 8.30 बजे मतदान शुरू हो सका।

एक मतदाता मयूर जैन ने बताया कि वे सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन मशीन में खराबी के कारण बार-बार मतदान रोका गया। उन्होंने कहा कि अंदर से शोर-शराबा सुनाई दे रहा था और कुछ देर के लिए गेट भी बंद कर दिए गए थे। मयूर जैन के अनुसार, बाद में कुछ लोगों को हंगामा करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया, जिन्हें सीआरपीएफ जवानों ने हटाया।

सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मतदान जारी (West Bengal elections)

स्थिति बिगड़ने के बाद सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। सीआरपीएफ की मौजूदगी में मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू कराई गई। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।

Ganga Expressway : गंगा एक्सप्रेसवे का आज लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी, यूपी को म‍िलेगी आर्थिक संजीवनी

Trump New Tariff : शीर्ष कोर्ट से खारिज टैरिफ की जगह नया शुल्क ला सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप

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Trump New Tariff :  फरवरी में अमेरिकी शीर्ष कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ रद्द करने के बाद ट्रंप ने उसकी जगह अस्थायी आयात कर लागू किए। ये अस्थायी कर अब तीन माह से भी कम समय में खत्म हो रहे हैं। ट्रंप प्रशासन अब अमेरिकी राजकोष में राजस्व प्रवाह बनाए रखने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के चारों ओर राष्ट्रपति की संरक्षणवादी नीति को मजबूत करने के लिए अधिक स्थायी टैरिफ लागू करने के प्रयास कर रहा है।

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इस सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय दो जांचों की सुनवाई करेगा। उम्मीद है कि इससे अमेरिकी टैरिफ का नया दौर शुरू होगा। ये कर आयातकों द्वारा अमेरिका में चुकाए जाते हैं और आमतौर पर ऊंचे दामों से उन उपभोक्ताओं पर डाले जाते हैं जो पहले से ही महंगाई से परेशान हैं। ट्रंप के नवीनतम टैरिफ प्रस्ताव को अदालतों में और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए प्रस्ताव से अधिक मजबूत साबित होने की संभावना है।

साझेदारों के उत्पादन पर होगी सुनवाई

ट्रंप प्रशासन इस बात पर भी सुनवाई करेगा कि क्या अमेरिका के चीन, ईयू और जापान समेत 16 व्यापारिक साझेदार जरूरत से ज्यादा सामान का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे दाम गिर रहे हैं और अमेरिकी निर्माताओं को नुकसान हो रहा है। जिनकी जांच हो रही है, वे अमेरिका के 70% आयात का हिस्सा हैं। एक बार फिर, इस जांच के चलते नए टैरिफ लग सकते हैं।

किन चीजों पर लगाया था टैरिफ?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2026 में वैश्विक व्यापार को फिर से आकार देने के लिए आक्रामक टैरिफ नीतियां अपनाई थीं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने 24 फरवरी 2026 से अधिकांश देशों पर 10% का नया वैश्विक टैरिफ लगाया था, जो 150 दिनों के लिए वैध है। इसके अलावा, स्टील/एल्युमीनियम पर 25% शुल्क और चुनिंदा फार्मा उत्पादों पर 100% तक टैरिफ का प्रस्ताव है।

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हरदोई। Ganga Expressway :  प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (बुधवार) को प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway Inauguration) का लोकार्पण करेंगे। हरदोई के मल्लावां में आयोजित एक समारोह में सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महात्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

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यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को आपस में जोड़ेगा, बल्कि 12 औद्योगिक गलियारों (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टर) के जरिये यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगा। करीब पौने दो घंटे तक चलने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री समेत केंद्र व प्रदेश सरकार के कई कद्दावर मंत्री शामिल होंगे। लोकार्पण समारोह को भव्य स्वरूप देने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिसमें करीब डेढ़ लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है।

शाहजहांपुर के जलालाबाद के समीप बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) की सबसे बड़ी विशेषता शाहजहांपुर के जलालाबाद के समीप बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है। यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है जहां रात्रि व आपातकालीन स्थिति में लड़ाकू विमान लैंड कर सकते हैं। मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाने वाला यह करीब 594 किमी लंबा मार्ग पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वी छोर से जोड़ देगा। लोकार्पण के साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित करने की प्रक्रिया भी तेज होगी।

हरदोई, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और रायबरेली जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण के साथ ही उद्योगों के लिए क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि और व्यापार को गति मिलेगी और लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर से इसका शिलान्यास किया था और अब 2027 के विधान सभा चुनावों से पहले हरदोई के मल्लावां से इसका लोकार्पण कर सरकार अपने विकासवाद के एजेंडे को और मजबूती देगी। यह एक्सप्रेसवे करीब 100 विधान सभा क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।

वर्ष 2029 तक हो जाएगी 3200 किलोमीटर की कनेक्टिविटी

प्रदेश में यूपीडा ने 11 नए एक्सप्रेसवे व लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। भूमि अधिग्रहण किया जा रहा। वर्ष 2029 तक राज्य में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 3200 किलोमीटर हो जाएगी।

वर्तमान में प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क

देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अब 60 प्रतिशत होगी यूपी की हिस्सेदारी।
राज्य में 1910 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे नेटवर्क हुआ तैयार।
मई में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण बाद हो जाएगी 1973 किमी कुल लंबाई।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करा रहा है।
अन्य एक्सप्रेसवे का निर्माण उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कराया।

ये जिले जुड़ेंगे

मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज।

वर्तमान में यूपी में संचालित एक्सप्रेसवे

यमुना एक्सप्रेसवे : 165 किलोमीटर
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे : 302 किलोमीटर
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : 341 किलोमीटर
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : 296 किलोमीटर
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : 91 किलोमीटर
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे: (25 किमी)
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: (96 किमी)

Uttarakhand Assembly : महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर न हो किसी भी प्रकार की राजनीति – CM

Gujarat Local Body Polls : भाजपा ने नौ नगर निगमों में हासिल की जीत; छह अन्य में मतगणना जारी

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Gujarat Local Body Polls :  गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने अब तक 15 में से नौ नगर निगमों में जीत हासिल कर ली है। राज्य में मंगलवार, 28 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी रही। राज्य चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ दल भाजपा ने सुरेंद्रनगर, जामनगर, पोरबंदर, करमसद-आनंद, नडियाद, नवसारी, वापी, सूरत और मोरबी के नगर निगमों में कुल सीटों के आधे से अधिक पर जीत दर्ज की है। मोरबी नगर निगम में भाजपा ने सभी 52 सीटों पर कब्जा किया है। रविवार, 26 अप्रैल को 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन चुनावों को राज्य के सबसे बड़े चुनावी अभ्यासों में से एक माना गया। इसमें लगभग 9,200 सीटों पर 4.18 करोड़ से अधिक पात्र मतदाता शामिल थे।

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स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान प्रतिशत

राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नगर निगमों के लिए 55.1 फीसदी, नगर पालिकाओं के लिए 65.53 फीसदी, जिला पंचायतों के लिए 66.64 फीसदी और तालुका पंचायतों के लिए 67.26 फीसदी मतदान हुआ। नगर निगमों में, कच्छ जिले के नवगठित गांधीधाम में सबसे कम 46.03 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं, वलसाड जिले के वापी में सबसे अधिक 72.29 फीसदी मतदान हुआ। अहमदाबाद नगर निगम में 51.81 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

चुनाव की प्रमुख बातें

नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर सहित नौ नवगठित नगर निगमों में पहली बार मतदान हुआ। चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के संशोधित मानदंडों के तहत हुए, जिसके लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन की आवश्यकता थी। इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और आप मुख्य दावेदार थे, जबकि एआईएमआईएम ने भी कई क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे थे।

कांग्रेस ने 385 सीटों पर कब्जा किया

गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों (Gujarat Local Body Polls ) की शुरुआती मतगणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर मजबूत बढ़त बना ली है। चुनाव अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार सुबह शुरू हुई गिनती के प्रारंभिक दौर में पार्टी ने अब तक 9,200 से अधिक सीटों में से 2,531 सीटों पर जीत दर्ज की है। राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस ने अब तक 385 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि निर्दलीय और अन्य दलों जिनमें आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन शामिल हैं ने 169 सीटों पर कब्जा किया है। प्रारंभिक रुझानों में भाजपा ने क्षेत्रवार भी बढ़त बनाए रखी है। पार्टी ने तालुका पंचायत में 1,165 सीटें, जिला पंचायत में 251, नगरपालिकाओं में 825 और नगर निगमों में 290 सीटें जीतकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे स्थिति मजबूत की है। वहीं कांग्रेस, जो मुख्य विपक्षी दल है, ने तालुका पंचायत में 235 सीटें, जिला पंचायत में 23, नगरपालिकाओं में 118 और नगर निगमों में 8 सीटें हासिल की हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्यभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह नौ बजे से मतगणना शुरू की गई।

निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा

अहमदाबाद नगर निगम (Gujarat Local Body Polls) की कुल 192 सीटों के नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने 54 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस 11 सीटों पर आगे चल रही है। उधर, मेहसाणा नगर निगम में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां की 52 सीटों में से 20 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। वार्ड नंबर 1, 6, 7, 10 और 11 में भाजपा उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। आदलाज, कलोल, मानसा और गांधीनगर क्षेत्रों में अधिकांश सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की। कलोल में घोषित 12 सीटों में से 8 पर भाजपा ने कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 4 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों से पूरे क्षेत्र में भाजपा की मजबूत स्थिति साफ नजर आती है।

इन चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से भी भाजपा सबसे आगे रही। पार्टी के चुनाव चिन्ह पर कुल 9,237 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस ने 8,443 प्रत्याशी उतारे, जबकि आम आदमी पार्टी के सिंबल पर 5,261 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न कराई जाएगी। अहमदाबाद में एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज और गुजरात कॉलेज जैसे केंद्रों पर मतगणना होगी। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।

9000 से ज्यादा सीटों पर फैसला

इस चुनाव में कुल 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। यानी राज्य में 9,000 से अधिक सीटों का भविष्य इस मतगणना से तय होगा। 26 अप्रैल में हुए मतदान के बाद यह राज्य के सबसे बड़े जमीनी स्तर के चुनावी मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस चुनाव में 32,748 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 26,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में बने रहे। कई सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

मतदान प्रतिशत में अंतर

विभिन्न क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला-

नगर निगमों में: 49.02%
नगरपालिकाओं में: 59.50%
जिला पंचायतों में: 61.69%
तालुका पंचायतों में: 62.38%
ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया।

प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला

इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ निर्दलीय और छोटी पार्टियों ने भी हिस्सा लिया। वोटिंग हजारों मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए कराई गई थी।

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